एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने स्टारशिप मिशन के जरिए अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। Flight 13 की सफल लैंडिंग ने reusable spacecraft की संभावनाओं को और मजबूत किया है, जिससे भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों की लागत कम होने की उम्मीद बढ़ी है।
SpaceX Starship Flight 13 ने रचा नया इतिहास
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के स्टारशिप मिशन ने अंतरिक्ष तकनीक की दुनिया में एक नई उपलब्धि हासिल की है। कंपनी का सबसे नया स्पेसक्राफ्ट Flight 13 के दौरान सफलतापूर्वक हिंद महासागर में उतरा और लैंडिंग के बाद भी पांच दिनों तक पानी की सतह पर सुरक्षित तैरता रहा। इससे पहले कई स्टारशिप परीक्षणों में रॉकेट लैंडिंग के दौरान टूट गए थे या उनमें विस्फोट हो गया था।
Starship Flight 13 की प्रमुख उपलब्धियां
- मिशन: Starship Flight 13 परीक्षण उड़ान
- लॉन्च स्थान: Texas स्थित Starbase लॉन्च सेंटर
- लैंडिंग: हिंद महासागर में सफल उतरना
- रिकॉर्ड: लैंडिंग के बाद पांच दिनों तक सुरक्षित रहना
- तकनीक: Reusable spacecraft की दिशा में बड़ा कदम
- लक्ष्य: भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों की लागत कम करना
स्पेसएक्स ने 24 जुलाई को टेक्सास स्थित अपने Starbase लॉन्च सेंटर से स्टारशिप की 13वीं परीक्षण उड़ान शुरू की थी। इस मिशन में ऊपरी चरण का Starship 40 बेहद सफल तरीके से हिंद महासागर में उतरा। लैंडिंग के दौरान इंजन बंद करने और नियंत्रण प्रक्रिया ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे स्पेसक्राफ्ट बिना ज्यादा नुकसान के पानी में उतर गया।
कंपनी के CEO एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस सफल लैंडिंग का वीडियो भी साझा किया। यह वीडियो Starlink satellite की मदद से रिकॉर्ड किया गया था, जिसमें स्टारशिप अपनी लैंडिंग के बाद पूरी तरह सुरक्षित दिखाई दे रहा था।
Starship की डिजाइन और तकनीकी क्षमता
स्टारशिप एक बहुत बड़ा स्पेसक्राफ्ट है, जिसमें दो मुख्य हिस्से होते हैं। पहला हिस्सा Super Heavy booster होता है, जो रॉकेट को ऊपर ले जाने का काम करता है। दूसरा हिस्सा Starship spacecraft होता है, जो अंतरिक्ष यात्रा के लिए बनाया गया है।
Flight 13 में इस्तेमाल किया गया Starship 40 नई V3 generation का हिस्सा है। इसकी ऊंचाई लगभग 52.1 मीटर यानी 171 फीट है, जो करीब 16 मंजिला इमारत के बराबर है। इसमें लगभग 18,000 heat-shield tiles लगाए गए हैं, जो इसे अंतरिक्ष से वापस आते समय तेज गर्मी से बचाते हैं।
इस स्पेसक्राफ्ट में छह Raptor 3 engines लगाए गए हैं। इनमें तीन इंजन समुद्र स्तर पर उड़ान के लिए और तीन इंजन अंतरिक्ष में काम करने के लिए बनाए गए हैं। इन सभी उपकरणों का कुल वजन करीब 100 टन है।
Starship तकनीक से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- ऊंचाई: लगभग 52.1 मीटर
- हीट शील्ड: करीब 18,000 tiles
- इंजन: छह Raptor 3 engines
- वजन: लगभग 100 टन
- Generation: नई V3 generation
- उपयोग: भविष्य की अंतरिक्ष यात्राएं और मिशन
Reusable spacecraft के भविष्य को मिली मजबूती
इस सफल landing ने भविष्य में reusable spacecraft की संभावना को और मजबूत किया है। अगर स्पेसक्राफ्ट को बार-बार इस्तेमाल किया जा सके तो अंतरिक्ष मिशनों की लागत कम हो सकती है। स्पेसएक्स अब हिंद महासागर में मौजूद Starship 40 को वापस लाने की तैयारी कर रही है।
हालांकि, स्पेसएक्स का पिछला रिकॉर्ड हमेशा सफल नहीं रहा है। शुरुआती परीक्षण उड़ानों में कई स्टारशिप रॉकेट लैंडिंग के समय दुर्घटनाग्रस्त हुए थे। SN8 और SN9 परीक्षणों के दौरान रॉकेट जमीन पर उतरते समय विस्फोट हो गए थे।
मार्च 2021 में SN10 ने सफलतापूर्वक उतरने की कोशिश की थी, लेकिन लैंडिंग के बाद इसमें खराबी आई और कुछ समय बाद विस्फोट हो गया। वहीं SN11 उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या के कारण टूट गया था।
Starship की शुरुआती उड़ानों में कई बार रॉकेट हवा में नष्ट हुए या समुद्र में गिरकर खराब हो गए। लेकिन Flight 13 ने पहली बार सफल soft landing के बाद लंबे समय तक सुरक्षित रहकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह उपलब्धि भविष्य की space exploration और अंतरिक्ष यात्राओं के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दी गई है। अंतरिक्ष मिशनों से जुड़े आधिकारिक अपडेट को अंतिम माना जाए।

