अहमदाबाद की स्टील निर्माता कंपनी रेतन टीएमटी लिमिटेड को अब प्रीमियम गुणवत्ता वाले TMT स्टील बार बनाने के लिए BIS प्रमाणन मिल गया है। कंपनी ने बताया कि इस मंजूरी के बाद वह सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की उन इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में भी अपने उत्पादों की आपूर्ति कर सकेगी, जहां प्रमाणित स्टील का उपयोग अनिवार्य होता है।
रेतन टीएमटी को BIS प्रमाणन मिलने से कारोबार को बढ़ावा
कंपनी को Fe500D, Fe550 और Fe550D ग्रेड के टीएमटी स्टील बार बनाने का लाइसेंस मिला है। इन ग्रेड के स्टील बार का इस्तेमाल आवासीय, व्यावसायिक और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में किया जाता है। कंपनी का मानना है कि इससे उसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार होगा और प्रीमियम स्टील बाजार में उसकी मौजूदगी मजबूत होगी।
इसके साथ ही कंपनी ने यह भी जानकारी दी कि उसका 1 MW क्षमता वाला ग्राउंड-माउंटेड कैप्टिव सोलर पावर प्लांट पूरी तरह स्थापित हो गया है। इस परियोजना के लिए गुजरात ऊर्जा विकास एजेंसी और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जरूरी मंजूरियां भी मिल चुकी हैं। कंपनी का लक्ष्य अगस्त के पहले सप्ताह के अंत तक इस प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू करना है।
रेतन टीएमटी की बड़ी उपलब्धियां
- प्रमाणन: BIS लाइसेंस प्राप्त
- ग्रेड: Fe500D, Fe550 और Fe550D
- उपयोग: आवासीय, व्यावसायिक और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं
- लाभ: सरकारी परियोजनाओं में आपूर्ति का अवसर
- उद्देश्य: प्रीमियम स्टील बाजार में विस्तार
सोलर पावर प्लांट से लागत घटाने की तैयारी
कंपनी के अनुसार, यह सोलर प्रोजेक्ट बिजली की लागत कम करने में मदद करेगा, जो स्टील उद्योग के सबसे बड़े परिचालन खर्चों में से एक है। साथ ही इससे स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और लंबे समय में उत्पादन लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
रेतन टीएमटी के प्रबंध निदेशक शालिन शाह ने कहा कि BIS प्रमाणन मिलने से कंपनी की पकड़ प्रीमियम स्टील बाजार में मजबूत होगी। वहीं सोलर पावर प्लांट उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत कम करने और भविष्य में प्रतिस्पर्धा मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कंपनी की भविष्य की रणनीति
- सोलर प्लांट: 1 MW क्षमता
- बिजली उत्पादन: अगस्त के पहले सप्ताह के अंत तक लक्ष्य
- फोकस: उत्पादन लागत में कमी
- रणनीति: प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ कारोबार
- लक्ष्य: इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बेहतर योगदान
उद्योग में बढ़ रहा स्वच्छ ऊर्जा पर जोर
उन्होंने कहा कि कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति मजबूत और प्रतिस्पर्धी व्यवसाय तैयार करने की है, ताकि भारत में तेजी से बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बेहतर योगदान दिया जा सके।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती ऊर्जा लागत और टिकाऊ उत्पादन की मांग को देखते हुए कई स्टील कंपनियां अब अधिक मूल्य वाले निर्माण उत्पादों पर ध्यान दे रही हैं। साथ ही, परिचालन खर्च कम करने के लिए कैप्टिव रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं में भी निवेश बढ़ रहा है।
अस्वीकरण: यह जानकारी कंपनी के सार्वजनिक बयान और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। निवेश से पहले आधिकारिक जानकारी अवश्य देखें।
