रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन और मिसाइल हमला किया, जिसमें कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 91 से अधिक लोग घायल हो गए। इस भीषण हमले के बाद शहर के कई रिहायशी इलाकों में भारी तबाही देखने को मिली और हजारों नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तथा भूमिगत मेट्रो स्टेशनों में शरण लेनी पड़ी।
कीव पर रूस का अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन और मिसाइल हमला
यूक्रेन के अधिकारियों के अनुसार हमला कई घंटों तक जारी रहा। विस्फोटों की आवाज पूरे शहर में सुनाई देती रही और कई आवासीय इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा। कीव प्रशासन ने इसे राजधानी पर अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक बताया है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा कि इस हमले का जवाब जरूर दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस लंबे समय से इस बड़े हमले की तैयारी कर रहा था। हमले से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों को संभावित हमले की जानकारी मिल गई थी, जिसके चलते उन्होंने अपना विदेश दौरा बीच में ही समाप्त कर दिया।
यूक्रेन की प्रतिक्रिया और हमले का विवरण
यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक रूस ने इस हमले में लगभग 496 ड्रोन और 74 मिसाइलें दागीं, जिनमें बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल थीं। यूक्रेन का दावा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश ड्रोन और कई मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया, हालांकि बड़ी संख्या में हथियार लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे।
हमले के कारण मानवीय सहायता कार्यों को भी बड़ा झटका लगा है। रेड क्रॉस के एक प्रमुख गोदाम के नष्ट होने से लाखों डॉलर मूल्य की राहत सामग्री क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, यूरोपीय संघ ने भी पुष्टि की कि हमले के दौरान उसके राजनयिकों वाले एक भवन को नुकसान पहुंचा, हालांकि सभी अधिकारी सुरक्षित हैं।
मानवीय संकट और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
कीव मेट्रो प्रशासन के अनुसार हमले के दौरान लगभग 52 हजार लोगों ने भूमिगत स्टेशनों में शरण ली, जिनमें हजारों बच्चे भी शामिल थे। हाल के वर्षों में किसी एक हमले के दौरान इतनी बड़ी संख्या में लोगों के शेल्टर लेने की यह सबसे बड़ी घटना बताई जा रही है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन भी हाल के सप्ताहों में रूस के भीतर लंबी दूरी के ड्रोन हमले तेज कर चुका है। दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते हमलों ने युद्ध को और अधिक गंभीर बना दिया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस हमले की निंदा करते हुए तत्काल युद्धविराम की अपील की है, जबकि रूस ने अपने सैन्य अभियान को जारी रखने के संकेत दिए हैं।
युद्ध का बढ़ता प्रभाव और नुकसान
युद्ध से जुड़े एक हालिया अध्ययन के अनुसार फरवरी 2022 से शुरू हुए इस संघर्ष में दोनों देशों को भारी मानवीय और सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक रूस को अब तक लगभग 14 लाख सैनिकों की कुल क्षति (मृतक, घायल और लापता) झेलनी पड़ी है, जबकि यूक्रेन के भी लाखों सैनिक और नागरिक इस युद्ध से प्रभावित हुए हैं। लगातार जारी संघर्ष के कारण दोनों देशों पर आर्थिक, सामाजिक और मानवीय दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है।