मेटा, जो व्हाट्सऐप की मूल कंपनी है, 1 अक्टूबर 2026 से कारोबारियों के लिए व्हाट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म पर भेजे जाने वाले कुछ ग्राहक सेवा संदेशों पर शुल्क लगाने की तैयारी कर रही है। इससे उन कंपनियों का खर्च बढ़ सकता है जो ग्राहकों से बातचीत, ऑर्डर की जानकारी और दूसरी सेवाओं के लिए व्हाट्सऐप का बड़े स्तर पर इस्तेमाल करती हैं।
1 अक्टूबर से व्हाट्सऐप बिजनेस संदेशों पर शुल्क
नई व्यवस्था के तहत ग्राहक की ओर से बातचीत शुरू होने के बाद कारोबारियों द्वारा भेजे जाने वाले सामान्य सेवा संदेशों पर प्रति संदेश शुल्क लिया जाएगा। अभी तक ऐसे संदेशों पर शुल्क नहीं लिया जा रहा था। इसी तरह, ग्राहक सेवा की 24 घंटे की खुली अवधि के दौरान भेजे जाने वाले कुछ उपयोगी या लेनदेन से जुड़े संदेश भी 1 अक्टूबर से मुफ्त नहीं रहेंगे।

सेवा संदेश में ग्राहक के सवाल का जवाब देना जैसी बातचीत शामिल होती है, जबकि उपयोगी संदेशों में भुगतान की पुष्टि, खाते से जुड़ी जानकारी, ऑर्डर की पुष्टि और सामान की डिलीवरी से संबंधित सूचना जैसी चीजें आती हैं। ग्राहक से बातचीत शुरू होने के बाद 24 घंटे की सेवा अवधि की व्यवस्था जारी रहेगी, लेकिन नई नीति के तहत इस अवधि से बाहर भेजे जाने वाले सेवा संदेशों के लिए कारोबारियों को शुल्क देना पड़ सकता है।
किन कंपनियों पर पड़ सकता है ज्यादा असर
यह बदलाव मुख्य रूप से उन कंपनियों पर असर डालेगा जो व्हाट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बड़े स्तर पर ग्राहक संपर्क के लिए करती हैं। बैंक, वित्तीय कंपनियां, दूरसंचार कंपनियां, ऑनलाइन खरीदारी से जुड़ी कंपनियां और दूसरी संस्थाएं इसके दायरे में आ सकती हैं। ऐसे कारोबारियों को अपने ग्राहक सेवा खर्च की दोबारा योजना बनानी पड़ सकती है।
मेटा ने अभी सभी देशों के लिए अंतिम शुल्क की पूरी जानकारी जारी नहीं की है। हालांकि, मौजूदा दरों के आधार पर कुछ बाजारों में उपयोगी संदेशों के लिए प्रति संदेश छोटी राशि ली जाती है। इसलिए कारोबारियों को 1 अक्टूबर से पहले अपने देश और संदेश के प्रकार के अनुसार लागू दर की जांच करनी होगी।
💬 WhatsApp Business शुल्क अपडेट
- नई तारीख: 1 अक्टूबर 2026
- मुख्य बदलाव: कुछ ग्राहक सेवा संदेशों पर शुल्क
- शुल्क का आधार: प्रति संदेश
- प्रभावित पक्ष: बड़े स्तर पर WhatsApp Business Platform इस्तेमाल करने वाले कारोबारी
- संदेश: सेवा और कुछ लेनदेन से जुड़े संदेश
- तैयारी: लागू दर और भुगतान व्यवस्था की पहले जांच जरूरी
कंपनियों और समाधान देने वाली एजेंसियों को अपने खाते में वैध भुगतान माध्यम भी जोड़ना होगा। यदि 30 सितंबर 2026 तक भुगतान की जानकारी उपलब्ध नहीं हुई, तो शुल्क लागू होने के बाद सेवा संदेशों की डिलीवरी रोकी जा सकती है। इसलिए बड़े स्तर पर व्हाट्सऐप का इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों के लिए समय रहते तैयारी करना जरूरी होगा।
