Stock Market Crash: लगातार 5वें दिन गिरा Sensex-Nifty

भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, महंगे कच्चे तेल और कमजोर तिमाही नतीजों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया, जिससे बाजार पूरे दिन दबाव में रहा।

भारतीय stock बाजार में शुक्रवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों के बीच वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों को लेकर चिंता बनी रही। इसी वजह से पूरे दिन बाजार दबाव में कारोबार करता रहा और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।

वैश्विक तनाव और कमजोर नतीजों से शेयर बाजार पर दबाव

कारोबार के अंत में निफ्टी 50 करीब 23,767 अंक पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स लगभग 76,408 अंक पर आ गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में लगभग 0.43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। पूरे सप्ताह की बात करें तो दोनों सूचकांकों में 2.5 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी रही, जो पिछले चार महीनों का सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन माना जा रहा है।

बाजार में केवल बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी बिकवाली देखने को मिली। निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के वित्तीय नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं। कई क्षेत्रों में खरीदारी कमजोर रहने से बाजार की धारणा पर भी असर पड़ा।

शेयर बाजार की प्रमुख बातें

  • निफ्टी 50: करीब 23,767 अंक पर बंद
  • सेंसेक्स: लगभग 76,408 अंक पर बंद
  • गिरावट: दोनों सूचकांकों में लगभग 0.43%
  • साप्ताहिक प्रदर्शन: 2.5% से अधिक कमजोरी
  • मुख्य वजह: भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर तिमाही नतीजे
  • बाजार रुख: लगातार पांचवें दिन गिरावट

महंगे कच्चे तेल और वैश्विक घटनाक्रम का असर

विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। खबरों के मुताबिक लाल सागर क्षेत्र में तेल टैंकरों पर हमले के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है, जिसका असर दुनिया भर के बाजारों पर देखने को मिल रहा है।

भारत जैसे देश के लिए महंगा कच्चा तेल बड़ी चुनौती बन सकता है क्योंकि देश अपनी जरूरत का अधिकांश तेल विदेशों से आयात करता है। यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो इससे महंगाई बढ़ सकती है, व्यापार घाटा बढ़ने की आशंका रहती है और कंपनियों के मुनाफे पर भी दबाव पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए अहम संकेत

  • फोकस: कच्चे तेल की कीमतों पर नजर
  • जोखिम: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव
  • महत्वपूर्ण: तिमाही नतीजों की समीक्षा
  • बाजार: उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है
  • रणनीति: सोच-समझकर निवेश करें
  • नजर: घरेलू और वैश्विक घटनाक्रम

कमजोर तिमाही नतीजों से बढ़ी बिकवाली

इस बीच कई कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे भी निवेशकों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। कमजोर earnings के कारण कई शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। बाजार की धारणा पर इसका सीधा असर पड़ा और कई प्रमुख कंपनियों के शेयर दबाव में कारोबार करते रहे।

दिन के कारोबार में गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस के शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज, सिर्मा एसजीएस टेक्नोलॉजी, एचएफसीएल, चेन्नई पेट्रोलियम और कई अन्य कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली रही। कुछ शेयरों में तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की।

डिजिटल कंपनियां और आगे की बाजार रणनीति

नई तकनीक से जुड़ी कंपनियां भी दबाव से बच नहीं सकीं। Swiggy और एटरनल सहित कई नई डिजिटल कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा हीरो मोटोकॉर्प, बजाज फाइनेंस, जिंदल स्टेनलेस, डालमिया भारत, एलेकॉन इंजीनियरिंग, एबॉट इंडिया और ग्रैन्यूल्स इंडिया जैसे कई बड़े शेयर भी कमजोर होकर बंद हुए।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होता है और कंपनियों के नतीजे बेहतर आते हैं तो बाजार में सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशकों को उतार-चढ़ाव के बीच सोच-समझकर investment से जुड़े फैसले लेने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि मौजूदा समय में market पर कई घरेलू और वैश्विक कारकों का असर बना हुआ है।

Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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