हरियाणा की कोल्ड रोलिंग मिल उपकरण निर्माता कंपनी योगिजी डिजी ने शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की दिशा में अहम कदम उठाया है। कंपनी ने IPO के लिए प्रारंभिक दस्तावेज जमा कर दिए हैं, जिसके जरिए पूंजी जुटाने और कारोबार विस्तार की योजना बनाई गई है।
हरियाणा की कोल्ड रोलिंग मिल उपकरण बनाने वाली कंपनी योगिजी डिजी ने शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने पूंजी बाजार नियामक से प्रारंभिक दस्तावेज जमा कर दिए हैं। इस IPO के जरिए कंपनी नए शेयर जारी कर पूंजी जुटाने के साथ-साथ कुछ मौजूदा निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी बेचने का अवसर भी मिलेगा।
योगिजी डिजी ने IPO के लिए बढ़ाया कदम
कंपनी की योजना 270 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर जारी करने की है। इसके अलावा मौजूदा शेयरधारक करीब 71.71 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगे। दस्तावेज दाखिल करने के समय कंपनी में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 45.27 प्रतिशत थी, जबकि बाकी हिस्सेदारी सार्वजनिक निवेशकों के पास थी।
कंपनी का प्रबंधन जरूरत पड़ने पर सूचीबद्ध होने से पहले करीब 39 करोड़ रुपये तक की राशि भी जुटा सकता है। यदि ऐसा होता है तो नए शेयर जारी करने के आकार में उसी अनुपात में कमी की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य कंपनी की पूंजी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करना है।
📈 IPO की प्रमुख जानकारी
- नए शेयर: 270 करोड़ रुपये
- ऑफर फॉर सेल: 71.71 लाख इक्विटी शेयर
- प्रवर्तक हिस्सेदारी: 45.27%
- प्री-IPO फंडिंग: 39 करोड़ रुपये तक
- उद्देश्य: पूंजी जुटाना और कारोबार विस्तार
जुटाई गई राशि का उपयोग
कंपनी ने बताया है कि जुटाई गई राशि का बड़ा हिस्सा कारोबार की दैनिक कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने में लगाया जाएगा। इसके अलावा कुछ रकम मौजूदा कर्ज चुकाने और सामान्य व्यावसायिक कार्यों के लिए भी इस्तेमाल की जाएगी। योजना के अनुसार लगभग 140 करोड़ रुपये कार्यशील पूंजी पर खर्च होंगे, जबकि करीब 45 करोड़ रुपये ऋण कम करने के लिए निर्धारित किए गए हैं।
मई 2026 तक कंपनी पर टर्म लोन के रूप में लगभग 55 करोड़ रुपये का बकाया था। कंपनी का मानना है कि कर्ज कम होने से वित्तीय स्थिति और मजबूत होगी तथा भविष्य में विस्तार योजनाओं को गति मिलेगी।
योगिजी डिजी स्टील, धातु प्रसंस्करण और इससे जुड़े उद्योगों के लिए फ्लैट स्टील प्रोसेसिंग मशीनें और उपकरण उपलब्ध कराती है। कंपनी के उत्पाद भारत के साथ-साथ कई विदेशी बाजारों में भी इस्तेमाल किए जाते हैं। इसके ग्राहक स्वतंत्र स्टील निर्माता और बड़े एकीकृत इस्पात उत्पादक दोनों हैं।
🏭 कंपनी की वित्तीय स्थिति
- कार्यशील पूंजी: लगभग 140 करोड़ रुपये
- ऋण भुगतान: लगभग 45 करोड़ रुपये
- टर्म लोन: लगभग 55 करोड़ रुपये
- वित्त वर्ष 2025-26 लाभ: 40.4 करोड़ रुपये
- कुल आय: 626.1 करोड़ रुपये
आगे की प्रक्रिया पर निवेशकों की नजर
पिछले वित्त वर्ष में कंपनी के कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2025-26 में शुद्ध लाभ करीब 44 प्रतिशत बढ़कर 40.4 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 28 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में कंपनी की आय भी लगभग 30 प्रतिशत बढ़कर 626.1 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो उसके मजबूत कारोबार को दर्शाती है।
इस सार्वजनिक निर्गम के लिए SEBI के पास दस्तावेज जमा किए गए हैं। वहीं इस Issue के प्रबंधन की जिम्मेदारी एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज और सिस्टमैटिक्स कॉर्पोरेट सर्विसेज को सौंपी गई है। अब निवेशकों की नजर नियामकीय मंजूरी और आगे की प्रक्रिया पर रहेगी, जिसके बाद कंपनी Share बाजार में सूचीबद्ध होने की दिशा में अगला कदम बढ़ाएगी।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध कंपनी दस्तावेजों और सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है। निवेश से पहले आधिकारिक जानकारी अवश्य जांच लें।
