ITC Q1 Results: आय बढ़ी, मुनाफा घटा, शेयर पर दिखा असर

आईटीसी के जून 2026 तिमाही के नतीजों में कंपनी की आय बढ़ने के बावजूद मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने बताया कि इस दौरान उसका कुल Revenue बढ़कर 29,523.30 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 27.6 प्रतिशत अधिक है। हालांकि इसके बाद भी शुद्ध लाभ 15.6 प्रतिशत घटकर 4,508.79 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी के अनुसार इस तिमाही में सिगरेट पर बढ़े टैक्स, कृषि कारोबार की कमजोरी और कच्चे माल की बढ़ती लागत का सीधा असर उसके नतीजों पर पड़ा। वहीं कंपनी को स्प्राउटलाइफ फूड्स में अपनी हिस्सेदारी के पुनर्मूल्यांकन से एक बार का लाभ भी मिला, जिससे मुनाफे को कुछ सहारा मिला।

आय बढ़ने के बावजूद मुनाफे में गिरावट

अगर विशेष मदों को अलग कर देखा जाए तो कंपनी का वास्तविक लाभ और अधिक कमजोर रहा। टैक्स के बाद असाधारण मदों से पहले का शुद्ध लाभ करीब 23.2 प्रतिशत घटकर 4,103 करोड़ रुपये रह गया। वहीं कंपनी की परिचालन आय से होने वाली कमाई में भी लगभग 24 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इससे साफ है कि बढ़ती बिक्री के बावजूद खर्चों का दबाव कंपनी पर लगातार बना हुआ है।

इस तिमाही में कंपनी के एफएमसीजी कारोबार ने अच्छा प्रदर्शन किया और इस हिस्से की आय में लगभग 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दूसरी ओर सिगरेट कारोबार से मिलने वाली शुद्ध आय में करीब 25 प्रतिशत की गिरावट आई। कृषि कारोबार भी कमजोर रहा और इसकी आय घटकर 8,082.06 करोड़ रुपये रह गई। इन दोनों क्षेत्रों में आई कमजोरी का असर कंपनी के कुल लाभ पर साफ दिखाई दिया।

आईटीसी जून 2026 तिमाही के प्रमुख आंकड़े

  • कुल Revenue: ₹29,523.30 करोड़
  • Revenue वृद्धि: 27.6%
  • शुद्ध लाभ: ₹4,508.79 करोड़
  • लाभ में गिरावट: 15.6%
  • मुख्य कारण: बढ़ा टैक्स, कृषि कारोबार की कमजोरी और कच्चे माल की लागत
  • एक बार का लाभ: स्प्राउटलाइफ फूड्स हिस्सेदारी का पुनर्मूल्यांकन

एफएमसीजी और कृषि कारोबार का प्रदर्शन

शुक्रवार को कंपनी के नतीजे आने के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। शेयर बाजार में आईटीसी का Share लगभग 1.42 प्रतिशत गिरकर 281 रुपये पर बंद हुआ, जबकि उसी दिन प्रमुख सूचकांक निफ्टी में हल्की बढ़त दर्ज की गई। इससे यह संकेत मिला कि निवेशक फिलहाल कंपनी के सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर सतर्क हैं।

कंपनी ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल और उससे जुड़े कई उत्पाद महंगे हो गए हैं। इसके अलावा वैश्विक व्यापार और आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हुई है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ी है। कंपनी ने कमजोर मानसून और कृषि क्षेत्र में कम बुआई को भी आने वाले समय के लिए चिंता का विषय बताया है। उसका मानना है कि यदि इन स्थितियों में जल्द सुधार नहीं हुआ तो लागत का दबाव आगे भी बना रह सकता है।

कंपनी के सामने प्रमुख चुनौतियां

  • सिगरेट टैक्स: बढ़े टैक्स का असर
  • कच्चा माल: लागत में लगातार बढ़ोतरी
  • पश्चिम एशिया तनाव: सप्लाई और निर्यात प्रभावित
  • कृषि कारोबार: कमजोर प्रदर्शन और कम बुआई
  • शेयर बाजार: Share 1.42% गिरकर ₹281 पर बंद
  • आगे की चुनौती: लागत नियंत्रण और मांग बनाए रखना

मांग और लागत पर कंपनी की नजर

आईटीसी का कहना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की मांग अभी भी ठीक बनी हुई है, लेकिन आयात से जुड़े महंगे कच्चे माल पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। देश में खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने से खुदरा महंगाई भी ऊपर गई है, जिसका असर उपभोक्ताओं और कंपनियों दोनों पर पड़ सकता है।

बढ़ती लागत से निपटने के लिए कंपनी ने सिगरेट की कीमतों में चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी शुरू की है। साथ ही अपने उत्पादों की श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए कई नए कदम उठाए हैं। डेयरी, स्नैक्स, नूडल्स और फ्रोजन फूड जैसे उत्पादों की बिक्री में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। व्यक्तिगत देखभाल से जुड़े उत्पादों की बिक्री में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। कंपनी का कहना है कि बढ़ती लागत के बावजूद उसने अपने Brand कारोबार में बेहतर संतुलन बनाए रखा है और खर्च कम करने के प्रयास लगातार जारी हैं।

डिजिटल कारोबार और आगे की स्थिति

आईटीसी ने यह भी बताया कि उसका डिजिटल और ऑर्गेनिक कारोबार लगातार आगे बढ़ रहा है। योगा बार, 24 मंत्रा, प्रसूमा, मीटीगो और मदर स्पर्श जैसे कारोबारों की सालाना अनुमानित बिक्री करीब 1,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। वहीं ताजा खाद्य उत्पादों का कारोबार भी तेज गति से बढ़ रहा है। कंपनी का कृषि कारोबार अभी निर्यात में आई रुकावटों से प्रभावित है, क्योंकि पश्चिम एशिया के हालात के चलते कई ग्राहकों ने नए ऑर्डर कुछ समय के लिए टाल दिए हैं। इसी वजह से इस क्षेत्र का प्रदर्शन उम्मीद से कमजोर रहा। निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि हाल में कीमतों में बढ़ोतरी के कारण सिगरेट की बिक्री पर भी दबाव बना रह सकता है।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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