यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के बीच खेरसोन क्षेत्र में एंथ्रेक्स संक्रमण को लेकर नए आरोप सामने आए हैं, जिनसे स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।
यूक्रेन की रक्षा खुफिया एजेंसी (DIU) ने आरोप लगाया है कि रूस के कब्जे वाले खेरसोन (Kherson) क्षेत्र में संक्रमित पशुओं के शवों का सुरक्षित तरीके से निपटान नहीं किया जा रहा है। एजेंसी का दावा है कि इससे एंथ्रेक्स (Anthrax) बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। यूक्रेन ने इस कार्रवाई को “जैविक आतंकवाद” (Biological Terrorism) करार दिया है।
यूक्रेन ने रूस पर लगाए गंभीर आरोप
यूक्रेनी एजेंसी के अनुसार, रूस के नियंत्रण वाले खेरसोन क्षेत्र में एंथ्रेक्स से संक्रमित पशुओं के शवों को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना दफनाया जा रहा है। एजेंसी का दावा है कि इस क्षेत्र में ऐसे लगभग 50 पशु दफन स्थल हैं, जिनमें से करीब 10 को बेहद संवेदनशील माना गया है। इनमें अस्कानिया-नोवा, स्काडोव्स्क और ज़ालिज़नी पोर्ट के आसपास के इलाके शामिल बताए गए हैं।
यूक्रेन का कहना है कि एंथ्रेक्स से संक्रमित पशुओं के शवों को दफनाने के बजाय जलाकर नष्ट किया जाना चाहिए, ताकि संक्रमण आगे न फैले। लेकिन आरोप है कि कई शव ऐसे स्थानों पर दफनाए गए हैं जो सड़कों और रिहायशी इलाकों से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित हैं। एजेंसी ने यह भी दावा किया कि इन स्थलों पर सुरक्षा के लिए न तो बाड़ लगाई गई है और न ही अन्य आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
⚠️ यूक्रेन के प्रमुख आरोप
- क्षेत्र: रूस के कब्जे वाला खेरसोन
- आरोप: संक्रमित पशुओं के शवों का असुरक्षित निपटान
- बीमारी: एंथ्रेक्स (Anthrax)
- संवेदनशील स्थल: लगभग 10
- यूक्रेन का दावा: जैविक आतंकवाद का खतरा
संक्रमण फैलने का खतरा
DIU ने चेतावनी दी है कि कई दफन स्थल ऐसे इलाकों में हैं जहां भूजल का स्तर काफी ऊंचा है। ऐसे में संक्रमण मिट्टी और पानी के जरिए फैल सकता है। एजेंसी का कहना है कि एंथ्रेक्स के जीवाणु मिट्टी में कई दशकों तक, और कुछ मामलों में सौ साल से भी अधिक समय तक जीवित रह सकते हैं।
यूक्रेन का आरोप है कि यदि यह स्थिति जारी रही तो इससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के साथ-साथ खेरसोन क्षेत्र की कृषि और पशुपालन पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। संक्रमित मिट्टी और पानी के कारण स्वस्थ पशुओं में भी बीमारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
📌 रिपोर्ट की मुख्य बातें
- दफन स्थल: लगभग 50
- उच्च जोखिम वाले स्थल: करीब 10
- संभावित खतरा: मिट्टी और भूजल प्रदूषण
- स्वास्थ्य प्रभाव: इंसानों और पशुओं में संक्रमण का जोखिम
- स्थिति: स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई
फॉल्स फ्लैग अभियान की आशंका
इसके अलावा, यूक्रेनी एजेंसी ने आशंका जताई है कि भविष्य में इन दफन स्थलों का इस्तेमाल किसी “फॉल्स फ्लैग” अभियान के लिए भी किया जा सकता है। एजेंसी का दावा है कि ऐसे किसी मामले में पहले इन स्थलों पर हमला किया जा सकता है और बाद में यूक्रेन पर जैविक हथियार विकसित करने या इस्तेमाल करने का आरोप लगाया जा सकता है।
हालांकि, यूक्रेन द्वारा लगाए गए इन आरोपों की अब तक किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसी या अन्य विश्वसनीय स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। रूस की ओर से भी इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। संबंधित दावों की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।