टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के CEO और MD रणधीर ठाकुर को NDTV Profit Business Leadership Awards 2026 में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाले योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। उन्हें ‘India’s Atmanirbharta Champion’ श्रेणी में Business Leader Of The Year का पुरस्कार दिया गया। यह सम्मान मुंबई के प्रतिष्ठित ताज महल पैलेस होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया गया।
रणधीर ठाकुर को मिला India’s Atmanirbharta Champion सम्मान
यह पुरस्कार उन कंपनियों और नेताओं को दिया जाता है, जिन्होंने भारत में घरेलू निर्माण क्षमता बढ़ाने, नई तकनीक विकसित करने, आयात पर निर्भरता कम करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारतीय उत्पाद तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यक्रम में देश के कई बड़े उद्योगपति, नीति निर्माता और उद्योग जगत के प्रमुख लोग शामिल हुए।
भारत की आत्मनिर्भरता की पहल अब केवल एक सरकारी अभियान नहीं रह गई है, बल्कि यह देश की आर्थिक और तकनीकी मजबूती की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। इस पुरस्कार के जरिए उन संस्थानों को सम्मानित किया गया जो मैन्युफैक्चरिंग, स्वास्थ्य सेवा, औद्योगिक तकनीक और जरूरी ढांचे के क्षेत्रों में लंबे समय की क्षमता तैयार कर रहे हैं।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का सेमीकंडक्टर क्षेत्र में योगदान
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मजबूत करने में योगदान के लिए चुना गया। कंपनी ने देश में चिप निर्माण की क्षमता विकसित करने, सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और OSAT/ATMP जैसी सुविधाओं को आगे बढ़ाने तथा घरेलू चिप इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में काम किया है।
सेमीकंडक्टर उद्योग को भारत की तकनीकी और आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का लक्ष्य देश में एडवांस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और वैश्विक साझेदारियों के माध्यम से भारत को इस क्षेत्र में मजबूत स्थिति दिलाना है।
रणधीर ठाकुर का लंबा सेमीकंडक्टर अनुभव
रणधीर ठाकुर के पास सेमीकंडक्टर उद्योग में करीब चार दशक का अनुभव है। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च, सप्लाई चेन और तकनीकी नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में काम किया है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से पहले वह Intel में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं, जहां उन्होंने Intel Foundry Services के अध्यक्ष के रूप में कंपनी के फाउंड्री कारोबार को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई थी।
इससे पहले वह Applied Materials में भी वरिष्ठ पदों पर कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने सेमीकंडक्टर कारोबार के साथ-साथ डिस्प्ले और सोलर बिजनेस का नेतृत्व किया था। हिमाचल प्रदेश में जन्मे रणधीर ठाकुर ने National Institute of Technology, कुरुक्षेत्र से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने University of Saskatchewan से मास्टर डिग्री और University of Oklahoma से PhD हासिल की।
300 से अधिक सेमीकंडक्टर पेटेंट के मालिक हैं रणधीर ठाकुर
उन्हें 2013 में IEEE Fellow का सम्मान भी मिला था और उनके नाम 300 से अधिक सेमीकंडक्टर पेटेंट दर्ज हैं। उनके नेतृत्व में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत के चिप निर्माण क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की कोशिश कर रही है।
इस पुरस्कार श्रेणी में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के अलावा ONGC, Hindustan Aeronautics Ltd. (HAL), Dr. Reddy’s Laboratories और Wockhardt जैसी संस्थाएं भी नामांकित थीं। यह सम्मान भारत में स्वदेशी तकनीक और निर्माण क्षमता को बढ़ावा देने वाले प्रयासों को पहचान देने के उद्देश्य से दिया गया।
