विप्रो ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक मजबूत नहीं रहा। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा पिछली तिमाही की तुलना में 4.3 प्रतिशत घटकर 3,352 करोड़ रुपये रह गया। इससे पहले मार्च तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 3,502 करोड़ रुपये था।
विप्रो के तिमाही नतीजों में मुनाफे पर दबाव दिखाई दिया है। हालांकि कंपनी का Revenue मामूली बढ़ा है, लेकिन Margin में गिरावट और बढ़ते खर्चों ने Profit पर असर डाला है।
विप्रो के मुनाफे में गिरावट, Revenue में मामूली बढ़त
कंपनी ने बताया कि तिमाही के दौरान Revenue from Operations में मामूली बढ़ोतरी हुई। यह 1 प्रतिशत बढ़कर 24,479 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, Profit में गिरावट का मुख्य कारण Margin पर दबाव और बढ़ते खर्च रहे। कंपनी ने आने वाली सितंबर तिमाही के लिए भी कमजोर Growth का अनुमान जताया है।
विप्रो के IT Services कारोबार से सितंबर तिमाही में Constant Currency आधार पर Revenue Growth -1.5 प्रतिशत से 0.5 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है। कंपनी का कहना है कि ग्राहक अभी भी Technology पर खर्च कर रहे हैं, लेकिन आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण फैसले पहले से ज्यादा सोच-समझकर लिए जा रहे हैं।
विप्रो Q1 नतीजों की मुख्य बातें
- शुद्ध मुनाफा: 3,352 करोड़ रुपये
- मुनाफे में गिरावट: 4.3 प्रतिशत
- Revenue from Operations: 24,479 करोड़ रुपये
- EBITDA: 3,829 करोड़ रुपये
- Operating Margin: 16 प्रतिशत
- Interim Dividend: 2 रुपये प्रति शेयर
Margin दबाव और AI निवेश का असर
कंपनी का EBITDA भी घटकर 3,829 करोड़ रुपये रह गया, जो बाजार के अनुमान से कम रहा। वहीं Operating Margin घटकर 16 प्रतिशत पर आ गया। पिछली तिमाही की तुलना में इसमें 130 Basis Points की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए 2 रुपये प्रति Equity Share Interim Dividend की घोषणा की है।
विप्रो के कुल Bookings इस तिमाही में 3.4 अरब डॉलर रहे, जो पिछली तिमाही से 2.4 प्रतिशत कम हैं। Large Deal Bookings 1.6 अरब डॉलर रही और कंपनी ने 13 बड़े सौदे पूरे किए। कंपनी के CEO श्रीनि पल्लिया ने कहा कि ग्राहक अब Artificial Intelligence आधारित Technology Solutions की ओर बढ़ रहे हैं और AI का इस्तेमाल कारोबार को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।
विप्रो के कारोबार से जुड़े संकेत
- Total Bookings: 3.4 अरब डॉलर
- Large Deal Bookings: 1.6 अरब डॉलर
- बड़े सौदे: 13
- AI और Digital Transformation पर फोकस
- Salary Hike और AI निवेश से Margin पर असर
- भविष्य की Growth के लिए नई रणनीति
अलग-अलग कारोबार क्षेत्रों का प्रदर्शन
Management के अनुसार Margin में कमी का एक बड़ा कारण मार्च में लागू Salary Hike और Artificial Intelligence में किए जा रहे निवेश हैं। कंपनी की Chief Financial Officer अपर्णा अय्यर ने कहा कि इन खर्चों का असर कम होने में कुछ तिमाहियां लग सकती हैं।
कंपनी के अलग-अलग कारोबार क्षेत्रों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Banking, Financial Services and Insurance (BFSI) सेगमेंट में Revenue में 1.2 प्रतिशत की गिरावट आई। Energy, Manufacturing और Resources कारोबार में 3.6 प्रतिशत और Healthcare क्षेत्र में 2.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
भविष्य की Growth को लेकर कंपनी की योजना
वहीं Consumer Segment में 0.7 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई। Technology और Communications कारोबार में भी 0.2 प्रतिशत की बढ़त रही। क्षेत्रीय प्रदर्शन की बात करें तो Americas 1 और Americas 2 बाजारों में दबाव बना रहा, जबकि APMEA क्षेत्र में 4.4 प्रतिशत की Growth देखने को मिली।
विप्रो का कहना है कि अमेरिका में कुछ ग्राहकों से जुड़ी चुनौतियों के कारण दबाव रहा है। वहीं West Asia Conflict के प्रभाव से Energy Sector प्रभावित हुआ है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले समय में बेहतर Deal Pipeline के साथ स्थिति में सुधार हो सकता है।
कुल मिलाकर, विप्रो के पहली तिमाही के नतीजे कमजोर रहे हैं, लेकिन कंपनी Artificial Intelligence, Digital Transformation और नए Technology Solutions के जरिए भविष्य की Growth को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें।