टाटा समूह ने ऑटोमोबाइल कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बड़ा रोडमैप तैयार किया है। कंपनी वित्त वर्ष 2030-31 तक 100 अरब डॉलर की आय हासिल करने के लक्ष्य के साथ इलेक्ट्रिक वाहन, नए मॉडल, बैटरी निर्माण और वैश्विक विस्तार पर बड़े निवेश की योजना बना रही है।
टाटा समूह ने वित्त वर्ष 2030-31 तक अपने ऑटोमोबाइल कारोबार से 100 अरब डॉलर की आय हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक में यह जानकारी देते हुए बताया कि टाटा मोटर्स के यात्री और वाणिज्यिक वाहन कारोबार के अलग होने के बाद समूह अब चार प्रमुख ऑटो कारोबारों के जरिए तेज़ी से विस्तार पर ध्यान देगा।
टाटा समूह ने 100 अरब डॉलर आय का बड़ा लक्ष्य तय किया
🚗 टाटा ऑटो कारोबार का विजन 2030-31
- लक्ष्य: 100 अरब डॉलर की आय
- समय सीमा: वित्त वर्ष 2030-31
- रणनीति: चार प्रमुख ऑटो कारोबारों पर फोकस
- प्रमुख क्षेत्र: EV, नए मॉडल, बैटरी और वैश्विक विस्तार
- नेतृत्व: एन. चंद्रशेखरन
कंपनी के अनुसार, इस लक्ष्य में सबसे बड़ा योगदान जगुआर लैंड रोवर (JLR) का रहेगा, जिससे 45 से 50 अरब डॉलर तक की आय आने की उम्मीद है। वहीं कमर्शियल व्हीकल कारोबार से करीब 40 अरब डॉलर का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। बाकी आय पैसेंजर व्हीकल और ऑटो कंपोनेंट्स कारोबार से आने की उम्मीद है।
चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा मोटर्स भारत में अपने कारोबार के विस्तार के लिए करीब 4 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा ब्रिटेन स्थित लग्जरी कार कंपनी जगुआर लैंड रोवर अगले पांच वर्षों में लगभग 20 अरब पाउंड का निवेश करेगी। यह निवेश नए मॉडल विकसित करने, इलेक्ट्रिक वाहनों, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नई तकनीक अपनाने पर खर्च किया जाएगा।
JLR और टाटा मोटर्स का बड़ा निवेश प्लान
📊 निवेश और कारोबार की प्रमुख बातें
- JLR लक्ष्य: 45–50 अरब डॉलर की आय
- कमर्शियल व्हीकल: 40 अरब डॉलर राजस्व लक्ष्य
- भारत निवेश: लगभग 4 लाख करोड़ रुपये
- JLR निवेश: अगले 5 वर्षों में 20 अरब पाउंड
- फोकस: EV, नई तकनीक और उत्पादन क्षमता
पैसेंजर व्हीकल और EV कारोबार पर रहेगा फोकस
पैसेंजर व्हीकल कारोबार में कंपनी मार्च 2031 तक भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी 14.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करना चाहती है। इसके लिए कंपनी छह नए मॉडल लॉन्च करेगी और 20 से अधिक मौजूदा मॉडलों को नए फीचर्स और अपडेट के साथ पेश करेगी। कंपनी को उम्मीद है कि हाल ही में दोबारा पेश की गई सिएरा (Sierra) भविष्य में उसकी सबसे लोकप्रिय एसयूवी में से एक बन सकती है।
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार में टाटा मोटर्स फिलहाल करीब 45 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अग्रणी कंपनी है। कंपनी का लक्ष्य अलग-अलग कीमतों वाले नए इलेक्ट्रिक मॉडल पेश कर अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखना है, ताकि अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंच बनाई जा सके।
बैटरी निर्माण में आत्मनिर्भर बनने की तैयारी
टाटा समूह बैटरी निर्माण के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। समूह की बैटरी कंपनी एग्राटस (Agratas) वर्ष 2027 से बैटरी उत्पादन शुरू करेगी। यहां तैयार होने वाली बैटरियां जगुआर लैंड रोवर और टाटा मोटर्स दोनों को उपलब्ध कराई जाएंगी। कंपनी का मानना है कि देश में बैटरी निर्माण बढ़ने से लागत कम होगी और इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन को भी गति मिलेगी।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विवरण पर आधारित है। निवेश या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले आधिकारिक जानकारी अवश्य जांचें।

