नागपुर में Regional Transport Office (RTO) ने महाराष्ट्र के मोटर वाहन टैक्स से बचने की आशंका में 23 लग्जरी कारों को ब्लैकलिस्ट किया है और ई-चालान जारी किए हैं। ये वाहन दूसरे राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में रजिस्टर कराए गए थे, जहां सड़क टैक्स कम है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने तक इन वाहनों से जुड़े कुछ दस्तावेजी काम रोके गए हैं।
RTO ने 23 लग्जरी कारों पर क्यों की कार्रवाई?
नागपुर सिटी RTO के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी किरण बिडकर के अनुसार, विभाग यह पता लगा रहा है कि महाराष्ट्र में इस्तेमाल हो रही कारों का रजिस्ट्रेशन बाहर क्यों कराया गया। जांच में BMW, Audi और Mercedes-Benz जैसी लग्जरी कारें शामिल हैं। अधिकारियों ने अभी टैक्स देनदारी का अंतिम आकलन नहीं किया है।
जांच के लिए अधिकृत सर्विस सेंटरों का रिकॉर्ड, FASTag लेनदेन, बीमा दस्तावेज और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUC की जानकारी देखी जा रही है। इन रिकॉर्ड से यह समझने में मदद मिल सकती है कि वाहन का इस्तेमाल कहां और कितने समय से हो रहा है।
🚘 RTO जांच की मुख्य बातें
- कार्रवाई: 23 लग्जरी वाहन ब्लैकलिस्ट
- जांच: संदिग्ध रोड टैक्स बचत
- रिकॉर्ड: सर्विस हिस्ट्री, FASTag, बीमा और PUC
- वाहन ब्रांड: BMW, Audi और Mercedes-Benz
- उद्देश्य: वाहन रजिस्ट्रेशन और टैक्स नियमों की जांच
महाराष्ट्र और केंद्र शासित प्रदेशों के टैक्स में अंतर
रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र में निजी नाम पर रजिस्टर पेट्रोल कारों पर 13 प्रतिशत और डीजल कारों पर 15 प्रतिशत तक रोड टैक्स लगाया जाता है। आयातित कारों और कंपनियों या कॉरपोरेशन के नाम पर रजिस्टर कुछ वाहनों के लिए दर 20 प्रतिशत बताई गई है। वहीं, दमन और दीव में सड़क टैक्स लगभग 2.5 से 3 प्रतिशत के बीच हो सकता है। वास्तविक दर वाहन और उसके रजिस्ट्रेशन की स्थिति पर निर्भर करेगी।
RTO के मुताबिक, जांच के दायरे में आने वाली कारों की कीमत करीब 50 लाख रुपये से 2 करोड़ रुपये तक है। हर वाहन पर संभावित टैक्स देनदारी 6 लाख से 10 लाख रुपये तक हो सकती है, लेकिन यह अंतिम आकलन नहीं है। विभाग दस्तावेजों की जांच के बाद ही मांग तय करेगा।
⚖️ रोड टैक्स और नियमों की जानकारी
- महाराष्ट्र: निजी पेट्रोल कारों पर 13% और डीजल कारों पर 15% तक
- आयातित/कंपनी वाहन: कुछ मामलों में 20% तक
- दमन और दीव: लगभग 2.5% से 3% तक
- संभावित टैक्स: प्रति कार 6 से 10 लाख रुपये, आकलन के अधीन
- कानूनी नियम: दूसरे राज्य में 12 महीने से अधिक रहने पर आम तौर पर दोबारा रजिस्ट्रेशन जरूरी
BMW X1 भी जांच के दायरे में
हाल ही में दीक्षाभूमि के पास एक BMW X1 sDrive18i M Sport को जांच के लिए रोका गया था। रिपोर्ट में इसकी नागपुर में ऑन-रोड कीमत लगभग 67 लाख रुपये बताई गई है। यह कार अस्थायी रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ दमन और दीव में रजिस्टर कराने के लिए लाई गई थी। RTO ने कहा कि कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है।
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 47 के तहत, किसी दूसरे राज्य में 12 महीने से अधिक समय तक चलने वाले वाहन को सामान्यतः उस राज्य में दोबारा रजिस्टर कराना होता है। नियमों की विस्तृत जानकारी के लिए पाठक Parivahan की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।
यह जांच 2025-26 में जिले में खरीदे गए लेकिन दूसरे राज्यों में रजिस्टर किए गए 307 महंगे वाहनों की पहचान के बाद शुरू हुई। रिपोर्ट में महाराष्ट्र का कुल आंकड़ा लगभग 6,600 वाहन बताया गया है। आगे की कार्रवाई जांच में मिले दस्तावेजों और लागू नियमों के आधार पर होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. नागपुर RTO ने कितनी लग्जरी कारों को ब्लैकलिस्ट किया है?
नागपुर सिटी RTO ने संदिग्ध टैक्स बचत की जांच के दौरान 23 लग्जरी वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया है। इन वाहनों के रजिस्ट्रेशन और उपयोग से जुड़े दस्तावेज देखे जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
2. कारों को दूसरे राज्य में रजिस्टर कराने की जांच क्यों हो रही है?
कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रोड टैक्स कम हो सकता है। RTO यह जांच कर रहा है कि महाराष्ट्र में इस्तेमाल होने वाली कारों को कम टैक्स वाले क्षेत्रों में रजिस्टर कराकर नियमों से बचने की कोशिश तो नहीं हुई।
3. जांच में कौन-कौन से दस्तावेज देखे जा रहे हैं?
विभाग अधिकृत सर्विस सेंटरों की हिस्ट्री, FASTag लेनदेन, बीमा कागजात और PUC रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। इनसे वाहन के इस्तेमाल और उसके वास्तविक संचालन क्षेत्र के बारे में जानकारी मिल सकती है।
4. क्या हर कार पर 6 से 10 लाख रुपये का टैक्स लगेगा?
नहीं, यह राशि अभी संभावित अनुमान है। RTO ने बताया है कि वाहन की कीमत, ईंधन प्रकार, रजिस्ट्रेशन और लागू टैक्स दरों के आधार पर देनदारी तय होगी। अंतिम रकम दस्तावेजों की जांच और आधिकारिक आकलन के बाद ही सामने आएगी।
5. दूसरे राज्य में वाहन चलाने पर दोबारा रजिस्ट्रेशन कब जरूरी होता है?
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 47 के अनुसार, किसी दूसरे राज्य में 12 महीने से अधिक समय तक वाहन रखने या चलाने पर सामान्यतः वहां दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना होता है। खास स्थिति में लागू नियमों की पुष्टि संबंधित RTO से करनी चाहिए।
निष्कर्ष
नागपुर RTO की कार्रवाई का मकसद लग्जरी कारों के रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स की जांच करना है। 23 वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया गया है, लेकिन अंतिम टैक्स देनदारी अभी तय नहीं हुई। जांच के दस्तावेज और कानूनी प्रक्रिया आगे की कार्रवाई तय करेंगे।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। टैक्स दरें और संभावित देनदारी अंतिम सरकारी आकलन के अनुसार बदल सकती हैं।