भारतीय रेलवे यात्रियों को सुरक्षित पैकेज्ड पेयजल उपलब्ध कराने के लिए देशभर में 19 Rail Neer प्लांट संचालित कर रहा है। प्रत्येक प्लांट की पानी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन करीब 1 लाख बोतल की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में इसकी जानकारी दी।
देशभर में 19 Rail Neer प्लांट से यात्रियों को मिल रहा पैकेज्ड पानी
रेल मंत्री ने बताया कि देश की प्रमुख ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर Rail Neer पानी की मांग को मौजूदा संचालित प्लांटों के जरिए पूरा किया जा रहा है। रेलवे की कैटरिंग और पर्यटन इकाई IRCTC को जरूरत और मांग के आधार पर नए Rail Neer प्लांट स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
रेलवे के अनुसार, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत समान क्षमता वाला एक Rail Neer प्लांट लगाने में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत आ सकती है। इसमें जमीन की कीमत शामिल नहीं है।
📢 Rail Neer प्लांट और रेलवे सुविधाओं की मुख्य बातें
- प्लांट संख्या: देशभर में 19 Rail Neer प्लांट संचालित
- उत्पादन क्षमता: प्रत्येक प्लांट से करीब 1 लाख बोतल प्रतिदिन
- जिम्मेदारी: नए प्लांट लगाने का काम IRCTC को सौंपा गया
- निवेश: PPP मॉडल में करीब 10 करोड़ रुपये लागत
- उद्देश्य: यात्रियों को सुरक्षित पैकेज्ड पेयजल उपलब्ध कराना
रेलवे ने आग जैसी आपात स्थितियों के लिए बढ़ाई तैयारी
रेल मंत्री ने लोकसभा में यह भी बताया कि भारतीय रेलवे आग जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए लगातार तैयारी कर रहा है। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में होने वाली संभावित घटनाओं को रोकने और उनसे निपटने के लिए कई सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।
रेलवे स्टेशनों पर पोर्टेबल फायर एक्सटिंग्विशर, फायर बकेट और जरूरी स्थानों पर ऑटोमैटिक फायर अलार्म लगाए गए हैं। इसके अलावा स्टेशन मैनेजर, ट्रेन मैनेजर, टिकट क्लर्क, लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट जैसे कर्मचारियों को आग से बचाव, प्राथमिक उपचार और आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग दी जाती है।
स्टेशनों पर आग से बचाव के लिए किए गए इंतजाम
रेलवे स्टेशनों पर कंट्रोल फोन की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके जरिए आग लगने की स्थिति में स्टेशन मास्टर तुरंत बिजली सप्लाई बंद कर सकते हैं। वहीं, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।
रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे स्टेशनों के इलेक्ट्रिकल सिस्टम की नियमित जांच और रखरखाव किया जाता है, ताकि शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं से आग लगने का खतरा कम किया जा सके।
⚠️ रेलवे के आपातकालीन संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था
- Accident Relief Trains: 177 ट्रेनें उपलब्ध
- Breakdown Cranes: 100 हाई कैपेसिटी क्रेन
- Medical Equipment: 170 Accident Relief Medical Equipment
- सुरक्षा उपाय: फायर अलार्म, एक्सटिंग्विशर और प्रशिक्षण
- उद्देश्य: आपात स्थिति में तेजी से राहत पहुंचाना
आपात स्थिति में तेजी से मदद पहुंचाने की व्यवस्था
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए भारतीय रेलवे के पास 177 Accident Relief Trains, 100 हाई कैपेसिटी 140 टन क्षमता वाली Breakdown Cranes और 170 Accident Relief Medical Equipment मौजूद हैं। इन संसाधनों को देशभर में चिन्हित स्थानों पर तैनात किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर पूरे रेल नेटवर्क में तेजी से मदद पहुंचाई जा सके।
Disclaimer: यह जानकारी रेल मंत्रालय द्वारा दी गई सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है।