भारतीय बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने Real Estate Investment Trusts (REITs) और Infrastructure Investment Trusts (InvITs) को विदेशी निवेशकों से पैसा जुटाने के लिए Depository Receipts जारी करने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। इस कदम से भारतीय निवेश ट्रस्टों को विदेशी बाजारों से पूंजी जुटाने का नया रास्ता मिल सकता है और वैश्विक निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है।
Depository Receipts ऐसे वित्तीय साधन होते हैं जिन्हें विदेशी डिपॉजिटरी जारी करती है। ये किसी दूसरे देश में मौजूद सिक्योरिटीज के स्वामित्व को दर्शाते हैं। प्रस्ताव के तहत भारत में मौजूद REITs और InvITs की यूनिट घरेलू संपत्तियों से जुड़ी रहेंगी, लेकिन विदेशी निवेशक इनसे जुड़े रिसीट्स को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विदेशी मुद्रा में खरीद और बेच सकेंगे।
फिलहाल विदेशी निवेशकों को भारत के REITs और InvITs में निवेश करने की अनुमति है, लेकिन इनके लिए Depository Receipts जारी करने से जुड़े स्पष्ट नियम मौजूद नहीं हैं। सेबी का कहना है कि नए प्रस्ताव के जरिए इस नियामकीय कमी को दूर करने की कोशिश की जा रही है।
सेबी ने सुझाव दिया है कि REITs और सार्वजनिक रूप से जारी किए गए InvITs की यूनिट के बदले Depository Receipts जारी किए जा सकते हैं। हालांकि इसके लिए नियामकीय नियमों और भविष्य में जारी किए जाने वाले दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इस प्रस्ताव पर आम लोगों और संबंधित पक्षों से 25 अगस्त तक सुझाव मांगे गए हैं।
इस कदम से विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय REITs और InvITs में निवेश करना आसान हो सकता है, क्योंकि उन्हें सीधे भारतीय शेयर बाजार से यूनिट खरीदने की जरूरत नहीं होगी। इससे इन निवेश माध्यमों में अतिरिक्त विदेशी पूंजी आने की संभावना बढ़ सकती है।
हालांकि, सेबी ने निजी तौर पर सूचीबद्ध InvITs को इस प्रस्ताव से बाहर रखा है। ऐसे InvITs में आमतौर पर बड़ी राशि का निवेश होता है और इनके निवेशक मुख्य रूप से संस्थागत निवेशक और कंपनियां होती हैं। सेबी के अनुसार, इनके लिए Depository Receipts की अनुमति देने से विदेशी बाजारों में मौजूदा निवेश नियमों को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
सेबी ने बताया कि REITs और InvITs के लिए Depository Receipts जारी करने की विस्तृत प्रक्रिया बाद में अलग से जारी की जाएगी। यह ढांचा भारतीय कंपनियों द्वारा Depository Receipts जारी करने के मौजूदा नियमों से प्रेरित होगा, लेकिन निवेश ट्रस्टों की संरचना के अनुसार इसमें बदलाव किए जाएंगे।
मौजूदा वित्त वर्ष में जून तक REITs ने करीब 6,005 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जबकि InvITs ने लगभग 3,826.78 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई है। सेबी के इस प्रस्ताव से इन निवेश साधनों को भविष्य में वैश्विक निवेशकों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।
