भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं, 13 अगस्त से पूर्वी राज्यों में बारिश की गतिविधि और बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने उत्तर-पूर्वी राज्यों और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ का खतरा भी जताया है।
कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, 10 से 15 अगस्त के बीच हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में कई जगहों पर व्यापक बारिश हो सकती है। कोंकण क्षेत्र और गोवा में भी इस दौरान बारिश का सिलसिला बने रहने की संभावना है। गुजरात में 10 से 12 अगस्त के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है।
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में पूरे सप्ताह कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में अगले दो दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
पूर्वी भारत के लिए भी मौसम विभाग ने खास चेतावनी दी है। 13 अगस्त के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल तथा बांग्लादेश के तटीय क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से 13 अगस्त के बाद पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में बारिश बढ़ सकती है।
इन राज्यों में बढ़ सकती है बारिश
- 13 अगस्त के बाद: पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार
- 10 से 15 अगस्त: हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड
- 10 से 12 अगस्त: गुजरात में कई स्थानों पर बारिश
- 12 से 15 अगस्त: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय
- कोंकण और गोवा: बारिश का दौर जारी रहने की संभावना
उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी बारिश का असर
उत्तर-पूर्व भारत के कई हिस्सों में भी आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 12 से 15 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर व्यापक बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 अगस्त को और फिर 12 से 13 अगस्त के बीच कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है।
IMD ने अगले 24 घंटे के दौरान उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों तथा आसपास के इलाकों में कम से मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ का खतरा बताया है। लगातार बारिश के कारण पहले से पानी से भरी मिट्टी और निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में मध्य, पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई हिस्सों में बहुत तेज बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इसका असर ज्यादा रहा। इन क्षेत्रों के अलावा ओडिशा और कर्नाटक के तटीय तथा दक्षिणी अंदरूनी हिस्सों में भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हुई।
कई इलाकों में 20 सेंटीमीटर तक बारिश
इन इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। वहीं, पूर्वी राजस्थान, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य महाराष्ट्र, असम और केरल के कुछ हिस्सों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखने और जलभराव या बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बाढ़ और जलभराव को लेकर सावधानी
- अचानक बाढ़ का खतरा: उत्तराखंड और उत्तर-पूर्व के कुछ हिस्से
- भारी बारिश: कई क्षेत्रों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज
- जलभराव: निचले इलाकों में पानी जमा होने की आशंका
- पहाड़ी क्षेत्र: भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा
- सावधानी: स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी
13 अगस्त के बाद बढ़ सकती है मानसून की सक्रियता
आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता कई राज्यों में बनी रह सकती है। खासकर 13 अगस्त के बाद पूर्वी राज्यों में बारिश बढ़ने की संभावना है। भारी बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
