सिंगापुर मुख्यालय वाली ऑनलाइन फैशन कंपनी Shein ने 2026 की पहली तिमाही में 9.9 करोड़ डॉलर का घाटा दर्ज किया है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 39.5 करोड़ डॉलर का मुनाफा हुआ था। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब कंपनी Hong Kong में अपना बहुप्रतीक्षित IPO लाने की तैयारी कर रही है।
Shein की पहली तिमाही में घाटा, Hong Kong IPO से पहले बढ़ी चुनौतियां
कंपनी के अनुसार, अमेरिका में छोटे पार्सल पर मिलने वाली de minimis टैक्स छूट खत्म होने से उसके कारोबार पर असर पड़ा है। अब चीन से अमेरिका भेजे जाने वाले कई उत्पादों पर 10% से 87.5% तक शुल्क लग रहा है। इससे लागत बढ़ी है और बिक्री की रफ्तार भी धीमी हुई है। बढ़ते खर्च की भरपाई के लिए कंपनी ने अमेरिका में कुछ उत्पादों की कीमतें बढ़ाने की बात भी कही है।
पहली तिमाही में Shein की अमेरिका से होने वाली आय 14.3% घटकर 2.04 अरब डॉलर रह गई। कंपनी की कुल आय में अमेरिका की हिस्सेदारी भी पहले के मुकाबले कम हुई है। दूसरी ओर, यूरोप में भी कम कीमत वाले ई-कॉमर्स आयात पर नया शुल्क लागू होने से वहां के कारोबार पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई गई है。
Shein पहली तिमाही के प्रमुख आंकड़े
- शुद्ध परिणाम: 9.9 करोड़ डॉलर का घाटा
- पिछला वर्ष: 39.5 करोड़ डॉलर का मुनाफा
- अमेरिकी आय: 14.3% घटकर 2.04 अरब डॉलर
- मुख्य कारण: de minimis छूट खत्म होने से बढ़ी लागत
- IPO: Hong Kong में लिस्टिंग की तैयारी
Accounting प्रभाव से बढ़ा घाटा
कंपनी ने बताया कि तिमाही नतीजों पर 32.8 करोड़ डॉलर का एकमुश्त accounting प्रभाव भी पड़ा, जो IPO से पहले कुछ निवेशकों के शेयरों के मूल्यांकन से जुड़ा है। इसी वजह से घाटा और अधिक दिखाई दिया।
पूरे वर्ष 2025 में Shein का शुद्ध मुनाफा 38.7% घटकर 2.06 अरब डॉलर रह गया, जबकि कंपनी की कुल आय 8% बढ़कर 41.85 अरब डॉलर पहुंची। हालांकि यह वृद्धि पिछले वर्षों की तुलना में काफी धीमी रही। साथ ही कंपनी का operating margin भी घट गया, जिससे मुनाफे पर दबाव साफ दिखाई दिया।
IPO और वैल्यूएशन पर निवेशकों की नजर
Shein को हाल ही में Hong Kong में सूचीबद्ध होने के लिए चीन के नियामक की मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि कंपनी ने अभी IPO का आकार, शेयर मूल्य या लिस्टिंग की तारीख का खुलासा नहीं किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इस IPO के जरिए 40 से 50 अरब डॉलर के मूल्यांकन का लक्ष्य रख सकती है, जो 2022 में बताए गए लगभग 100 अरब डॉलर के मूल्यांकन से काफी कम है।
Shein के सामने प्रमुख चुनौतियां
- टैरिफ: अमेरिका में बढ़े आयात शुल्क
- यूरोप: कम कीमत वाले आयात पर नया शुल्क
- वैल्यूएशन: IPO से पहले कम मूल्यांकन की संभावना
- नियामकीय दबाव: श्रम और पर्यावरण से जुड़े सवाल
- रणनीति: वैश्विक विस्तार और तकनीक में निवेश जारी
वैश्विक विस्तार पर कंपनी का फोकस
कंपनी पर पिछले कुछ वर्षों में श्रमिकों की कार्य स्थितियों, पर्यावरणीय प्रभाव और नियामकीय जांच को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। Shein का कहना है कि वह श्रम मानकों का पालन करने और अपनी तकनीक, वैश्विक विस्तार, ब्रांड पहचान तथा सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े प्रयासों में निवेश जारी रखेगी।
अस्वीकरण: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है।
