भारतीय रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग स्थिर शुरुआत के साथ 95.13 के स्तर पर खुला। डॉलर में कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण रुपये को शुरुआती कारोबार में सहारा मिला। हालांकि बाजार में आयातकों की डॉलर मांग के चलते रुपये की तेजी सीमित रही।
डॉलर में कमजोरी से रुपये को मिला सहारा
पिछले कारोबारी सत्र में रुपया कुछ समय के लिए 95.25 प्रति डॉलर तक कमजोर हो गया था, लेकिन बाद में इसमें सुधार देखने को मिला। हाल के निचले स्तर से भारतीय मुद्रा अब करीब 1.7 प्रतिशत की वापसी कर चुकी है। इससे संकेत मिलता है कि विदेशी बाजारों की स्थिति में सुधार का असर रुपये पर भी दिखाई दे रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ओर से अगले महीने ब्याज दर बढ़ाने की संभावना पहले की तुलना में कम होने से डॉलर पर दबाव बना है। इसका फायदा उभरते बाजारों की मुद्राओं, खासकर रुपये को मिल रहा है। वहीं Brent कच्चे तेल की कीमतें भी हाल के निचले स्तर के आसपास बनी हुई हैं, जिससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों की मुद्रा को कुछ राहत मिली है।
💱 रुपया-डॉलर बाजार की मुख्य बातें
- रुपये की शुरुआती कीमत: 95.13 प्रति अमेरिकी डॉलर
- मुख्य सहारा: डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की नरमी
- पिछला निचला स्तर: 95.25 प्रति डॉलर
- रिकवरी: हाल के निचले स्तर से करीब 1.7%
- बाजार फोकस: अमेरिकी ब्याज दर और वैश्विक संकेत
आयातकों की डॉलर मांग बनी चुनौती
हालांकि कारोबार के दौरान डॉलर की मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। आयात करने वाली कंपनियों और कुछ बड़े बाजार प्रतिभागियों की खरीदारी के कारण रुपये पर समय-समय पर दबाव देखने को मिल सकता है। इसी वजह से फिलहाल रुपये में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
📈 रुपये की चाल को प्रभावित करने वाले कारक
- अमेरिकी आर्थिक आंकड़े: डॉलर की दिशा तय करेंगे
- Brent Crude: तेल कीमतों पर बाजार की नजर
- विदेशी निवेश: FII/FPI गतिविधियां महत्वपूर्ण
- डॉलर की मांग: आयातकों की खरीदारी का असर
- संभावना: तेल में नरमी रहने पर रुपये को समर्थन
आगे कैसी रह सकती है रुपये की चाल
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, वैश्विक तेल कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां रुपये की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। यदि डॉलर कमजोर रहता है और कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी नहीं आती, तो रुपये को आगे भी समर्थन मिल सकता है।
Disclaimer: यह जानकारी सार्वजनिक बाजार आंकड़ों और रिपोर्टों पर आधारित है। निवेश या विदेशी मुद्रा कारोबार से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
