लेखांकन सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी टैली सॉल्यूशंस अपने करीब 40 साल पुराने सॉफ्टवेयर की बुनियादी तकनीक को नए सिरे से तैयार करने की योजना बना रही है। कंपनी के प्रबंध निदेशक तेजस गोयनका के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में बने रहने के लिए यह बदलाव जरूरी है। हालांकि, कंपनी के सामने एक बड़ा सवाल भी है: ग्राहक नई तकनीक को कितनी जल्दी अपनाएंगे?
टैली का सॉफ्टवेयर लंबे समय से छोटे और मध्यम कारोबारों में हिसाब-किताब, कर से जुड़े काम और वित्तीय रिकॉर्ड संभालने के लिए इस्तेमाल होता रहा है। अब कंपनी केवल मौजूदा सुविधाओं में बदलाव करने के बजाय उसकी अंदरूनी तकनीक पर दोबारा काम करना चाहती है। इसमें उसका डेटाबेस, गणना से जुड़े तरीके और मेमोरी प्रबंधन जैसी चीजें शामिल हैं।
टैली को पुराने सॉफ्टवेयर में बड़ा बदलाव क्यों करना है?
टैली ने अपने इतिहास में तकनीक बदलने के लिए कई बार सॉफ्टवेयर को नए सिरे से बनाया है। पहले कंपनी ने डॉस से विंडोज पर जाने के दौरान बदलाव किया। बाद में इंटरनेट और क्लाउड तकनीक के बढ़ने पर भी नए बदलाव करने पड़े। कंपनी का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए भी इसी तरह की तैयारी जरूरी है।
पुराने सॉफ्टवेयर में लगातार नई सुविधाएं जोड़ना हमेशा आसान नहीं होता। समय के साथ उसकी बुनियादी बनावट में सीमाएं आ सकती हैं। इसलिए टैली अब मौजूदा कोड में छोटे बदलाव करते रहने के बजाय मुख्य ढांचे को फिर से तैयार करने पर विचार कर रही है। यह काम मुश्किल और महंगा हो सकता है। फिर भी कंपनी इसे भविष्य के लिए जरूरी कदम मानती है।
हालांकि, इस बदलाव का असर ग्राहकों पर कैसा होगा, यह अभी साफ नहीं है। कारोबारियों को नई सुविधाएं उपयोगी लगेंगी या वे अपने पुराने तरीके पर ही टिके रहेंगे, इसका पता इस्तेमाल बढ़ने के बाद ही चलेगा।
टैली इरा से हिसाब-किताब में कैसे मिलेगी मदद?
टैली करीब डेढ़ साल से अपने उत्पादों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जोड़ने के तरीकों पर प्रयोग कर रही है। मई में कंपनी ने टैली इरा नाम का अपना पहला एआई आधारित उत्पाद पेश किया। इसका मकसद दस्तावेजों से जानकारी निकालना और हाथ से डेटा भरने में लगने वाला समय कम करना है।
इस उत्पाद में दस्तावेज पहचानने वाली तकनीक का इस्तेमाल होता है। यह सप्लायर के बिल और बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेजों से जरूरी जानकारी पढ़ सकता है। इसके बाद यह जानकारी टैलीप्राइम में लेखांकन प्रविष्टि बनाने के लिए तैयार की जा सकती है। इससे कारोबारियों और लेखा कर्मचारियों को हर जानकारी अलग-अलग टाइप करने की जरूरत कम हो सकती है।
टैली के इंजीनियरिंग और उत्पाद प्रमुख नबेंदु दास के अनुसार, यह सुविधा अलग-अलग प्रारूपों में मिले बिलों से भी जानकारी निकाल सकती है। कंपनी के मुताबिक, ग्राहक दस्तावेज की डिजिटल प्रति साझा कर सकते हैं और सिस्टम उसे टैली में इस्तेमाल होने वाली प्रविष्टि में बदलने में मदद करता है।
टैली इरा जानकारी निकालने के लिए गूगल के जेमिनी और चीन के ओपन-सोर्स एआई मॉडल क्वेन का इस्तेमाल करता है। इसमें ऐसा संवाद आधारित एआई सिस्टम भी है, जिससे ग्राहक अपने लेखांकन डेटा के बारे में सवाल पूछ सकते हैं। कंपनी के बताए आंकड़ों के अनुसार, शुरुआत के बाद करीब 20,000 से 25,000 ग्राहक इसका इस्तेमाल कर चुके हैं। इस दौरान लगभग 60 से 70 लाख पन्नों के बिल और बैंक स्टेटमेंट संसाधित किए गए।
फिलहाल टैली इरा टैलीप्राइम में अपने आप शामिल सुविधा नहीं है। इसे अलग से खरीदना पड़ता है। इसके लिए ग्राहक के पास टैलीप्राइम रिलीज 7.1 या उसके बाद का लाइसेंस और सक्रिय टैली सॉफ्टवेयर सर्विस सदस्यता होना जरूरी है।
क्या एआई से बने लेखांकन रिकॉर्ड पर भरोसा किया जा सकता है?
