भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कमजोर शुरुआत देखने को मिल सकती है। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता के बीच Sensex और Nifty 50 पर दबाव रहने की संभावना है। Gift Nifty भी नकारात्मक संकेत दे रहा था और यह पिछले निफ्टी फ्यूचर्स बंद स्तर से करीब 106 अंक नीचे 23,882 के आसपास कारोबार कर रहा था।
भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी के संकेत
इससे पहले बुधवार को घरेलू बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स 715.06 अंक यानी 0.92 प्रतिशत गिरकर 76,755.05 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 191.45 अंकों की गिरावट आई और यह 23,996.25 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में बिकवाली का दबाव लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में देखने को मिला।
बाजार की मुख्य बातें
- सेंसेक्स बंद: 76,755.05
- निफ्टी 50 बंद: 23,996.25
- Gift Nifty: 23,882 के आसपास
- मुख्य दबाव: वैश्विक संकेत और कच्चे तेल की कीमतें
- फोकस: सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
सेंसेक्स का हाल
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, सेंसेक्स ने डेली चार्ट पर लंबी मंदी वाली कैंडल बनाई है, जो आगे कमजोरी का संकेत दे रही है। कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान के मुताबिक, सेंसेक्स 20 दिन के SMA यानी 77,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल चुका है।
उन्होंने कहा कि जब तक सेंसेक्स 77,000 के नीचे रहेगा, तब तक बाजार में कमजोरी बनी रह सकती है। गिरावट जारी रहने पर इंडेक्स 50 दिन के SMA यानी करीब 76,000 तक जा सकता है। इसके बाद 75,700 से 75,500 का स्तर अगला सपोर्ट बन सकता है।
वहीं अगर सेंसेक्स 77,000 के ऊपर वापस पहुंचता है तो बाजार में सुधार देखने को मिल सकता है और इंडेक्स 77,300 से 77,500 तक जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा है, इसलिए निवेशकों को सावधानी के साथ कारोबार करना चाहिए।
निफ्टी 50 पर नजर
निफ्टी 50 ने भी डेली चार्ट पर मजबूत गिरावट वाली कैंडल बनाई है। इससे संकेत मिल रहा है कि हालिया सीमित दायरे में कारोबार के बाद अब बाजार में नीचे की ओर दबाव बढ़ा है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी के अनुसार, निफ्टी का शॉर्ट टर्म ट्रेंड कमजोर हुआ है। यदि गिरावट जारी रहती है तो इंडेक्स 23,800 से 23,650 के स्तर तक जा सकता है। हालांकि इन स्तरों पर खरीदारी लौटने की संभावना भी बनी हुई है।
निफ्टी के अहम स्तर
- सपोर्ट: 23,800 से 23,900
- नीचे जाने पर: 23,650 तक दबाव
- तत्काल रेजिस्टेंस: 24,150
- सुधार की संभावना: 24,200 के ऊपर टिकने पर
- बड़ी चुनौती: 24,500 से 24,600
निफ्टी के लिए फिलहाल 23,800 से 23,900 का क्षेत्र महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं ऊपर की तरफ 24,150 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस है। अगर निफ्टी 24,200 के ऊपर टिकता है तो बाजार में सुधार की संभावना बढ़ सकती है, जबकि 24,500 से 24,600 का क्षेत्र बड़ी चुनौती बना रहेगा।
बैंक निफ्टी की स्थिति
बैंक निफ्टी में भी बुधवार को कमजोरी देखने को मिली। इंडेक्स 708.55 अंक यानी 1.23 प्रतिशत गिरकर 57,126.80 पर बंद हुआ। इस दौरान बैंक निफ्टी ने बड़ी मंदी वाली कैंडल बनाई और 20 दिन की EMA के नीचे बंद हुआ।
एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के अनुसार, बैंक निफ्टी के लिए 56,700 से 56,600 का क्षेत्र अहम सपोर्ट है। यदि यह स्तर टूटता है तो इंडेक्स 56,300 और फिर 56,000 तक गिर सकता है।
ऊपर की तरफ 57,500 से 57,600 का क्षेत्र पहली बड़ी बाधा होगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, जब तक बैंक निफ्टी इन स्तरों को पार नहीं करता, तब तक बाजार में तेजी की मजबूत वापसी मुश्किल हो सकती है।
वैश्विक संकेतों पर रहेगी बाजार की नजर
फिलहाल भारतीय बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव से प्रभावित हो सकती है। निवेशकों की नजर आने वाले कारोबारी सत्र में सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर रहेगी। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी बाजार विश्लेषण पर आधारित है। निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और विशेषज्ञ सलाह जरूर लें।
