राम मंदिर दान विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CBI जांच की मांग पर फैसला संभव

अयोध्या राम मंदिर में दान राशि में कथित गड़बड़ी के मामले में सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।

अयोध्या राम मंदिर दान राशि विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। याचिकाकर्ताओं ने मामले की स्वतंत्र जांच और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट में 13 जुलाई को होगी सुनवाई

याचिकाकर्ताओं ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है। इसके अलावा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड की नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से जांच कराने की भी मांग की गई है।

⚖️ राम मंदिर दान मामले की मुख्य बातें

  • सुनवाई की तारीख: 13 जुलाई
  • पीठ: CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना
  • मांग: स्वतंत्र जांच
  • जांच एजेंसी की मांग: CBI
  • वित्तीय जांच: CAG और फोरेंसिक ऑडिट
  • मुख्य मुद्दा: दान राशि में कथित अनियमितता

एक अन्य याचिका में ट्रस्ट के पूरे वित्तीय लेनदेन का फोरेंसिक ऑडिट कराने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं ने दान से जुड़े सभी रिकॉर्ड जैसे नकद राशि, बैंक ट्रांजेक्शन, UPI भुगतान, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज सुरक्षित रखने के निर्देश देने की भी मांग की है।

यह विवाद जून के पहले सप्ताह में सामने आया था, जब अयोध्या राम मंदिर में दान राशि की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं की जानकारी मिली थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था।

SIT जांच में क्या सामने आया?

SIT की शुरुआती जांच में सामने आया कि कथित रूप से गलत तरीके से प्राप्त कुछ धन को शेयर बाजार में लगाया गया और कुछ रकम ब्याज पर दी गई। जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ लेनदेन आरोपियों के रिश्तेदारों और करीबी लोगों के बैंक खातों के जरिए भी किए गए।

🚨 जांच में सामने आए आरोप

  • संदिग्ध गतिविधियां: CCTV फुटेज में पहचान
  • समय अवधि: 27 अप्रैल से 5 जून
  • आरोप: नकदी छिपाने और गलत तरीके से धन लेने के
  • गिरफ्तारी: अब तक आठ लोग
  • अन्य कार्रवाई: कुछ बैंक खाते फ्रीज
  • आरोपों की जांच: SIT द्वारा जारी

जांच में दान गिनने वाले कक्ष की सुरक्षा व्यवस्था में भी खामियां सामने आने की बात कही गई है। आरोप है कि कुछ कर्मचारियों ने कथित तौर पर कपड़ों, जेब और जूतों में नकदी छिपाई। SIT ने CCTV फुटेज में 27 अप्रैल से 5 जून के बीच करीब 70 संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने का दावा किया है।

पुलिस के अनुसार, मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में कुछ आरोपियों पर फर्जी रसीदों के जरिए श्रद्धालुओं से पैसे लेने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने कुछ आरोपियों के रिश्तेदारों से जुड़े बैंक खातों को भी फ्रीज किया है।

ट्रस्ट और सरकार का क्या कहना है?

SIT की रिपोर्ट के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कार्रवाई की है। ट्रस्ट की बैठक में पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने की जानकारी सामने आई है।

वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर ट्रस्ट का बचाव करते हुए कहा कि जांच में करीब 150 लोगों में से केवल कुछ लोगों के खिलाफ ही सबूत मिले हैं। उन्होंने कहा कि पूरे ट्रस्ट पर सवाल उठाना उचित नहीं है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद यह साफ होगा कि मामले की जांच CBI या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाएगी या नहीं।

Disclaimer: यह खबर उपलब्ध जानकारी और जांच रिपोर्टों पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

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