8th Pay Commission को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों की नजरें लगातार बनी हुई हैं। खासकर फिटमेंट फैक्टर को लेकर सरकार के ताजा बयान के बाद इस विषय पर चर्चा और तेज हो गई है।
8th Pay Commission पर सरकार ने संसद में दिया जवाब
सरकार ने 8th Pay Commission में फिटमेंट फैक्टर को लेकर संसद में पहली बार अपना पक्ष स्पष्ट किया है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि आयोग अपनी कार्यप्रणाली स्वयं तय करेगा और उसे अपनी बैठकों, विचार-विमर्श या सिफारिशों की जानकारी सरकार को देना अनिवार्य नहीं है। ऐसे में फिलहाल सरकार के पास आयोग की आंतरिक प्रक्रिया से जुड़ी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
8th Pay Commission की प्रमुख बातें
- मुद्दा: Fitment Factor पर सरकार का जवाब
- स्थिति: आयोग स्वतंत्र रूप से कार्य करेगा
- सरकार का कहना: बैठकों की जानकारी देना अनिवार्य नहीं
- अधिसूचना: 3 नवंबर 2025 को जारी
- फोकस: आयोग अपनी प्रक्रिया स्वयं तय करेगा
- वर्तमान स्थिति: कोई आधिकारिक सिफारिश सामने नहीं
राज्यसभा में यह सवाल उठाया गया था कि क्या कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर तय करते समय परिवार के सदस्यों की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच करने की मांग की है। इसके साथ ही यह भी पूछा गया कि आयोग ने अब तक कितनी बैठकें की हैं, किन कर्मचारी संगठनों से बातचीत हुई है और सरकार का इस मांग पर क्या रुख है।
इस पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि 3 नवंबर 2025 को सरकार ने 8th Pay Commission के गठन और उसके कार्यक्षेत्र की अधिसूचना जारी की थी। उसी के अनुसार आयोग अपनी प्रक्रिया खुद तय करेगा और उसे अपनी प्रगति या विचार-विमर्श की जानकारी सरकार को देने की बाध्यता नहीं है।
सरकार ने आयोग की स्वतंत्र कार्यप्रणाली स्पष्ट की
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि आयोग के कार्यक्षेत्र में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत वह अपनी बैठकों, कर्मचारी संगठनों से हुई चर्चा या विचाराधीन सिफारिशों की जानकारी समय-समय पर केंद्र सरकार को भेजे। इसलिए सरकार यह नहीं बता सकती कि आयोग ने अब तक कितनी बैठकें की हैं या किन-किन संगठनों से चर्चा की गई है।
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है जिसके आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों के मूल वेतन में संशोधन किया जाता है। नया वेतन आयोग लागू होने पर इसी के आधार पर वेतन, पेंशन और सेवानिवृत्ति से जुड़े लाभों में बदलाव होता है। यही कारण है कि हर वेतन आयोग में कर्मचारियों की सबसे अधिक नजर इसी पर रहती है।
Fitment Factor क्यों है महत्वपूर्ण
- उपयोग: मूल वेतन संशोधन का आधार
- प्रभाव: वेतन, पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ
- मांग: कर्मचारी संगठन बदलाव की मांग कर रहे हैं
- निर्णय: आयोग की सिफारिशों के बाद
- सरकार का रुख: अंतिम फैसला प्रक्रिया पूरी होने पर
- स्थिति: अभी कोई आधिकारिक प्रस्ताव जारी नहीं
फिटमेंट फैक्टर पर कर्मचारियों की नजर
कर्मचारी संगठनों की ओर से लंबे समय से फिटमेंट फैक्टर में बदलाव की मांग की जा रही है। हालांकि सरकार ने संसद में साफ कर दिया है कि आयोग स्वतंत्र रूप से काम करेगा और उसकी सिफारिशों पर फैसला प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा। फिलहाल आयोग की ओर से किसी प्रस्ताव या अंतिम निर्णय की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सरकारी बयानों पर आधारित है। अंतिम निर्णय और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही नियम प्रभावी होंगे।

