भारतीय क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले सौरभ तिवारी अब मैदान के बाहर झारखंड क्रिकेट को मजबूत बनाने में जुटे हैं। खिलाड़ी के रूप में लंबा अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने प्रशासन की जिम्मेदारी संभाली है। उनका कहना है कि क्रिकेट संघ का काम खिलाड़ियों की जरूरतों को समझना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए जरूरी सुविधाएं देना होना चाहिए।
- सौरभ तिवारी झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के सचिव हैं।
- वह पुरुष और महिला खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास सुविधाएं और अवसर दिलाना चाहते हैं।
- उनका लक्ष्य झारखंड को रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट में विजेता बनाना है।
तिवारी का मानना है कि आज क्रिकेट में बड़े शॉट लगाने की क्षमता पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गई है। उनके अनुसार, सीमित ओवरों के क्रिकेट में बल्लेबाज तेजी से रन बनाने और कम समय में बड़े स्कोर खड़े करने पर जोर दे रहे हैं। वह नई पीढ़ी के खिलाड़ियों की ताकत और आक्रामक खेल को भी इस बदलाव का हिस्सा मानते हैं।
घरेलू क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड
सौरभ तिवारी ने भारत की ओर से तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले थे और इंडियन प्रीमियर लीग के शुरुआती वर्षों में भी अपनी पहचान बनाई। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका प्रदर्शन खासा प्रभावशाली रहा। इस प्रारूप में उन्होंने 8,000 से अधिक रन बनाए, जिनमें 22 शतक और 34 अर्धशतक शामिल हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 47 से ऊपर रहा।
खिलाड़ी के रूप में करियर समाप्त होने के बाद उन्होंने क्रिकेट प्रशासन की ओर कदम बढ़ाया। झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के सचिव के तौर पर वह अब राज्य के खिलाड़ियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना चाहते हैं। उनका कहना है कि लंबे समय तक क्रिकेट खेलने के कारण उन्हें पता है कि अभ्यास, सुविधाओं और अवसरों के मामले में खिलाड़ियों को किन चीजों की जरूरत पड़ती है।
तिवारी के मुताबिक, झारखंड के पुरुष और महिला क्रिकेटरों को अभ्यास के लिए रांची के स्टेडियम का इस्तेमाल करने का अवसर दिया जा रहा है। उनका उद्देश्य है कि संसाधनों की कमी खिलाड़ियों की तैयारी और प्रदर्शन के रास्ते में बाधा न बने।
झारखंड को बड़े घरेलू खिताब जिताने का सपना
खिलाड़ी के रूप में तिवारी विजय हजारे ट्रॉफी जीत चुके हैं, लेकिन रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब उनके करियर में नहीं आया। अब प्रशासन में रहते हुए वह झारखंड की टीम को इन प्रमुख घरेलू प्रतियोगिताओं में चैंपियन बनते देखना चाहते हैं। यह लक्ष्य राज्य में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सही प्रशिक्षण और लगातार मौके देने से जुड़ा है।
2008 अंडर-19 विश्व कप की यादें
सौरभ तिवारी 2008 में मलेशिया में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। उस टीम में विराट कोहली, रवींद्र जडेजा, मनीष पांडे और अभिनव मुकुंद जैसे खिलाड़ी भी शामिल थे। तिवारी ने उस खिताबी अभियान को अपने करियर का यादगार अनुभव बताया। फाइनल मुकाबले में वह रन आउट हो गए थे, लेकिन भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर खिताब अपने नाम किया था।
वह विराट कोहली की खेल के प्रति लगन और एकाग्रता की भी सराहना करते हैं। तिवारी के अनुसार, कोहली में युवा दिनों से ही क्रिकेट के लिए जुनून और समर्पण दिखाई देता था।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. सौरभ तिवारी कौन हैं?
सौरभ तिवारी भारत के पूर्व क्रिकेटर हैं, जो अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। वह भारतीय टीम के लिए तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं।
2. सौरभ तिवारी झारखंड क्रिकेट में कौन-सी जिम्मेदारी निभा रहे हैं?
वह झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के सचिव के रूप में प्रशासनिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
3. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड कैसा रहा?
उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 8,000 से अधिक रन बनाए, जिनमें 22 शतक और 34 अर्धशतक शामिल हैं।
4. सौरभ तिवारी का झारखंड क्रिकेट के लिए मुख्य लक्ष्य क्या है?
वह झारखंड की टीम को रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे प्रमुख घरेलू टूर्नामेंट जिताने की दिशा में काम करना चाहते हैं।
5. क्या सौरभ तिवारी अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली टीम में थे?
हां, वह 2008 में मलेशिया में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे।
निष्कर्ष
सौरभ तिवारी अब अपने क्रिकेट अनुभव का इस्तेमाल झारखंड में खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने में करना चाहते हैं। स्टेडियम सुविधाओं तक पहुंच, मजबूत तैयारी और बड़े घरेलू खिताबों का लक्ष्य उनके प्रशासनिक कार्यकाल की अहम प्राथमिकताएं हैं। इन प्रयासों का असर आने वाले समय में राज्य की पुरुष और महिला टीमों के प्रदर्शन में दिखाई दे सकता है।
अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्ट पर आधारित जानकारीपरक प्रस्तुति है। खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रशासन से जुड़ी परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं।
स्रोत: The Hindu की मूल रिपोर्ट