मेटा का यह फैसला व्हाट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म में धीरे-धीरे बढ़ रहे प्रति संदेश शुल्क वाले मॉडल का हिस्सा है। पहले कुछ प्रकार के संदेशों को तय अवधि तक मुफ्त रखा गया था, लेकिन अब कंपनी कारोबारियों से उनके इस्तेमाल के आधार पर भुगतान लेने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे कंपनियों को ग्राहक सेवा के लिए अपने बजट और संदेश भेजने की व्यवस्था पर नए सिरे से ध्यान देना होगा।
⚠️ कारोबारियों के लिए जरूरी तैयारी
- भुगतान माध्यम: खाते में वैध भुगतान जानकारी जोड़ें
- अंतिम तारीख: 30 सितंबर 2026 तक तैयारी पूरी करें
- लागत: संदेश भेजने के खर्च का नया अनुमान लगाएं
- दर: देश और संदेश के प्रकार के अनुसार शुल्क जांचें
- ग्राहक सेवा: संदेश व्यवस्था और बजट की समीक्षा करें
- जोखिम: भुगतान जानकारी न होने पर संदेश डिलीवरी प्रभावित हो सकती है
Frequently asked questions
प्रश्न 1: 1 अक्टूबर 2026 से किन संदेशों पर शुल्क लगेगा?
उत्तर: 1 अक्टूबर 2026 से कारोबारियों द्वारा भेजे जाने वाले कुछ ग्राहक सेवा और लेनदेन से जुड़े संदेशों पर प्रति संदेश शुल्क लगाया जाएगा। यह बदलाव मुख्य रूप से WhatsApp Business सेवा का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को प्रभावित करेगा और उनके खर्च में बढ़ोतरी हो सकती है।
प्रश्न 2: क्या आम लोगों को भी इस बदलाव के लिए पैसे देने होंगे?
उत्तर: यह शुल्क मुख्य रूप से कारोबारियों के लिए है, जो ग्राहक संपर्क के लिए Business Platform का इस्तेमाल करते हैं। सामान्य उपयोगकर्ताओं से केवल संदेश भेजने या प्राप्त करने के लिए इस नई व्यवस्था के तहत कोई अलग शुल्क लेने की बात नहीं कही गई है।
प्रश्न 3: 24 घंटे वाली ग्राहक सेवा अवधि का क्या होगा?
उत्तर: ग्राहक की ओर से बातचीत शुरू होने के बाद 24 घंटे की सेवा अवधि जारी रहेगी। हालांकि, इस अवधि में भेजे जाने वाले कुछ संदेशों पर भी नया शुल्क लागू हो सकता है। कारोबारियों को संदेश के प्रकार और लागू दर की जानकारी पहले देखनी चाहिए।
प्रश्न 4: कंपनियों को नई व्यवस्था से पहले क्या करना होगा?
उत्तर: कंपनियों को अपने खाते में भुगतान का सही माध्यम जोड़ना होगा। Meta ने बताया है कि जिन कारोबारियों के खाते में 30 सितंबर तक भुगतान की जानकारी नहीं होगी, उनके शुल्क वाले संदेशों की सेवा प्रभावित हो सकती है। इसलिए पहले से तैयारी करना जरूरी है।
प्रश्न 5: नए शुल्क से किन कारोबारियों पर ज्यादा असर पड़ सकता है?
उत्तर: जिन कंपनियों का ग्राहक संपर्क बड़े स्तर पर होता है, उन पर इसका प्रभाव ज्यादा पड़ सकता है। बैंक, ऑनलाइन खरीदारी, दूरसंचार और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी कंपनियां रोजाना बड़ी संख्या में संदेश भेजती हैं। इसलिए उनके लिए अतिरिक्त Service खर्च बढ़ सकता है।
निष्कर्ष:
1 अक्टूबर 2026 से कारोबारियों के लिए संदेश भेजने की लागत बढ़ सकती है। कंपनियों को नई दरों की जानकारी लेकर अपने ग्राहक सेवा बजट की योजना बनानी चाहिए। समय पर भुगतान व्यवस्था पूरी करने से संदेश सेवा में संभावित रुकावट से बचने में मदद मिल सकती है।
