SBI Alert: AI Voice Cloning Scam से बचने के 5 तरीके

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से की जा रही आवाज की नकल वाले साइबर धोखाधड़ी के मामलों को लेकर सतर्क किया है। ऐसे मामलों में ठग किसी रिश्तेदार, दोस्त या अधिकारी जैसी आवाज बनाकर फोन कर सकते हैं और पैसे भेजने या निजी जानकारी साझा करने के लिए दबाव डाल सकते हैं। इसलिए केवल परिचित आवाज सुनकर किसी अनुरोध पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं है।

बैंक ने 16 अक्टूबर 2026 को अपने ‘राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा माह विशेष अभियान 6.0’ के तहत इस खतरे के बारे में चेतावनी साझा की। संदेश में कहा गया कि अचानक आने वाली ऐसी कॉल पर भरोसा न करें, जिसमें पैसे या व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाए। संदेह होने पर संबंधित व्यक्ति को उसके पहले से सुरक्षित नंबर पर वापस फोन करके पुष्टि करें।

ध्यान रखें: किसी परिचित की आवाज जैसी सुनाई देना उसकी पहचान का पक्का प्रमाण नहीं है। पैसे भेजने से पहले अलग से पुष्टि करें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें।

बैंक के साझा किए गए उदाहरण में ठग सुनीता को फोन करके खुद को उसका भाई सोनू बताता है और ₹20,000 मांगता है। वह भरोसा दिलाने की कोशिश करता है कि वह सच में उसका भाई है। ऐसे अनुरोध पर तुरंत पैसे भेजने के बजाय सुनीता को सोनू के असली नंबर पर फोन करके जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।

आवाज की नकल करने वाली तकनीक के जरिए धोखेबाज किसी व्यक्ति की आवाज से मिलती-जुलती आवाज तैयार कर सकते हैं। इसके बाद वे किसी पारिवारिक आपात स्थिति, तत्काल भुगतान या खाते की जांच का बहाना बनाकर सामने वाले को घबराने पर मजबूर कर सकते हैं। दबाव में आकर व्यक्ति पैसे भेज सकता है या बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी बता सकता है।

सुरक्षा का आसान नियम: फोन पर अचानक पैसे मांगे जाएं, तो कॉल काटकर व्यक्ति के पुराने और भरोसेमंद नंबर पर खुद संपर्क करें। कॉल करने वाले के बताए नंबर पर निर्भर न रहें।

ऐसे साइबर फ्रॉड से बचने के लिए कुछ सावधानियां अपनाना जरूरी है। पहली, कॉल करने वाले की पहचान अलग से जांचें। दूसरी, पैसे भेजने की जल्दबाजी न करें, चाहे आवाज किसी परिचित जैसी ही क्यों न हो। तीसरी, फोन पर किसी को ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड, सीवीवी या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी न बताएं। बैंक का असली अधिकारी भी आपसे ओटीपी या पासवर्ड साझा करने को नहीं कहेगा।

चौथी, परिवार के सदस्यों के साथ एक निजी पहचान शब्द या वाक्य तय कर सकते हैं, ताकि किसी असामान्य आपात अनुरोध की पुष्टि की जा सके। इस शब्द को सार्वजनिक जगह या सोशल मीडिया पर साझा न करें। पांचवीं, अगर धोखाधड़ी हो जाए या पैसे चले जाएं, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और भारत की साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी दर्ज की जा सकती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी तकनीक के आसान होने के साथ ऐसे धोखे पहचानना कठिन हो सकता है। इसलिए किसी भी असामान्य अनुरोध की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना, निजी जानकारी सुरक्षित रखना और परिवार के साथ पहले से सावधानी की योजना बनाना वित्तीय नुकसान से बचने में मदद कर सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. आवाज की नकल वाला साइबर फ्रॉड क्या है?

इस धोखाधड़ी में अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से किसी परिचित व्यक्ति जैसी आवाज बना सकते हैं। फिर वे फोन करके आपात स्थिति का बहाना बनाते हैं और पैसे या गोपनीय जानकारी मांगते हैं।

2. अगर फोन पर रिश्तेदार पैसे मांगे तो क्या करें?

कॉल करने वाले की बात पर तुरंत भरोसा न करें। फोन काटें और अपने रिश्तेदार के पहले से सुरक्षित नंबर पर खुद कॉल करके अनुरोध की पुष्टि करें। पुष्टि होने तक पैसे न भेजें।

3. क्या फोन पर ओटीपी या बैंक पिन बताना सुरक्षित है?

नहीं। ओटीपी, पिन, पासवर्ड, सीवीवी और बैंकिंग लॉगिन जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अनजान कॉलर को ये विवरण देना खाते और पैसों की सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

4. आवाज की नकल वाले फ्रॉड से बचने के लिए परिवार क्या कर सकता है?

परिवार के सदस्य एक निजी पहचान शब्द या वाक्य तय कर सकते हैं। किसी असामान्य आपात अनुरोध पर इसकी मदद से पुष्टि करें और फिर भी जरूरत पड़ने पर व्यक्ति के ज्ञात नंबर पर वापस फोन करें।

5. साइबर धोखाधड़ी में पैसे चले जाएं तो कहां शिकायत करें?

सबसे पहले अपने बैंक को तुरंत सूचित करें। भारत में साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। जल्दी कार्रवाई करने से मदद मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

निष्कर्ष

आवाज पहचानने भर से किसी कॉल पर भरोसा न करें। पैसे भेजने या निजी जानकारी देने से पहले अलग माध्यम से पुष्टि करें। संदेह होने पर कॉल काटें और धोखाधड़ी की स्थिति में बैंक तथा साइबर अपराध हेल्पलाइन को तुरंत सूचित करें।

अस्वीकरण: यह लेख जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी संदिग्ध कॉल या लेनदेन पर अपने बैंक और आधिकारिक साइबर अपराध सेवा से संपर्क करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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