Apple के शेयरों में शुक्रवार को करीब 10 प्रतिशत की तेज गिरावट देखने को मिली। कंपनी के ताजा अनुमान से पता चला कि उसे जरूरी कंपोनेंट्स की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसका बड़ा कारण दुनियाभर में AI आधारित Data Center की बढ़ती मांग बताई जा रही है, जिससे सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। अगर शेयरों में यह गिरावट बनी रहती है तो कंपनी के बाजार मूल्य में लगभग 500 अरब डॉलर की कमी आ सकती है। कुछ दिन पहले ही Apple ने दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का स्थान हासिल किया था, लेकिन अब Nvidia के फिर से पहले स्थान पर पहुंचने की संभावना बढ़ गई है।
Apple के शेयरों में बड़ी गिरावट, सप्लाई संकट बढ़ा
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक ने कहा कि जरूरी कंपोनेंट्स की कमी काफी गंभीर है और फिलहाल इसके समाधान के लिए विकल्प सीमित हैं। यह उनकी सीईओ के रूप में आखिरी आय समीक्षा बैठक भी रही, क्योंकि सितंबर में वह पद छोड़कर एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका संभालेंगे। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर Apple जैसी बड़ी कंपनी भी सप्लाई की समस्या से जूझ रही है तो बाकी कंपनियों के लिए स्थिति और कठिन हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार बड़ी टेक कंपनियां अपने AI प्रोजेक्ट्स के लिए बड़ी मात्रा में चिप्स और मेमोरी खरीद रही हैं। इससे बाजार में इन सामानों की कमी हो रही है और उनकी कीमतें बढ़ रही हैं। इसका असर स्मार्टफोन और कंप्यूटर बनाने वाली कंपनियों पर भी पड़ रहा है। Apple ने कुछ समय तक बढ़ती लागत का असर कम रखा, लेकिन अब प्रोसेसर की कमी के कारण वह iPhone और Mac की मजबूत मांग को पूरी तरह पूरा नहीं कर पा रही है।
Apple के ताजा अपडेट
- शेयर गिरावट: करीब 10 प्रतिशत
- संभावित Market Value नुकसान: लगभग 500 अरब डॉलर
- मुख्य कारण: AI आधारित Data Center की बढ़ती मांग
- Revenue अनुमान: 9 से 11 प्रतिशत वृद्धि
- iPhone आय: लगभग 54.3 अरब डॉलर
- Mac आय: लगभग 10.4 अरब डॉलर
iPhone और Mac कारोबार का प्रदर्शन
कंपनी ने चालू तिमाही में 9 से 11 प्रतिशत Revenue वृद्धि का अनुमान दिया है, जबकि बाजार को इससे अधिक बढ़ोतरी की उम्मीद थी। यही वजह रही कि निवेशकों की चिंता बढ़ी। हालांकि जून तिमाही में iPhone की बिक्री मजबूत रही। इस दौरान iPhone से कंपनी की आय लगभग 54.3 अरब डॉलर रही, जो अनुमान से बेहतर रही। पिछले साल लॉन्च की गई iPhone 17 सीरीज और मार्च में आए नए 17e मॉडल की मांग अच्छी बनी हुई है।
Mac कारोबार ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। इस श्रेणी से कंपनी की आय लगभग 10.4 अरब डॉलर रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है। मार्च में लॉन्च किए गए नए MacBook मॉडल और दूसरे नए उत्पादों का इसमें बड़ा योगदान रहा। दूसरी ओर iPad की बिक्री उम्मीद से कमजोर रही। इस श्रेणी से कंपनी को लगभग 6.19 अरब डॉलर की आय हुई, जो बाजार के अनुमान से कम रही।
वियरेबल्स, होम और एक्सेसरीज़ कारोबार से कंपनी को लगभग 7.88 अरब डॉलर की आय हुई, जो पिछले वर्ष से 6.5 प्रतिशत अधिक है। आने वाले महीनों में Apple नए स्मार्टवॉच, होम डिवाइस और अन्य उत्पाद बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। साथ ही कंपनी इस साल के अंत और अगले वर्ष की शुरुआत में कई नए Mac और iPad भी पेश करने की योजना बना रही है, जिनसे बिक्री को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
BEL को मिले नए ऑर्डर
- नए ऑर्डर: 847 करोड़ रुपये
- मुख्य क्षेत्र: इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स, सिक्योरिटी सिस्टम, सीकर्स और स्पेयर पार्ट्स
- ऑर्डर बुक: 72,258 करोड़ रुपये
- शुद्ध लाभ: 1,048 करोड़ रुपये
- परिचालन आय: 5,533 करोड़ रुपये
BEL के कारोबार में लगातार ऑर्डर
दूसरी ओर रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानी BEL ने शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद 847 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिलने की जानकारी दी। कंपनी के अनुसार उसे इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स, सिक्योरिटी सिस्टम, सीकर्स, स्पेयर पार्ट्स और विभिन्न सेवाओं से जुड़े ऑर्डर मिले हैं। इससे पहले जुलाई में कंपनी को 572 करोड़ रुपये और जून के अंत में 1,081 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिल चुके हैं। लगातार नए ऑर्डर मिलने के बावजूद इस साल कंपनी के शेयरों पर दबाव बना हुआ है।
BEL के मजबूत तिमाही नतीजे
हाल ही में जारी तिमाही नतीजों में BEL का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर बढ़कर 1,048 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि परिचालन से आय बढ़कर 5,533 करोड़ रुपये रही। कंपनी का ऑर्डर बुक जुलाई 2026 की शुरुआत तक 72,258 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जिससे आने वाली तिमाहियों में कारोबार की अच्छी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। हालांकि हाल के महीनों में शेयर में उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन लंबे समय में इसने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है।
