भारत की बड़ी कंपनियों में Hiring की रफ्तार को लेकर नई तस्वीर सामने आई है। बढ़ती लागत, Economic uncertainty और AI Automation के बढ़ते इस्तेमाल के कारण कई कंपनियां नई Recruitment को लेकर सतर्क हो गई हैं। कंपनियां अब Productivity बढ़ाने और कम संसाधनों में बेहतर काम करने पर ध्यान दे रही हैं।
भारत की कई बड़ी कंपनियों ने पिछले कुछ वर्षों में नई भर्तियों की रफ्तार कम कर दी है। बढ़ती लागत, Economic uncertainty और Automation के बढ़ते इस्तेमाल के कारण कंपनियां नए कर्मचारियों की भर्ती को लेकर सतर्क रुख अपना रही हैं।
बड़ी कंपनियों में Recruitment घटने के पीछे कारण
बीएसई सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से नौ कंपनियों के नए कर्मचारियों की संख्या वित्त वर्ष 2026 में वित्त वर्ष 2024 की तुलना में करीब 27 प्रतिशत कम रही। वहीं कुछ कंपनियों ने अधिक भर्ती की है, जबकि कई कंपनियां अपनी नई नियुक्तियों से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक नहीं करती हैं।
Reliance Industries, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), भारती एयरटेल, अडानी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, टेक महिंद्रा और पावरग्रिड जैसी कंपनियों ने हाल के वर्षों में भर्ती से जुड़े आंकड़े जारी किए हैं। इनमें से अधिकतर कंपनियों में नई नियुक्तियों में गिरावट देखने को मिली है।
💼 कंपनियों में Hiring कम होने की वजह
- मुख्य कारण: बढ़ती लागत और आर्थिक अनिश्चितता
- Technology Impact: AI और Automation का बढ़ता इस्तेमाल
- बदलाव: कम कर्मचारियों में ज्यादा Productivity
- प्रभावित क्षेत्र: Banking, IT और Manufacturing
- नई जरूरत: ज्यादा Skill वाले कर्मचारियों की मांग
AI Automation से बदल रहा है Job Market
विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियां अब कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा काम करने पर ध्यान दे रही हैं। टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन की मदद से कई काम कम समय और कम संसाधनों में पूरे किए जा रहे हैं, जिससे नए कर्मचारियों की जरूरत कम हो रही है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज में नई भर्तियां वित्त वर्ष 2024 में करीब 1.70 लाख थीं, जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 1.90 लाख पहुंच गईं, लेकिन वित्त वर्ष 2026 में घटकर करीब 1 लाख रह गईं। इसी तरह एचडीएफसी बैंक में नई नियुक्तियां 89,115 से घटकर 45,902 रह गईं।
भारती एयरटेल और अन्य कंपनियों में भर्ती का रुझान
Bharti Airtel में भी भर्ती संख्या में कमी आई है। कंपनी ने कुछ साल पहले 5,956 नए कर्मचारियों को जोड़ा था, लेकिन वित्त वर्ष 2026 में यह संख्या घटकर 3,751 रह गई।
हालांकि, कुछ सरकारी कंपनियों में भर्ती बढ़ी है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने वित्त वर्ष 2026 में 25,633 नए कर्मचारियों की नियुक्ति की, जबकि इससे पिछले साल यह संख्या केवल 1,770 थी। इसमें अधिकारियों, एसोसिएट और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की भर्ती शामिल थी।
🏦 SBI और सरकारी कंपनियों में बढ़ी भर्ती
- SBI Recruitment: वित्त वर्ष 2026 में 25,633 नई नियुक्तियां
- पिछला आंकड़ा: इससे पिछले साल 1,770 कर्मचारी
- भर्ती क्षेत्र: अधिकारी, एसोसिएट और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी
- PowerGrid: 1,280 नई नियुक्तियां
- रोजगार अवसर: सरकारी क्षेत्र में मजबूत मांग
PowerGrid और सरकारी सेक्टर में रोजगार अवसर
पावरग्रिड ने भी वित्त वर्ष 2026 में 1,280 नई नियुक्तियां कीं, जो पिछले आंकड़े 431 से काफी अधिक है।
जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी वैश्विक घटनाओं ने भी कंपनियों की भर्ती योजनाओं को प्रभावित किया है। आर्थिक अनिश्चितता के कारण कई कंपनियां निवेश और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने में सावधानी बरत रही हैं।
टाटा स्टील ने बताया कि पिछले वर्षों में भर्ती ज्यादा होने की वजह कंपनी के विस्तार प्रोजेक्ट थे। कंपनी ने कहा कि artificial intelligence और डिजिटल समाधान के कारण कुछ दोहराव वाले कामों में कर्मचारियों की जरूरत कम हो रही है।
भविष्य में Skill वाले कर्मचारियों की मांग बढ़ेगी
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कंपनियां ज्यादा कुशल कर्मचारियों को प्राथमिकता दे सकती हैं। ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ कम संख्या में लेकिन अधिक Skill वाले कर्मचारियों की मांग बढ़ सकती है।
वित्तीय क्षेत्र में अभी भी रोजगार के अवसर बने हुए हैं क्योंकि भारत में बैंकिंग, बीमा और निवेश जैसी सेवाओं की पहुंच बढ़ रही है। इससे कुछ क्षेत्रों में नई नौकरियों की संभावना बनी रह सकती है।
Frequently Asked Questions
1. भारत की बड़ी कंपनियां भर्ती क्यों कम कर रही हैं?
भारत की कई बड़ी कंपनियां बढ़ती लागत, आर्थिक अनिश्चितता और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल के कारण नई भर्तियों में सावधानी बरत रही हैं। कंपनियां अब कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा Productivity हासिल करने पर ध्यान दे रही हैं।
2. किन कंपनियों में नई भर्ती कम हुई है?
रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, टाटा स्टील और टेक महिंद्रा जैसी कई बड़ी कंपनियों में वित्त वर्ष 2026 के दौरान नई नियुक्तियों में कमी देखने को मिली है। हालांकि कुछ सरकारी कंपनियों ने भर्ती बढ़ाई है।
3. क्या AI की वजह से नौकरियों पर असर पड़ रहा है?
AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी के कारण कई कंपनियों में दोहराव वाले कामों के लिए कर्मचारियों की जरूरत कम हो रही है। कंपनियां अब ऐसे कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रही हैं जिनके पास बेहतर Skill और तकनीकी जानकारी हो।
4. SBI में भर्ती क्यों बढ़ी है?
भारतीय स्टेट बैंक ने वित्त वर्ष 2026 में बड़ी संख्या में नए कर्मचारियों की नियुक्ति की है। बैंक ने अधिकारियों, एसोसिएट और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की भर्ती की, जिससे सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
5. भविष्य में नौकरी बाजार कैसा रह सकता है?
भविष्य में नौकरी बाजार में बदलाव जारी रह सकता है। कंपनियां कम संख्या में लेकिन ज्यादा योग्य कर्मचारियों को नियुक्त कर सकती हैं। टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, डिजिटल सेवाओं और नए Skill वाले क्षेत्रों में अवसर बने रहेंगे।
Disclaimer: यह जानकारी केवल समाचार उद्देश्य से है। नौकरी और करियर से जुड़े फैसले लेने से पहले सही जानकारी जरूर जांचें।

