Ravita Engineering IPO: ₹116 करोड़ का आईपीओ, प्राइस बैंड तय

रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज शेयर बाजार में आईपीओ के जरिए 116 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी का आईपीओ एनएसई इमर्ज प्लेटफॉर्म पर आएगा और इसके लिए 1.04 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। शेयरों की कीमत 105 रुपये से 112 रुपये प्रति शेयर तय की गई है। इस आईपीओ में निवेश के लिए मंगलवार से आवेदन किया जा सकेगा।

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रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज आईपीओ की प्रमुख जानकारी

कंपनी को आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल लंबे समय की कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने, भारी मशीनों और उपकरणों की खरीद तथा सामान्य कारोबारी कामकाज के लिए किया जाएगा। इससे कंपनी को अपनी मौजूदा परियोजनाओं को पूरा करने और कारोबार की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। आईपीओ के लिए विवरो फाइनेंशियल सर्विसेज को मुख्य प्रबंधक बनाया गया है, जबकि एमयूएफजी इंटाइम इंडिया रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी संभालेगी।

रविता इंजीनियरिंग आईपीओ की जानकारी

  • आईपीओ का आकार: 116 करोड़ रुपये
  • नए शेयर: 1.04 करोड़
  • प्राइस बैंड: 105 से 112 रुपये प्रति शेयर
  • लिस्टिंग प्लेटफॉर्म: एनएसई इमर्ज
  • मुख्य प्रबंधक: विवरो फाइनेंशियल सर्विसेज
  • रजिस्ट्रार: एमयूएफजी इंटाइम इंडिया

कंपनी का कारोबार और विस्तार की योजना

रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज के चेयरमैन और कार्यकारी निदेशक विभोर अग्रवाल के अनुसार, कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में एचवीएसी और इलेक्ट्रो-मैकेनिकल प्रणालियों के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता विकसित की है। कंपनी तटीय इलाकों में मौजूद औद्योगिक इकाइयों, समुद्र में स्थित तेल और गैस प्लेटफॉर्म तथा डेटा सेंटर जैसी जगहों पर इंजीनियरिंग, उपकरणों की खरीद, स्थापना, चालू करने और रखरखाव से जुड़ी सेवाएं देती है।

अग्रवाल ने कहा कि आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल लंबे समय की कार्यशील पूंजी और भारी उपकरणों की खरीद में करने से कंपनी को अपने मौजूदा ऑर्डर पूरे करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, कंपनी अपनी परियोजनाओं को खुद पूरा करने की क्षमता मजबूत करना चाहती है। डेटा सेंटर जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्र में कारोबार का विस्तार करना भी कंपनी की योजना का हिस्सा है।

कंपनी की विकास योजनाएं और ऑर्डर

  • चल रही परियोजनाएं: 21
  • कुल ऑर्डर: 491 करोड़ रुपये
  • डेटा सेंटर से जुड़े ऑर्डर: 120 करोड़ रुपये
  • आईपीओ की रकम का उपयोग: कार्यशील पूंजी और भारी उपकरणों की खरीद
  • प्रमुख लक्ष्य: मौजूदा परियोजनाओं को पूरा करना और नए ऑर्डर हासिल करने की क्षमता बढ़ाना

एचवीएसी बाजार में बढ़ते अवसर

विवरो फाइनेंशियल सर्विसेज के निदेशक रोशन वैष्णव के अनुसार, भारत में एचवीएसी प्रणालियों की इंजीनियरिंग, खरीद, स्थापना और चालू करने से जुड़े बाजार का आकार वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 81,284 करोड़ रुपये था। उद्योग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसके वित्त वर्ष 2029-30 तक बढ़कर 1.80 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, इन प्रणालियों के संचालन और रखरखाव का बाजार वित्त वर्ष 2024-25 के 36,905 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2029-30 तक 68,205 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।

एचवीएसी प्रणालियों और उनके उपयोग के बारे में अधिक जानकारी के लिए अमेरिकी ऊर्जा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

