उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और उल्लास (ULLAS) कार्यक्रम के तहत मिली यह सफलता राज्य की शिक्षा व्यवस्था और जनभागीदारी का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।
उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और उल्लास (ULLAS – Understanding Lifelong Learning for All in Society) कार्यक्रम के तहत हासिल हुई है। अधिकारियों के अनुसार, राज्य ने वयस्क साक्षरता के लिए तय सभी मानकों को पूरा कर लिया है।
उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
उत्तराखंड से पहले मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम पूर्ण साक्षर राज्य बन चुके हैं। अब उत्तराखंड इस सूची में शामिल होने वाला देश का छठा राज्य बन गया है।
📚 उत्तराखंड की बड़ी उपलब्धि
- राज्य: उत्तराखंड
- उपलब्धि: देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य
- कार्यक्रम: NEP 2020 और ULLAS
- साक्षरता दर: 98% से अधिक
- मंजूरी: राज्यपाल द्वारा स्वीकृत
- फोकस: वयस्क साक्षरता और आजीवन शिक्षा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि को राज्य के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के लगातार प्रयासों और लोगों की भागीदारी से यह सफलता मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे सामूहिक प्रयास विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आगे भी डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, आजीवन शिक्षा और जीवन कौशल को हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।
सरकार की आगे की योजना
🎯 आगे का लक्ष्य
- डिजिटल साक्षरता: सभी नागरिकों तक पहुंच
- वित्तीय साक्षरता: जागरूकता बढ़ाना
- आजीवन शिक्षा: निरंतर सीखने को बढ़ावा
- जीवन कौशल: सभी वर्गों तक विस्तार
- विकसित भारत 2047: शिक्षा के जरिए योगदान
- सरकारी फोकस: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत होती उत्तराखंड की स्थिति
राज्य मंत्रिमंडल ने 19 जून को उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने पर इस घोषणा को अंतिम स्वीकृति मिल गई।
राज्य के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि यह उपलब्धि उत्तराखंड के हर नागरिक के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सभी लोगों तक गुणवत्तापूर्ण और आजीवन शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार काम करती रहेगी।
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में उत्तराखंड की साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक है। सरकार का मानना है कि यह उपलब्धि राज्य के शिक्षा स्तर को और मजबूत करेगी तथा भविष्य में सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति देगी।

