बेंगलुरु और केरल के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे बोर्ड ने Vande Bharat एक्सप्रेस के लिए नई 16 कोच वाली आधुनिक ट्रेन चलाने का फैसला किया है। अभी तक यह सेवा 8 कोच के साथ संचालित हो रही थी, लेकिन अगले सप्ताह से नई ट्रेन शुरू होने की संभावना है। इससे यात्रियों के लिए सीटों की संख्या 530 से बढ़कर 1128 हो जाएगी, जिससे खासकर त्योहारों के दौरान यात्रा करना पहले की तुलना में आसान होगा।
बेंगलुरु-एर्नाकुलम Vande Bharat में अब 16 कोच
हर साल ओणम के समय बेंगलुरु से एर्नाकुलम आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। इस बार भी छुट्टियों को देखते हुए टिकटों की भारी मांग है। अगस्त के तीसरे और चौथे सप्ताह में कई ट्रेनों की प्रतीक्षा सूची 100 से अधिक पहुंच चुकी है, जबकि महीने के अंत तक कई तारीखों पर कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में 16 कोच वाली नई ट्रेन शुरू होने से बड़ी संख्या में यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है और अधिक लोगों को कन्फर्म सीट मिल सकेगी।
बेंगलुरु-एर्नाकुलम Vande Bharat की बड़ी अपडेट
- रूट: बेंगलुरु – एर्नाकुलम
- पुरानी व्यवस्था: 8 कोच
- नई व्यवस्था: 16 कोच
- सीट क्षमता: 530 से बढ़कर 1128
- शुरुआत: अगले सप्ताह संभावित
- सबसे बड़ा फायदा: ओणम के दौरान अधिक कन्फर्म सीटें
ओणम यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
दूसरी ओर, एर्नाकुलम से तिरुवनंतपुरम के बीच नई Vande Bharat सेवा शुरू करने की मांग पर अभी भी कोई मंजूरी नहीं मिली है। रेलवे बोर्ड का कहना है कि दोनों शहरों के बीच दूरी कम होने के कारण ट्रेन को लंबे समय तक स्टेशन पर खड़ा रखना पड़ेगा, इसलिए फिलहाल इस प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाया गया है।
हालांकि, यात्री संगठनों का कहना है कि इस समस्या का समाधान लंबी दूरी की ट्रेन से इस सेवा को जोड़कर किया जा सकता है। उनका सुझाव है कि एर्नाकुलम से चलने वाली ट्रेन तिरुवनंतपुरम पहुंचने के बाद आगे चेन्नई तक चलाई जाए। इसी तरह चेन्नई से आने वाली दूसरी ट्रेन तिरुवनंतपुरम होते हुए एर्नाकुलम तक पहुंचे। उनका मानना है कि इससे ट्रेन खाली खड़ी नहीं रहेगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और दक्षिण भारत के यात्रियों को भी अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।
नई Vande Bharat सेवा पर क्या है स्थिति?
- प्रस्तावित रूट: एर्नाकुलम – तिरुवनंतपुरम
- मंजूरी: अभी नहीं मिली
- रेलवे का कारण: कम दूरी और ट्रेन का लंबे समय तक खड़ा रहना
- यात्री संगठनों का सुझाव: सेवा को चेन्नई तक बढ़ाया जाए
- संभावित लाभ: संसाधनों का बेहतर उपयोग और अधिक यात्रियों को सुविधा
एर्नाकुलम-तिरुवनंतपुरम सेवा पर फैसला बाकी
रेलवे अधिकारियों ने फिलहाल केवल बेंगलुरु-एर्नाकुलम मार्ग पर 16 कोच वाली नई ट्रेन को मंजूरी दी है। इस फैसले से ओणम के दौरान घर लौटने वाले हजारों यात्रियों को सबसे अधिक फायदा मिलने की उम्मीद है। वहीं, एर्नाकुलम-तिरुवनंतपुरम नई सेवा को लेकर अभी अंतिम निर्णय का इंतजार बना हुआ है.
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध आधिकारिक रिपोर्ट और मीडिया स्रोतों पर आधारित है। रेलवे समय-समय पर अपने निर्णय और सेवाओं में बदलाव कर सकता है।