Refurbished Smartphones: महंगे फोन से पुराने iPhone की मांग बढ़ी

नए स्मार्टफोन की कीमत बढ़ने के साथ भारत में ऐसे फोन खरीदने वालों की संख्या बढ़ रही है जिन्हें पहले कोई दूसरा व्यक्ति इस्तेमाल कर चुका है और जिन्हें जांच तथा मरम्मत के बाद दोबारा बिक्री के लिए रखा जाता है। 2 नवंबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार इस बाजार में पुराने प्रीमियम फोन, खासकर आईफोन के कुछ मॉडल, ग्राहकों का ध्यान खींच रहे हैं। रिपोर्ट में रीफर्बिश्ड इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार करने वाली कंपनी कंट्रोलजेड ने इस त्योहारी मौसम में अपनी बिक्री में 100 प्रतिशत बढ़ोतरी बताई। कंपनी के अनुसार आईफोन 13, 14 और 15 सीरीज की मांग अधिक रही और 30 हजार से 50 हजार रुपये वाला मूल्य वर्ग उसका मजबूत हिस्सा रहा।

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पुराने स्मार्टफोन की मांग क्यों बढ़ रही है?

नए मोबाइल फोन में बेहतर कैमरा, तेज प्रोसेसर और अधिक स्टोरेज जैसी सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन इनकी कीमत भी कई बार आम ग्राहक के बजट से बाहर हो जाती है। ऐसे में लोग पुराने प्रीमियम मॉडल खरीदने पर विचार करते हैं। उन्हें अपेक्षाकृत कम खर्च में अच्छा कैमरा, मजबूत निर्माण और बेहतर प्रदर्शन वाला फोन मिल सकता है। यह विकल्प उन ग्राहकों को आकर्षित करता है जो नया फोन खरीदना चाहते हैं, लेकिन हर साल महंगे मॉडल पर बड़ी रकम खर्च नहीं करना चाहते।

रिपोर्ट में कंपनी के प्रमुख ने कहा कि जब नया शुरुआती स्तर का एंड्रॉयड फोन लगभग उसी कीमत पर मिलता है जिस कीमत में अच्छी हालत वाला पुराना आईफोन मिल सकता है, तो कुछ ग्राहक पुराने प्रीमियम फोन को चुनते हैं। यह बाजार में बदलती पसंद का संकेत है। हालांकि हर ग्राहक के लिए पुराना आईफोन बेहतर विकल्प हो, ऐसा जरूरी नहीं है। फोन की उम्र, बैटरी, सॉफ्टवेयर अपडेट और मरम्मत का इतिहास भी देखना चाहिए।

भारत में पुराने फोन का बाजार कितना बड़ा है?

रिपोर्ट में भारत के पहले से इस्तेमाल किए जा चुके स्मार्टफोन बाजार का आकार करीब पांच करोड़ इकाइयों का बताया गया है। इसमें आईफोन की हिस्सेदारी लगभग 15 से 20 प्रतिशत आंकी गई है। यह अनुमान बाजार की तस्वीर समझने में मदद करता है, लेकिन इसे हर वर्ष बिकने वाले नए फोन की संख्या नहीं समझना चाहिए। पुराने फोन का बाजार अलग तरह से काम करता है, क्योंकि एक ही उपकरण अपने जीवनकाल में कई बार मालिक बदल सकता है।

इस कारोबार में केवल ऑनलाइन बिक्री ही नहीं, बल्कि दुकानों, एक्सचेंज केंद्रों और स्थानीय मोबाइल विक्रेताओं की भी भूमिका होती है। छोटे शहरों में मांग बढ़ने से अधिक ग्राहकों तक जांचे हुए फोन पहुंचाने का अवसर बन सकता है। लेकिन बाजार का बड़ा हिस्सा अभी भी असंगठित है। इसलिए ग्राहक के लिए यह जानना कठिन हो सकता है कि फोन की जांच किसने की, कौन-सा हिस्सा बदला गया और बिक्री के बाद खराबी आने पर सहायता मिलेगी या नहीं।

📱 पुराने स्मार्टफोन बाजार के अहम आंकड़े

  • रिपोर्ट की तारीख: 2 नवंबर 2026
  • बाजार का अनुमान: करीब 5 करोड़ पुराने फोन
  • आईफोन की हिस्सेदारी: लगभग 15 से 20 प्रतिशत
  • कंट्रोलजेड की त्योहारी बिक्री: 100 प्रतिशत बढ़ोतरी
  • मजबूत मूल्य वर्ग: ₹30,000 से ₹50,000
  • छोटे शहरों में एक्सचेंज: तीसरे दर्जे और छोटे शहरों में 49 प्रतिशत वृद्धि

कंट्रोलजेड और कैशिफाई के आंकड़े क्या बताते हैं?

