Tata Steel UK EAF Project: 2029 तक मिलेगी बिजली सप्लाई

टाटा स्टील की ब्रिटेन स्थित इकाई अपनी नई इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस परियोजना को तय समय के अनुसार आगे बढ़ा रही है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टी वी नरेंद्रन ने बताया कि परियोजना का निर्माण कार्य समय पर चल रहा है और इसके लिए बिजली कनेक्शन मिलने की प्रक्रिया पर काम जारी है। कंपनी को उम्मीद है कि वर्ष 2029 तक इस परियोजना के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो जाएगी।

टाटा स्टील की EAF परियोजना 2029 तक बिजली कनेक्शन के लिए तैयार

यह परियोजना ब्रिटेन के पोर्ट टालबोट में स्थापित की जा रही है, जहां पुराने ब्लास्ट फर्नेस की जगह आधुनिक **EAF** तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस योजना पर कंपनी करीब 1.25 अरब पाउंड का निवेश कर रही है। इसका उद्देश्य स्टील उत्पादन को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाना और कार्बन उत्सर्जन को कम करना है।

कंपनी प्रमुख ने बताया कि प्लांट का निर्माण वर्ष 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन बिजली आपूर्ति शुरू होने में थोड़ा समय लग सकता है। टाटा स्टील बिजली प्रदाता संस्थाओं के साथ बातचीत कर रही है ताकि जरूरत पड़ने पर शुरुआती चरण में सीमित बिजली उपलब्ध कराई जा सके और मशीनों का परीक्षण पहले शुरू किया जा सके।

बिजली आपूर्ति में देरी से बचने की तैयारी

उन्होंने कहा कि बिजली ढांचे में संभावित देरी के असर को कम करने के लिए योजना तैयार की जा रही है। प्लांट तैयार होने के बाद परीक्षण प्रक्रिया पूरी की जाएगी ताकि उत्पादन शुरू करने से पहले सभी व्यवस्थाओं को जांचा जा सके।

कंपनी के अनुसार परियोजना स्थल पर बड़े स्तर के तोड़फोड़ कार्य पूरे हो चुके हैं और मशीनों के निर्माण व आपूर्ति का काम तेजी से चल रहा है। इस परियोजना के लिए अधिक क्षमता वाली बिजली व्यवस्था बेहद जरूरी है, क्योंकि नई तकनीक पूरी तरह बिजली आधारित होगी।

🏭 टाटा स्टील EAF परियोजना की मुख्य जानकारी

  • स्थान: पोर्ट टालबोट, ब्रिटेन
  • तकनीक: Electric Arc Furnace (EAF)
  • निवेश: करीब 1.25 अरब पाउंड
  • निर्माण लक्ष्य: वर्ष 2028 तक पूरा होने की उम्मीद
  • बिजली उपलब्धता: वर्ष 2029 तक पर्याप्त आपूर्ति की उम्मीद

इस परियोजना को ब्रिटेन सरकार से भी आर्थिक सहायता मिल रही है। योजना का लक्ष्य स्टील उत्पादन से होने वाले **CO2** उत्सर्जन को लगभग 90 प्रतिशत तक कम करना है। अनुमान है कि इससे हर साल करीब 50 लाख टन तक कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिल सकती है।

टाटा स्टील ने वर्ष 2024 में बिजली कनेक्शन को लेकर संबंधित संस्थाओं के साथ समझौता किया था। इसके तहत नई बिजली व्यवस्था तैयार की जा रही है, जो 32 लाख टन क्षमता वाले प्लांट को चलाने में सक्षम होगी।

ग्रीन स्टील उत्पादन की दिशा में बड़ा कदम

टाटा स्टील दुनिया की प्रमुख स्टील कंपनियों में शामिल है और इसकी उत्पादन क्षमता करीब 3.5 करोड़ टन सालाना है। कंपनी लगातार कम प्रदूषण वाली तकनीक अपनाने पर जोर दे रही है ताकि भविष्य में उद्योग को अधिक **Green** और टिकाऊ बनाया जा सके।

🌱 EAF तकनीक से पर्यावरण को फायदा

  • उद्देश्य: कार्बन उत्सर्जन को कम करना
  • CO2 कमी: लगभग 90 प्रतिशत तक उत्सर्जन घटाने का लक्ष्य
  • क्षमता: 32 लाख टन क्षमता वाले प्लांट के लिए बिजली व्यवस्था
  • लाभ: कम प्रदूषण और टिकाऊ स्टील उत्पादन
  • भविष्य: Green Steel उद्योग को बढ़ावा

Disclaimer: यह जानकारी सामान्य समाचार उद्देश्य से है, निवेश या व्यावसायिक सलाह नहीं है।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

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