Truth Social API से Wall Street Bots को मिलेगी तेज Trading बढ़त

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social की पोस्ट अब सिर्फ राजनीतिक चर्चा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका असर सीधे शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। वॉल स्ट्रीट की कई बड़ी निवेश कंपनियों ने ऐसे स्वचालित सिस्टम तैयार किए हैं, जो ट्रंप की पोस्ट आते ही उसे पढ़ते हैं, अहम शब्द पहचानते हैं और कुछ ही सेकंड के हिस्से में खरीद-बिक्री के आदेश जारी कर देते हैं।

ट्रंप की पोस्ट से शेयर बाजार पर पड़ रहा असर

रिपोर्ट के अनुसार, कई Trading कंपनियां पहले से ही ऐसे एल्गोरिदम का इस्तेमाल कर रही हैं, जो ट्रंप की पोस्ट में “Iran”, “ceasefire” या अन्य महत्वपूर्ण शब्दों को पहचानकर तुरंत बाजार की दिशा का अनुमान लगाते हैं। इसके बाद ये सिस्टम बिना किसी इंसानी दखल के शेयर, कमोडिटी या अन्य वित्तीय संपत्तियों में सौदे कर देते हैं।

अब ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप ने Truth API नाम की नई सेवा शुरू करने की तैयारी की है। इसके जरिए निवेश कंपनियों को ट्रंप की पोस्ट सार्वजनिक होते ही बेहद तेज गति से उपलब्ध कराई जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सेवा के लिए कंपनियों से हर महीने 1 लाख डॉलर तक शुल्क लिया जा सकता है। लंबे समय के लिए समझौता करने पर यह शुल्क कम होकर 60 हजार डॉलर प्रति माह हो सकता है।

तेज जानकारी से निवेश कंपनियों को मिल सकता है फायदा

विश्लेषकों का कहना है कि हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग करने वाली कंपनियों के लिए कुछ मिलीसेकंड या उससे भी कम समय का फायदा करोड़ों डॉलर का मुनाफा दिला सकता है। यही वजह है कि कई बड़ी कंपनियां इस नई सेवा में रुचि दिखा रही हैं। बताया गया है कि कम से कम पांच हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग फर्म पहले ही इसके लिए पंजीकरण करा चुकी हैं।

Truth API से जुड़ी मुख्य बातें

  • सेवा: Truth API
  • उद्देश्य: ट्रंप की पोस्ट तेज गति से उपलब्ध कराना
  • संभावित शुल्क: 1 लाख डॉलर प्रति माह तक
  • लाभार्थी: हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग कंपनियां
  • तकनीक: स्वचालित एल्गोरिदम और AI सिस्टम

ट्रंप की पोस्ट से बाजार में दिखा उतार-चढ़ाव

रिपोर्ट में पिछले महीने का एक उदाहरण भी दिया गया है। जब ट्रंप ने ईरान से जुड़े घटनाक्रम पर पोस्ट की, तो एक मिनट के भीतर 20 लाख से अधिक शेयरों में कारोबार हुआ और ऊर्जा तथा औद्योगिक क्षेत्र के कई शेयरों में 2 प्रतिशत से ज्यादा का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। बाद में जब उन्होंने सैन्य कार्रवाई रोकने और बातचीत की संभावना वाली पोस्ट की, तब ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र के कई शेयरों में तेज गिरावट देखी गई।

AI और बाजार की नई चुनौती

  • तकनीक: AI आधारित ट्रेडिंग सिस्टम
  • फायदा: तेजी से बाजार प्रतिक्रिया
  • चिंता: आम निवेशकों के लिए असमान अवसर
  • विवाद: विशेष तकनीकी सुविधा पर सवाल
  • भविष्य: तेज और स्वचालित बाजार निर्णय

AI सिस्टम से बढ़ सकती है प्रतिस्पर्धा

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में AI आधारित सिस्टम ऐसे संदेशों का अर्थ और उनके संभावित बाजार प्रभाव का आकलन और भी तेजी से कर सकेंगे। इससे बड़ी निवेश कंपनियों को बढ़त मिल सकती है, जबकि आम निवेशकों के लिए उसी गति से प्रतिक्रिया देना लगभग असंभव होगा।

हालांकि इस नई सेवा को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है। कुछ अमेरिकी नेताओं का कहना है कि यदि बड़ी कंपनियों को विशेष तकनीकी सुविधा के जरिए बाजार से जुड़ी जानकारी पहले और तेज मिलेगी, तो इससे समान अवसर का सिद्धांत प्रभावित हो सकता है। वहीं ट्रंप मीडिया का कहना है कि यह सेवा केवल पोस्ट को सार्वजनिक होते ही तेज गति से उपलब्ध कराएगी, किसी को पहले से जानकारी नहीं दी जाएगी।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है। निवेश निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ सलाह जरूर लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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