हिसाब-किताब में छोटी गलती भी कारोबार के वित्तीय रिकॉर्ड या कर संबंधी काम को प्रभावित कर सकती है। इसलिए एआई से बिल पढ़वाने और लेखांकन प्रविष्टियां तैयार करवाने में सटीकता बहुत अहम है। टैली ने माना है कि एआई हर बार पूरी तरह सही नतीजा दे, इसकी गारंटी नहीं है।
ऐसी गलती का जोखिम कम करने के लिए कंपनी ने प्रक्रिया में इंसानी जांच बनाए रखी है। सिस्टम जानकारी पढ़कर उपयोगकर्ता के सामने रखता है। इसके बाद कर्मचारी प्रविष्टि की समीक्षा कर सकते हैं और गलती दिखने पर उसे सुधार सकते हैं। यानी, सॉफ्टवेयर अपने आप अंतिम लेखांकन प्रविष्टि दर्ज नहीं करता।
यह तरीका खास तौर पर उन कारोबारों के लिए महत्वपूर्ण है जो टैलीप्राइम का इस्तेमाल कर जीएसटी से जुड़े काम और दूसरे वित्तीय रिकॉर्ड संभालते हैं। एआई समय बचा सकता है, लेकिन अंतिम जांच की जिम्मेदारी अभी भी उपयोगकर्ता की रहती है। कारोबारियों को नई सुविधा अपनाते समय दस्तावेजों और तैयार प्रविष्टियों का मिलान करते रहना चाहिए।
कर्मचारियों के काम में भी बदल सकता है एआई का इस्तेमाल
तेजस गोयनका का कहना है कि एआई से काम लेने में केवल औजार मायने नहीं रखता। कर्मचारी उस औजार से निकले नतीजे की जिम्मेदारी लेते हैं या नहीं, यह भी उतना ही जरूरी है। उदाहरण के लिए, एआई से तैयार ईमेल या रिपोर्ट को बिना जांचे भेजने और उसे पढ़कर सुधारने में बड़ा अंतर है।
इसका मतलब है कि कंपनियों में एआई का उपयोग बढ़ने पर कर्मचारियों को अपने काम की जांच करना और तकनीक के नतीजों को समझना भी सीखना होगा। केवल एआई से जवाब तैयार करवा लेना पर्याप्त नहीं होगा। सही जानकारी, संदर्भ और अंतिम नतीजे की जिम्मेदारी इंसान को ही निभानी होगी।
क्या एआई से लेखाकारों की नौकरियों पर असर पड़ेगा?
बिल की जानकारी भरना, लेन-देन दर्ज करना और बैंक स्टेटमेंट का मिलान करना लेखांकन के रोजमर्रा के काम हैं। एआई इन कामों के कुछ हिस्सों को तेज कर सकता है। इससे लेखाकारों के काम करने का तरीका बदल सकता है, खासकर उन भूमिकाओं में जहां बार-बार एक जैसी जानकारी दर्ज करनी पड़ती है।
हालांकि, टैली ने एआई अपनाने के कारण कर्मचारियों की संख्या घटाने का फैसला नहीं किया है। कंपनी में करीब 1,150 कर्मचारी हैं और पिछले तीन साल में उसका कार्यबल बढ़ा है। गोयनका के अनुसार, कंपनी नई तकनीक पर खर्च कर रही है और भर्ती भी जारी रखे हुए है। इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी फिलहाल एआई को केवल कर्मचारियों की जगह लेने वाले साधन के रूप में नहीं देख रही है।
आगे चलकर असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां तकनीक को कैसे अपनाती हैं और कर्मचारी अपने कौशल को किस तरह विकसित करते हैं। लेखांकन पेशे से जुड़े लोगों के लिए एआई से परिचित होना, आंकड़ों की जांच करना और कारोबार को वित्तीय सलाह देना जैसे कौशल और उपयोगी हो सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. टैली सॉल्यूशंस अपने सॉफ्टवेयर में क्या बदलाव करने वाली है?
कंपनी अपने करीब 40 साल पुराने लेखांकन सॉफ्टवेयर की बुनियादी तकनीक को नए सिरे से तैयार करना चाहती है, ताकि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर की जरूरतों के अनुसार काम कर सके।
2. टैली इरा क्या काम करता है?
टैली इरा बिल और बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेजों से जानकारी निकालने में मदद करता है। इससे हाथ से डेटा भरने का काम कम हो सकता है।
3. क्या टैली इरा टैलीप्राइम में मुफ्त मिलता है?
दी गई जानकारी के अनुसार, टैली इरा अलग से खरीदा जाने वाला उत्पाद है। इसके इस्तेमाल के लिए टैलीप्राइम का उपयुक्त लाइसेंस और सक्रिय टैली सॉफ्टवेयर सर्विस सदस्यता चाहिए।
4. क्या एआई लेखांकन में गलती कर सकता है?
हां। एआई से निकली जानकारी में गलती हो सकती है। इसलिए टैली प्रविष्टि को अपने आप दर्ज करने के बजाय उपयोगकर्ता को उसकी समीक्षा करने का मौका देता है।
5. क्या एआई से लेखाकारों की नौकरियां खत्म हो जाएंगी?
इसका असर काम के प्रकार और कंपनियों के फैसलों पर निर्भर करेगा। कुछ दोहराए जाने वाले काम आसान हो सकते हैं, जबकि डेटा की जांच और वित्तीय सलाह जैसे कामों में मानवीय कौशल की जरूरत बनी रहेगी।
निष्कर्ष
टैली का नया कदम दिखाता है कि पुराने सॉफ्टवेयर भी एआई के दौर में खुद को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। नई तकनीक डेटा भरने में समय बचा सकती है, लेकिन वित्तीय रिकॉर्ड की जांच जरूरी रहेगी। ग्राहकों की प्रतिक्रिया और तकनीक की सटीकता तय करेगी कि यह बदलाव कितना सफल होता है।
स्रोत: कंपनी से जुड़ी जानकारी और प्रबंधन के बयान। उत्पाद संबंधी विवरण के लिए टैली सॉल्यूशंस की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
अस्वीकरण: यह लेख केवल समाचार और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। उत्पाद की शर्तों और सुविधाओं की पुष्टि कंपनी से करें।