कंपनी की आय और मुनाफे में बढ़ोतरी

कंपनी तटीय औद्योगिक इकाइयों, समुद्र में स्थित तेल और गैस परियोजनाओं तथा डेटा सेंटर के लिए एचवीएसी से जुड़ी सेवाएं प्रदान करती है। इसका कारोबार परियोजनाओं को पूरा करने और संचालन व रखरखाव के ठेकों पर आधारित है। कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, परिचालन से होने वाली आय वित्त वर्ष 2023-24 में 13 करोड़ रुपये थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 278 करोड़ रुपये हो गई। इसी अवधि में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ 28 करोड़ रुपये रहा।

30 जून तक कंपनी के पास 21 चल रही परियोजनाओं से जुड़े कुल 491 करोड़ रुपये के ऑर्डर थे। इनमें डेटा सेंटर से संबंधित 120 करोड़ रुपये के काम भी शामिल हैं। कंपनी को उम्मीद है कि आईपीओ से मिलने वाली रकम की मदद से वह इन परियोजनाओं को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेगी और भविष्य में नए काम हासिल करने के लिए अपनी क्षमता बढ़ा सकेगी।

रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज आईपीओ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज आईपीओ का आकार कितना है?

रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज इस आईपीओ के जरिए 116 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके लिए कंपनी 1.04 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। आईपीओ में शेयरों का प्राइस बैंड 105 से 112 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है।

2. रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज आईपीओ का प्राइस बैंड क्या है?

इस आईपीओ का प्राइस बैंड 105 रुपये से 112 रुपये प्रति शेयर है। निवेशकों को आवेदन करते समय तय प्राइस बैंड और न्यूनतम आवेदन की शर्तों की जानकारी आधिकारिक दस्तावेजों से जांचनी चाहिए। यहां न्यूनतम लॉट का विवरण उपलब्ध नहीं है।

3. रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज आईपीओ से जुटाई गई रकम कहां खर्च करेगी?

कंपनी आईपीओ से मिलने वाली रकम का उपयोग लंबे समय की कार्यशील पूंजी, भारी मशीनों और उपकरणों की खरीद तथा सामान्य कारोबारी जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। इसका उद्देश्य मौजूदा परियोजनाओं को पूरा करना और भविष्य में कारोबार बढ़ाना है।

4. रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज किस तरह का कारोबार करती है?

कंपनी एचवीएसी और इलेक्ट्रो-मैकेनिकल प्रणालियों से जुड़ी इंजीनियरिंग, उपकरणों की खरीद, स्थापना, चालू करने तथा रखरखाव की सेवाएं देती है। इसके ग्राहक औद्योगिक इकाइयां, समुद्र में तेल और गैस परियोजनाएं तथा डेटा सेंटर जैसे क्षेत्र हैं।

5. रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज के पास कितने करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं?

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 30 जून तक कंपनी के पास 21 चल रही परियोजनाओं से जुड़े कुल 491 करोड़ रुपये के ऑर्डर थे। इनमें डेटा सेंटर से संबंधित 120 करोड़ रुपये के काम शामिल हैं। ये ऑर्डर कंपनी की भविष्य की कारोबारी गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

निष्कर्ष

रविता इंजीनियरिंग सर्विसेज का आईपीओ कंपनी को कार्यशील पूंजी और उपकरणों के लिए धन जुटाने का अवसर देता है। बढ़ते ऑर्डर और डेटा सेंटर क्षेत्र में विस्तार की योजना संभावनाएं दिखाती है। हालांकि, निवेश से पहले आईपीओ दस्तावेज, वित्तीय जोखिम और मूल्यांकन का अध्ययन करना जरूरी है।

अस्वीकरण

यह लेख केवल जानकारी के लिए है। इसे निवेश सलाह न मानें। निवेश से पहले आधिकारिक दस्तावेज पढ़ें और योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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