यह खबर होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद होने और इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों से जुड़ी है।
ईरान ने एक बार फिर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है। इसके चलते भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।
वैश्विक ऊर्जा संकट की शुरुआत
होर्मुज़ जलडमरूमध्य के लंबे समय तक बंद रहने से देश में LPG की सप्लाई पर असर पड़ सकता है, पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है और महंगाई भी बढ़ सकती है। अमेरिका के हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने का फ़ैसला किया।
⚡ ऊर्जा संकट अलर्ट
- मुख्य कारण: होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद
- प्रभाव: तेल और LPG सप्लाई बाधित
- जोखिम: महंगाई और ईंधन कीमतों में वृद्धि
- प्रभावित क्षेत्र: भारत और अन्य आयातक देश
भारत एक बार फिर तेल और LPG से जुड़े नए संकट का सामना कर रहा है। भारत से दूर हुई इस घटना ने एक बार फिर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई चिंताएँ पैदा हो गई हैं।
ईरान ने एक बार फिर घोषणा की है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद कर दिया जाएगा। ईरानी मीडिया सूत्रों के अनुसार, अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। ईरान ने होर्मुज़ से गुज़रने वाले जहाज़ों को चेतावनी जारी की है। इसका असर एक बार फिर भारत की तेल और LPG सप्लाई पर पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय तनाव और ऊर्जा व्यापार
अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने से अमेरिका नाराज़ है। पिछले दो दिनों से अमेरिका लगातार ईरान पर हमले कर रहा है। अब ईरान ने जवाबी कार्रवाई में होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने का फ़ैसला किया है। दुनिया की ऊर्जा सप्लाई होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर निर्भर करती है।
भारत का 60% से ज़्यादा तेल और LPG आयात होर्मुज़ के ज़रिए होता है। इसके अलावा, LNG का एक बड़ा हिस्सा और दुनिया का लगभग 20% तेल होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुज़रता है। नतीजतन, किसी भी रुकावट का गैस और तेल की कीमतों पर तुरंत असर पड़ता है।
भारत पर सीधा प्रभाव
अगर होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद हो जाता है, तो दुनिया भर में भारी आक्रोश होगा। हाल के दिनों में दुनिया ने इसके संकेत देखे हैं। ईरान द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पहली बार बंद करने के कारण तेल से लेकर LPG तक हर चीज़ की वैश्विक कमी हो गई थी। हालाँकि, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर से खुल गया था।
लेकिन, अमेरिकी हमलों के कारण ईरान ने इसे एक बार फिर बंद करने का फ़ैसला किया है। अगर होर्मुज़ जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो सभी देश प्रभावित होंगे। भारत भी इससे अछूता नहीं रह पाएगा।
📊 भारत पर संभावित असर
- LPG: सप्लाई बाधित होने का खतरा
- पेट्रोल-डीजल: कीमतों में वृद्धि का दबाव
- महंगाई: कुल मिलाकर बढ़ने की संभावना
- कृषि: फर्टिलाइज़र सप्लाई प्रभावित हो सकती है
चूँकि भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, इसलिए यह स्थिति देश के लिए बहुत गंभीर है। भारत का लगभग 40-50% कच्चा तेल, 60% LNG और LPG का एक बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से आयात किया जाता है।
यह रास्ता सऊदी अरब, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे बड़े ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं के लिए बहुत ज़रूरी है। भारत भी तेल और LPG के आयातक के तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर निर्भर है।
अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक रुकावट आती है, तो भारत की LPG सप्लाई पर सबसे पहले असर पड़ सकता है। भारत में लाखों परिवार खाना पकाने वाली गैस का इस्तेमाल करते हैं और बड़ी मात्रा में LPG आयात की जाती है। नतीजतन, सप्लाई में रुकावट से गैस सिलेंडरों की कीमत और उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। हालांकि, भारत में LPG की सप्लाई अभी तक स्थिर नहीं हुई है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी दबाव पड़ने की संभावना है। होर्मुज की घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। गुरुवार को ब्रेंट ऑयल की कीमतें $95 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं। तनाव और बढ़ने से तेल की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं, जिससे भारत की आयात लागत बढ़ेगी और स्थानीय पेट्रोल की कीमतों पर असर पड़ेगा। फिर भी, भारत के पास गैस और तेल का भंडार मौजूद है।
इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से गैस और तेल की सप्लाई के साथ-साथ फर्टिलाइज़र (खाद) की सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है। यूरिया और अन्य फर्टिलाइज़र के लिए भारत मुख्य रूप से खाड़ी क्षेत्र पर निर्भर है। लंबे समय तक चलने वाले संकट से कृषि उद्योग पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, किसी बड़ी आपदा की संभावना कम है, क्योंकि सरकार और तेल कंपनियों के पास शॉर्ट-टर्म रणनीतिक और कमर्शियल भंडार मौजूद हैं।
Disclaimer: यह सामग्री केवल जानकारी हेतु है और किसी आधिकारिक सरकारी नीति या पुष्टि की व्याख्या नहीं है।

