भारत में प्रीमियम और लग्जरी उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से बड़ी कंपनियां अपने प्रीमियम कारोबार का विस्तार करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही हैं ताकि ग्राहकों को देश के भीतर ही बेहतर खरीदारी का अनुभव मिल सके।
ABFRL प्रीमियम रिटेल कारोबार का करेगी विस्तार
भारत में महंगे और प्रीमियम उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी को देखते हुए ABFRL ने फ्रांस की मशहूर Galeries Lafayette चेन का विस्तार करने की योजना बनाई है। कंपनी का लक्ष्य लगभग हर दो साल में एक नया बड़ा स्टोर खोलने का है। पिछले साल Mumbai में पहला स्टोर शुरू करने के बाद अब कंपनी दूसरे स्टोर के लिए Delhi में दो से तीन जगहों का आकलन कर रही है। इसकी शुरुआत वर्ष 2028 की दूसरी छमाही में होने की संभावना है। इसके बाद हैदराबाद या बेंगलुरु जैसे शहरों में भी विस्तार किया जा सकता है।
ABFRL विस्तार योजना की प्रमुख बातें
- ब्रांड: Galeries Lafayette
- रणनीति: लगभग हर दो साल में नया स्टोर
- पहला स्टोर: Mumbai
- अगला लक्ष्य: Delhi में नया प्रीमियम स्टोर
- संभावित विस्तार: हैदराबाद और बेंगलुरु
- फोकस: भारत में प्रीमियम ग्राहकों की बढ़ती मांग
कंपनी का कहना है कि भारत में अब ऐसे ग्राहकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जो पहले विदेश जाकर महंगे उत्पाद खरीदते थे, लेकिन अब देश के भीतर ही खरीदारी करना पसंद कर रहे हैं। इसी बदलाव को देखते हुए कंपनी को भरोसा है कि आने वाले वर्षों में इस कारोबार की अच्छी संभावनाएं हैं।
कंपनी के अधिकारियों के अनुसार भारत में अब तक ज्यादातर बड़े अंतरराष्ट्रीय ब्रांड अपने अलग-अलग स्टोर के जरिए कारोबार करते रहे हैं। लेकिन अब समय ऐसा आ गया है जब एक ही जगह पर कई बड़े ब्रांड और अलग-अलग तरह के उत्पाद उपलब्ध कराने वाला बड़ा स्टोर भी सफल हो सकता है। इससे ग्राहकों को एक ही स्थान पर कई विकल्प देखने और तुलना करने का मौका मिलेगा।
बढ़ती आय से प्रीमियम बाजार को मिल रहा सहारा
कंपनी का मानना है कि भारत का प्रीमियम बाजार तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इसकी रफ्तार और तेज हो सकती है। जैसे-जैसे लोगों की आय बढ़ेगी, वैसे-वैसे महंगे उत्पादों की मांग भी बढ़ेगी। खासकर बड़े शहरों में ऐसे ग्राहकों की संख्या पहले से ही अधिक है, जिससे इस कारोबार को मजबूत आधार मिल रहा है।
हाल के वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों ने भी भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। कंपनी का कहना है कि महंगे सौंदर्य उत्पाद अक्सर ग्राहकों के लिए इस बाजार में पहला कदम साबित होते हैं। इसके बाद लोग खुशबू वाले उत्पाद, बैग और फिर महंगे कपड़ों की ओर बढ़ते हैं। यही वजह है कि कंपनी सभी श्रेणियों में ग्राहकों को बेहतर विकल्प देने की कोशिश कर रही है।
भारतीय प्रीमियम बाजार की खास बातें
- मांग: प्रीमियम उत्पादों की लगातार बढ़ोतरी
- ग्राहक: विदेश के बजाय भारत में खरीदारी की बढ़ती पसंद
- लोकप्रिय श्रेणियां: सौंदर्य उत्पाद, खुशबू, बैग और कपड़े
- रुझान: गुणवत्ता और डिजाइन पर बढ़ता ध्यान
- रणनीति: चुनिंदा बड़े शहरों में विस्तार
- उद्देश्य: बेहतर खरीदारी अनुभव उपलब्ध कराना
आगे भी जारी रहेगा विस्तार
मुंबई में खुले पहले स्टोर के शुरुआती अनुभव भी कंपनी के लिए उत्साहजनक रहे हैं। उम्मीद की जा रही थी कि पुरुष ग्राहकों की हिस्सेदारी अधिक रहेगी, लेकिन महिलाओं के तैयार कपड़ों की मांग अनुमान से कहीं बेहतर रही। अब बिक्री में महिलाओं और पुरुषों की हिस्सेदारी लगभग बराबर हो गई है। यदि सौंदर्य उत्पादों को भी शामिल किया जाए तो महिलाओं की भागीदारी और अधिक दिखाई देती है।
कंपनी का कहना है कि अब भारतीय ग्राहक केवल किसी बड़े नाम वाले ब्रांड पर ही ध्यान नहीं देते, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता, डिजाइन और उसे बनाने की कला को भी महत्व देने लगे हैं। इससे बाजार पहले की तुलना में अधिक परिपक्व होता दिखाई दे रहा है।
कंपनी का मानना है कि उसका नया स्टोर और पहले से चल रहा प्रीमियम कारोबार एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धी नहीं होंगे। दोनों अलग-अलग स्तर के ग्राहकों को ध्यान में रखकर काम करेंगे। इससे ग्राहकों को धीरे-धीरे बेहतर और महंगे उत्पादों की ओर बढ़ने का अवसर मिलेगा।
दुनिया के कई देशों में महंगे उत्पादों की मांग कुछ धीमी हुई है, लेकिन कंपनी का कहना है कि भारत में अभी ऐसा कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। मुंबई का स्टोर शुरू होने के बाद से हर महीने कारोबार में सुधार देखने को मिला है। कंपनी का प्रयास है कि देश के भीतर ही ग्राहकों को बेहतर अनुभव और प्रतिस्पर्धी कीमतें मिलें, ताकि लोग केवल खरीदारी के लिए विदेश जाने के बजाय भारत में ही अपने पसंदीदा उत्पाद खरीदें।
आने वाले समय में कंपनी का ध्यान पूरे देश में बहुत अधिक महंगे शॉपिंग सेंटर बनाने पर नहीं होगा। उसका मानना है कि चुनिंदा बड़े शहरों में कुछ प्रमुख प्रीमियम केंद्र विकसित होंगे और वहीं ऐसे बड़े स्टोर स्थापित किए जाएंगे। इसी रणनीति के तहत अगले कुछ वर्षों में विस्तार की योजना तैयार की जा रही है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी व्यावसायिक या निवेश संबंधी निर्णय से पहले आधिकारिक जानकारी अवश्य जांच लें।