आज शेयर बाजार की शुरुआत कई घरेलू और वैश्विक घटनाक्रमों के बीच होने जा रही है। निवेशकों की नजर ब्याज दरों, वैश्विक बाजार, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी हुई है, जो पूरे कारोबारी सत्र की दिशा तय कर सकते हैं।
शेयर बाजार की शुरुआत पर वैश्विक संकेतों की नजर
शेयर बाजार में आज कारोबार शुरू होने से पहले कई ऐसे घरेलू और वैश्विक घटनाक्रम सामने आए हैं जिनका असर निवेशकों की सोच पर पड़ सकता है। शुरुआती संकेत बताते हैं कि बाजार की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ हो सकती है। हालांकि पिछले कारोबारी सत्र में बाजार ने मजबूत बढ़त दर्ज की थी और बड़े बैंकिंग तथा सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली थी। इसके बावजूद आज निवेशकों की नजर कई महत्वपूर्ण घटनाओं पर बनी रहेगी।
आज बाजार पर असर डालने वाले प्रमुख कारक
- Gift Nifty: शुरुआती संकेत हल्की कमजोरी के
- US Fed: ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं
- वैश्विक बाजार: एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले मिले-जुले संकेत
- Crude Oil: कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी
- Q1 Results: कई बड़ी कंपनियां जारी करेंगी नतीजे
- फोकस: Sensex और Nifty की शुरुआती चाल
विदेशी बाजारों से मिले संकेत पूरी तरह एक जैसे नहीं हैं। एशिया के कुछ बाजारों में बढ़त देखी गई, जबकि कुछ में गिरावट दर्ज हुई। इसी दौरान अमेरिकी बाजार में पिछले सत्र में तेज बिकवाली देखने को मिली। इसका असर दुनिया के अन्य बाजारों की धारणा पर भी पड़ सकता है। निवेशक अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक हालात किस दिशा में जाएंगे।
घरेलू बाजार के लिए शुरुआती संकेत देने वाला Gift Nifty अपने पिछले बंद स्तर से नीचे कारोबार करता दिखाई दिया। इसे देखते हुए माना जा रहा है कि बाजार की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हो सकती है। हालांकि दिन के दौरान कंपनियों के नतीजों और अन्य आर्थिक घटनाओं के आधार पर बाजार की दिशा बदल भी सकती है।
US Fed और वैश्विक घटनाक्रम पर रहेगी नजर
सबसे ज्यादा ध्यान अमेरिका के केंद्रीय बैंक US Fed के फैसले पर है। बैंक ने लगातार पांचवीं बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। अधिकारियों का मानना है कि महंगाई और अर्थव्यवस्था की स्थिति पर अभी और नजर रखने की जरूरत है। इसलिए फिलहाल दरों को पहले के स्तर पर ही बनाए रखा गया है। इस फैसले का असर दुनिया भर के वित्तीय बाजारों पर देखने को मिल सकता है।
दूसरी ओर पश्चिम एशिया में जारी तनाव भी निवेशकों की चिंता का कारण बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य घटनाक्रम से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर भी रुख कर सकते हैं, जिसका असर शेयर बाजार की चाल पर पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए आज किन बातों पर नजर जरूरी
- Q1: तिमाही नतीजों पर बाजार की प्रतिक्रिया
- Gold: सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग
- Crude Oil: कीमतों में बदलाव का असर
- वैश्विक तनाव: निवेशकों की धारणा पर प्रभाव
- Sensex: शुरुआती कारोबार की दिशा
- Nifty: वैश्विक संकेतों के अनुसार उतार-चढ़ाव संभव
कंपनियों के नतीजों से तय हो सकती है बाजार की दिशा
कच्चे तेल की कीमतों में पिछले सत्र की तेज बढ़त के बाद कुछ नरमी देखने को मिली है। हालांकि हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय तनाव आगे बढ़ता है तो तेल की कीमतों में फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसका असर उन देशों पर अधिक पड़ सकता है जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करते हैं।
आज कई बड़ी कंपनियां अपनी Q1 तिमाही के नतीजे भी जारी करने वाली हैं। निवेशकों की नजर इन नतीजों पर रहेगी क्योंकि इससे संबंधित कंपनियों के भविष्य और पूरे बाजार की दिशा का संकेत मिल सकता है। यदि नतीजे उम्मीद से बेहतर आते हैं तो कुछ क्षेत्रों में अच्छी खरीदारी देखने को मिल सकती है, जबकि कमजोर प्रदर्शन का असर संबंधित शेयरों पर पड़ सकता है।
सोने की कीमतों में भी हल्की मजबूती देखने को मिली है। ब्याज दरों पर लिए गए फैसले और वैश्विक अनिश्चितता के बीच कई निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मानते हैं। ऐसे समय में इसकी मांग बढ़ सकती है और कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार पर कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों का एक साथ असर पड़ रहा है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए और किसी भी निवेश से पहले सभी महत्वपूर्ण घटनाओं और बाजार की दिशा पर ध्यान देना चाहिए। आने वाले कारोबारी सत्रों में Sensex और Nifty की चाल काफी हद तक वैश्विक संकेतों, कंपनियों के नतीजों और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें।