कंट्रोलजेड ने त्योहारी मौसम में 100 प्रतिशत बिक्री वृद्धि की जानकारी दी। कंपनी के अनुसार आईफोन 13, 14 और 15 सीरीज की मांग ने इसमें योगदान दिया। यह एक कंपनी का कारोबार आंकड़ा है, पूरे देश के सभी विक्रेताओं की बिक्री का परिणाम नहीं। इसके बावजूद यह दिखाता है कि ग्राहकों का एक वर्ग नए फोन की जगह जांचे हुए पुराने प्रीमियम उपकरण खरीदने को तैयार है।

रिपोर्ट में कैशिफाई ने बताया कि 50 हजार रुपये से अधिक कीमत वाले रीफर्बिश्ड फोन की बिक्री दोगुने से ज्यादा हुई। इसी मूल्य वर्ग में पुराने फोन को एक्सचेंज करने की संख्या चार गुना से अधिक बढ़ी। कंपनी के अनुसार सभी श्रेणियों में एक्सचेंज की मात्रा 25 प्रतिशत बढ़ी और औसत एक्सचेंज मूल्य 15,105 रुपये रहा। ये आंकड़े बताते हैं कि ग्राहक पुराने फोन की कीमत निकालकर नए या बेहतर उपकरण की ओर बढ़ रहे हैं।

छोटे शहरों में भी यह बदलाव दिखाई दिया। रिपोर्ट के अनुसार तीसरे दर्जे और उससे छोटे शहरों में एक्सचेंज गतिविधि 49 प्रतिशत बढ़ी, जबकि छह बड़े महानगरों में यह वृद्धि 39 प्रतिशत रही। इसका एक कारण यह हो सकता है कि ऑनलाइन सेवाओं और संगठित विक्रेताओं की पहुंच छोटे शहरों तक बढ़ रही है। वहां ग्राहक प्रीमियम फोन कम खर्च में खरीदना चाहते हैं और पुराने फोन के बदले रकम भी प्राप्त करना चाहते हैं।

खरीदने से पहले फोन की जांच कैसे करें?

पुराना फोन खरीदते समय केवल बाहरी रूप देखकर निर्णय न लें। स्क्रीन पर धब्बे, टच की समस्या, कैमरे का फोकस, स्पीकर, माइक्रोफोन, चार्जिंग पोर्ट और बटन जांचें। फोन में पानी जाने या गिरने के संकेत भी देखें। यदि संभव हो तो खरीदने से पहले फोन को कुछ देर इस्तेमाल करके देखें। बैटरी की सेहत और उसकी बदलने की जरूरत के बारे में विक्रेता से स्पष्ट जानकारी लें।

फोन का आईएमईआई नंबर बॉक्स और बिल से मिलाएं। यह भी जांचें कि फोन किसी पुराने खाते से लॉक तो नहीं है। खरीद के समय विक्रेता से वैध बिल, वापसी की शर्तें और लिखित वारंटी लें। किसी अनजान व्यक्ति से बहुत कम कीमत पर फोन खरीदना जोखिम भरा हो सकता है।

विक्रेताओं और ग्राहकों के लिए क्या अवसर हैं?

संगठित रीफर्बिश्ड बाजार में फोन की जांच, मरम्मत, डेटा मिटाने, पैकिंग और बिक्री के बाद सेवा की जरूरत होती है। इससे तकनीकी काम, मरम्मत केंद्र, लॉजिस्टिक्स और ग्राहक सहायता जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बन सकते हैं। विक्रेता यदि हर फोन की स्थिति साफ बताए और सही वारंटी दे तो ग्राहकों का भरोसा बढ़ सकता है। इसके उलट खराब गुणवत्ता वाले उपकरण बाजार की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

पुराना फोन बेचने से पहले अपना डेटा सुरक्षित करें। फोटो, संपर्क और जरूरी दस्तावेज का बैकअप लें, सभी खातों से बाहर निकलें और फोन को फैक्टरी रीसेट करें। सिम और मेमोरी कार्ड निकालना न भूलें। केवल रीसेट करने से पहले बैकअप की जांच कर लें, ताकि जरूरी जानकारी खो न जाए।

नए या पुराने फोन के साथ लंबे समय तक बाहर रहने पर अतिरिक्त बैटरी उपयोगी हो सकती है। उदाहरण के लिए यहां एक पोर्टेबल पावर बैंक देखें। खरीदने से पहले अपने फोन के चार्जिंग मानक, क्षमता और सुरक्षा सुविधाओं की जांच करें। इस सहयोगी लिंक से खरीदारी होने पर वेबसाइट को कमीशन मिल सकता है।

आगे बाजार में क्या बदलाव संभव हैं?

