बजाज ग्रुप ने जून 2026 तिमाही के शानदार नतीजों की बदौलत भारतीय कारोबार जगत में बड़ा मुकाम हासिल किया है। खास तौर पर Bajaj Finance के बेहतर प्रदर्शन के बाद कंपनी के शेयरों में तेज बढ़त देखने को मिली, जिससे पूरे समूह का कुल Market Cap बढ़कर करीब 15.7 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।
इसके साथ ही बजाज ग्रुप ने बाजार मूल्य के मामले में एचडीएफसी ग्रुप को पीछे छोड़ दिया। वहीं एचडीएफसी ग्रुप का कुल बाजार मूल्य करीब 13.8 लाख करोड़ रुपये पर आ गया, जिससे दोनों समूहों के बीच लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का अंतर बन गया।
जून 2026 तिमाही के बेहतर नतीजों के बाद बजाज ग्रुप ने बाजार मूल्य के मामले में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इससे भारतीय कॉरपोरेट जगत में समूह की स्थिति और मजबूत हुई है।
बजाज ग्रुप ने Market Cap में बनाई बड़ी बढ़त
बजाज ग्रुप की बड़ी उपलब्धियां
- Market Cap: करीब 15.7 लाख करोड़ रुपये
- मुख्य वजह: Bajaj Finance का शानदार प्रदर्शन
- एचडीएफसी ग्रुप: करीब 13.8 लाख करोड़ रुपये
- अंतर: लगभग 2 लाख करोड़ रुपये
- रैंक: भारत का चौथा सबसे बड़ा कारोबारी समूह
यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि साल 2018 में एचडीएफसी ग्रुप ने बाजार मूल्य के आधार पर टाटा ग्रुप को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया था। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े बदलाव हुए हैं। एचडीएफसी लिमिटेड के HDFC Bank में विलय और समूह की कई कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन का असर इसकी कुल वैल्यू पर साफ दिखाई दिया है। दूसरी ओर, बजाज ग्रुप की कंपनियों ने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।
साल 2026 की बात करें तो बजाज ग्रुप के बाजार मूल्य में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके विपरीत एचडीएफसी ग्रुप की कुल वैल्यू करीब 4.2 लाख करोड़ रुपये घट गई, जो बड़े भारतीय कारोबारी समूहों में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। इस गिरावट में सबसे बड़ा योगदान एचडीएफसी बैंक का रहा, जिसकी बाजार वैल्यू इस वर्ष लगभग 3.7 लाख करोड़ रुपये कम हुई। वहीं एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस की वैल्यू में भी करीब 42 हजार करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।
किन कंपनियों का रहा सबसे बड़ा योगदान
दूसरी तरफ बजाज ग्रुप की प्रमुख कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। Bajaj Finance की बाजार वैल्यू में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ, जबकि बजाज ऑटो ने भी करीब 61 हजार करोड़ रुपये का योगदान दिया। समूह की कुल वैल्यू में बजाज फाइनेंस की हिस्सेदारी लगभग 45 प्रतिशत है, जबकि बजाज फिनसर्व और बजाज ऑटो मिलकर करीब 41 प्रतिशत योगदान देते हैं। वहीं एचडीएफसी ग्रुप की कुल वैल्यू में अकेले एचडीएफसी बैंक की हिस्सेदारी करीब 83 प्रतिशत बनी हुई है।
शेयर और Brokerage की राय
- Share: करीब 9.3 प्रतिशत की तेजी
- रिकॉर्ड भाव: 1,151.50 रुपये
- मुख्य कारण: जून तिमाही के बेहतर नतीजे
- ब्रोकरेज: सकारात्मक रुख बरकरार
- Buy: खरीदारी की सलाह जारी
शेयर में तेजी और आगे का नजरिया
15.7 लाख करोड़ रुपये के कुल बाजार मूल्य के साथ बजाज ग्रुप अब भारत का चौथा सबसे बड़ा कारोबारी समूह बन गया है। इससे आगे केवल टाटा ग्रुप, रिलायंस ग्रुप और अडानी ग्रुप हैं, जिनकी बाजार वैल्यू अभी भी अधिक है। इस उपलब्धि ने बजाज ग्रुप की स्थिति को भारतीय कॉरपोरेट जगत में और मजबूत कर दिया है।
शुक्रवार को Share में लगभग 9.3 प्रतिशत की तेज बढ़त दर्ज हुई और कीमत 1,151.50 रुपये के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इस तेजी की मुख्य वजह जून तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजे रहे। कंपनी ने अपने कारोबार से जुड़े कई अहम संकेतकों में सुधार दिखाया, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ।
बेहतर प्रदर्शन के बाद कई प्रमुख ब्रोकरेज संस्थानों ने भी कंपनी के प्रति सकारात्मक रुख अपनाया। उनका मानना है कि कंपनी की परिसंपत्तियों की गुणवत्ता पहले से बेहतर हुई है और कर्ज से जुड़ी लागत में भी कमी आई है। एक वैश्विक वित्तीय संस्था ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा कि कंपनी के कारोबार से जुड़े प्रमुख संकेतक तय अनुमान से बेहतर रहे हैं। संस्था के अनुसार कंपनी ने फिलहाल अपने भविष्य के अनुमान में बदलाव नहीं किया है, लेकिन इसे किसी चिंता का संकेत नहीं बल्कि कारोबार को लेकर मजबूत विश्वास के रूप में देखा जा रहा है। इसमें केवल Buy की सलाह बरकरार रखी गई है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के लिए है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।
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