MV Electrosystems IPO: GMP 125 रुपये, निवेश करें या नहीं?

एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स का IPO निवेशकों के लिए खुल चुका है। रेलवे क्षेत्र से जुड़ी इस कंपनी के सार्वजनिक निर्गम को लेकर बाजार में अच्छी चर्चा है। निवेश से पहले कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति और जोखिम को समझना जरूरी माना जा रहा है।

MV Electrosystems IPO में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी

एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स का IPO निवेशकों के लिए 30 जुलाई से खुल चुका है और इसमें आवेदन करने की अंतिम तारीख 3 अगस्त तय की गई है। कंपनी ने प्रति शेयर 400 से 425 रुपये का प्राइस बैंड रखा है। शेयरों का आवंटन 4 अगस्त को होने की संभावना है। सफल निवेशकों के demat खाते में 5 अगस्त को शेयर भेजे जा सकते हैं, जबकि जिन लोगों को शेयर नहीं मिलेंगे, उन्हें उसी दिन धनवापसी की प्रक्रिया शुरू होगी। कंपनी के शेयर 6 अगस्त को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध हो सकते हैं।

एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स IPO की मुख्य जानकारी

  • IPO खुलने की तारीख: 30 जुलाई
  • आवेदन की अंतिम तारीख: 3 अगस्त
  • प्राइस बैंड: ₹400 से ₹425 प्रति शेयर
  • संभावित अलॉटमेंट: 4 अगस्त
  • Demat में शेयर: 5 अगस्त
  • संभावित लिस्टिंग: 6 अगस्त

दूसरे दिन भी इस सार्वजनिक निर्गम को लेकर निवेशकों में अच्छी रुचि देखने को मिल रही है। ग्रे मार्केट में कंपनी का प्रीमियम करीब 125 रुपये बताया जा रहा है। यदि यह स्तर बना रहता है, तो share लगभग 550 रुपये के आसपास सूचीबद्ध हो सकता है। हालांकि ग्रे मार्केट केवल बाजार की धारणा को दर्शाता है और इससे वास्तविक लिस्टिंग मूल्य की कोई गारंटी नहीं मिलती।

पहले दिन इस निर्गम को 3.87 गुना आवेदन मिले थे। दूसरे दिन सुबह 10 बजे से आगे की बोली प्रक्रिया शुरू हुई। अब निवेशकों की नजर अंतिम दिन तक मिलने वाले कुल आवेदन पर रहेगी, क्योंकि इससे इस निर्गम की मांग का बेहतर अंदाजा मिलेगा।

Brokerage कंपनियों की अलग-अलग राय

ब्रोकरेज कंपनियों की राय इस निर्गम को लेकर अलग-अलग है। एसबीआई सिक्योरिटीज का मानना है कि भारतीय रेलवे में तेजी से हो रहे आधुनिकीकरण का फायदा कंपनी को मिल सकता है। कंपनी अपने स्तर पर तीन-फेज प्रोपल्शन उपकरण तैयार करती है, जिससे भविष्य में उसके कारोबार के बढ़ने की संभावना दिखाई देती है। ब्रोकरेज का कहना है कि अभी कंपनी घाटे में रही है, लेकिन उसके पास करीब 922 करोड़ रुपये का मजबूत ऑर्डर मौजूद है, जो आने वाले समय में कारोबार को सहारा दे सकता है। इसी वजह से उसने लंबे समय के नजरिए से निवेश की सलाह दी है।

दूसरी ओर Swastika Investmart ने इस निर्गम से दूरी बनाने की सलाह दी है। ब्रोकरेज के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की आय में करीब 21 प्रतिशत की गिरावट आई और उसे लगभग 12.6 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। इसके अलावा प्रमोटरों से जुड़े कुछ लेनदेन और ऋण को भी जोखिम के रूप में देखा गया है। उनका कहना है कि जब तक कंपनी लगातार बेहतर नतीजे नहीं दिखाती, तब तक सतर्क निवेशकों को इंतजार करना चाहिए।

IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग

  • कुल इश्यू साइज: ₹290 करोड़
  • वर्किंग कैपिटल: लगभग ₹180 करोड़
  • रिसर्च एंड डेवलपमेंट: ₹21 करोड़
  • इश्यू प्रकार: पूरी तरह फ्रेश इश्यू
  • अन्य उपयोग: सामान्य कारोबारी जरूरतें
  • फोकस: रेलवे इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार का विस्तार

कंपनी का कारोबार और निवेशकों के लिए अहम जानकारी

यह सार्वजनिक निर्गम पूरी तरह नए शेयर जारी करके 290 करोड़ रुपये जुटाने के लिए लाया गया है। इसमें किसी भी मौजूदा निवेशक की हिस्सेदारी की बिक्री शामिल नहीं है। कंपनी इस राशि का लगभग 180 करोड़ रुपये लंबे समय की कार्यशील पूंजी की जरूरतों पर खर्च करेगी। वहीं 21 करोड़ रुपये नए बिजली से जुड़े उपकरणों के अनुसंधान और विकास पर लगाए जाएंगे। बची हुई राशि का उपयोग सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा।

एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स की स्थापना वर्ष 2009 में हुई थी। कंपनी रेलवे में इस्तेमाल होने वाले बिजली और पावर electronics उपकरणों की डिजाइन, विकास, निर्माण और असेंबली का काम करती है। इसके उत्पादों में तीन-फेज प्रोपल्शन सिस्टम, स्विचगियर पैनल, केबल सुरक्षा समाधान और कई अन्य विद्युत उपकरण शामिल हैं। कंपनी को भारतीय रेलवे के बढ़ते विद्युतीकरण, मेक इन इंडिया अभियान और रेल नेटवर्क के विस्तार से भविष्य में कारोबार बढ़ने की उम्मीद है।

कंपनी के प्रमोटरों में मोहित वोहरा, अमित धवन, सुमित धवन, राहुल धवन, सोनाली धवन और रामेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं। listed होने के बाद भी यही लोग कंपनी का संचालन जारी रखेंगे। खास बात यह है कि प्रसिद्ध निवेशक माधुरी मधुसूदन केला के पास भी कंपनी में लगभग 5.6 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिससे इस सार्वजनिक निर्गम पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।

सेबी के नियमों के अनुसार इस निर्गम का 75 प्रतिशत हिस्सा योग्य संस्थागत निवेशकों के लिए, 15 प्रतिशत गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए और 10 प्रतिशत खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया है। खुदरा निवेशकों को कम से कम 34 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा, जिसके लिए ऊपरी प्राइस बैंड के अनुसार न्यूनतम निवेश 14,450 रुपये बनेगा। निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, जोखिम और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी IPO में निवेश से पहले आधिकारिक दस्तावेज और वित्तीय सलाह अवश्य लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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