यदि नए स्मार्टफोन महंगे बने रहते हैं तो पुराने प्रीमियम फोन की मांग आगे भी मजबूत रह सकती है। हालांकि इस बाजार की वृद्धि फोन की उपलब्धता, मरम्मत की लागत और ग्राहक भरोसे पर निर्भर करेगी। कंपनियों को जांच की प्रक्रिया और वारंटी स्पष्ट रखनी होगी। सरकार और उद्योग के लिए भी ई-कचरे का सही निपटान और उपकरणों का सुरक्षित दोबारा उपयोग महत्वपूर्ण रहेगा।

2 नवंबर की रिपोर्ट से पता चलता है कि ग्राहक अब केवल नया मॉडल खरीदने पर ध्यान नहीं दे रहे, बल्कि कीमत और उपयोगिता की तुलना भी कर रहे हैं। पुराने फोन का बाजार बढ़ने से ग्राहकों को विकल्प मिल सकते हैं, लेकिन खरीदारी में सावधानी जरूरी है। सही जांच, बिल और वारंटी के बिना केवल कम कीमत देखकर फोन न खरीदें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. रीफर्बिश्ड स्मार्टफोन किसे कहते हैं?

रीफर्बिश्ड स्मार्टफोन वह फोन होता है जिसे पहले इस्तेमाल किया गया हो और बाद में जांच, सफाई या जरूरी मरम्मत के बाद दोबारा बिक्री के लिए रखा गया हो। खरीदने से पहले उसकी स्थिति, बदले गए हिस्से और वारंटी की जानकारी लेना जरूरी है।

2. भारत में पुराने फोन की मांग क्यों बढ़ रही है?

नए स्मार्टफोन महंगे होने से ग्राहक कम खर्च में बेहतर सुविधाओं वाला फोन चाहते हैं। पुराने प्रीमियम मॉडल उन्हें अच्छा कैमरा और प्रदर्शन दे सकते हैं। त्योहारी मौसम में एक्सचेंज और जांचे हुए उपकरणों की उपलब्धता भी मांग बढ़ाने में मदद कर रही है।

3. क्या पुराना आईफोन खरीदना हमेशा अच्छा सौदा है?

नहीं। फोन की उम्र, बैटरी की स्थिति, सुरक्षा अपडेट, मरम्मत का इतिहास और वारंटी देखना जरूरी है। यदि मॉडल बहुत पुराना है या जरूरी अपडेट नहीं मिलते तो कम कीमत के बावजूद वह लंबे समय के लिए अच्छा विकल्प नहीं हो सकता।

4. पुराना फोन खरीदते समय सबसे जरूरी जांच क्या है?

स्क्रीन, कैमरा, बैटरी, स्पीकर, माइक्रोफोन, चार्जिंग पोर्ट और बटन जांचें। आईएमईआई नंबर का मिलान करें और देखें कि फोन किसी पुराने खाते से लॉक नहीं है। वैध बिल, वापसी की शर्तें और लिखित वारंटी जरूर लें।

5. पुराना फोन बेचने से पहले डेटा कैसे सुरक्षित करें?

पहले फोटो, संपर्क और जरूरी दस्तावेज का बैकअप बनाएं। फिर सभी खातों से बाहर निकलें, सिम और मेमोरी कार्ड निकालें और फोन को फैक्टरी रीसेट करें। यह भी जांचें कि बैकअप सही बना है, ताकि निजी जानकारी गलती से न खो जाए।

निष्कर्ष

महंगे नए फोन के कारण रीफर्बिश्ड स्मार्टफोन भारतीय ग्राहकों के लिए उपयोगी विकल्प बन रहे हैं। बाजार में अवसर बढ़ रहे हैं, लेकिन सही जांच, बिल और वारंटी के बिना खरीदना जोखिम भरा है। कीमत के साथ गुणवत्ता भी जरूर देखें।

अस्वीकरण: यह लेख समाचार रिपोर्ट पर आधारित है। खरीद से पहले फोन की स्थिति, वारंटी और विक्रेता की शर्तें स्वयं जांचें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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