भारत में घरेलू यात्रा का खर्च इस बात पर काफी निर्भर करता है कि व्यक्ति किस वजह से यात्रा कर रहा है। छुट्टी मनाने, धार्मिक यात्रा करने, इलाज कराने या खरीदारी के लिए की जाने वाली यात्राओं में खर्च अलग-अलग हो सकता है। सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सर्वे से घरेलू पर्यटन पर होने वाले खर्च की तस्वीर सामने आई है। यह सर्वे जुलाई 2025 से जून 2026 के बीच किया गया था।
घरेलू यात्रा खर्च के प्रमुख आंकड़े
सर्वे में उन यात्राओं को भी शामिल किया गया है, जिनमें परिवार के एक या उससे अधिक सदस्य अपने सामान्य निवास स्थान से किसी दूसरे स्थान पर गए और कम से कम एक रात वहां रुके। पिछले 365 दिनों में हुई ऐसी यात्राओं को मुख्य उद्देश्य के आधार पर चार हिस्सों में देखा गया। इनमें छुट्टी और मनोरंजन, धार्मिक यात्रा, स्वास्थ्य संबंधी जरूरत और खरीदारी शामिल हैं।
आंकड़ों के अनुसार, इलाज और स्वास्थ्य से जुड़ी यात्राएं सबसे अधिक खर्च वाली रहीं। ऐसी एक यात्रा पर औसत खर्च ₹32,167 रहा। इसके बाद खरीदारी के लिए की गई यात्रा का औसत खर्च ₹18,981 रहा। छुट्टी, मनोरंजन और घूमने से जुड़ी यात्राओं पर औसतन ₹11,723 खर्च हुए, जबकि धार्मिक यात्राओं का औसत खर्च ₹7,694 रहा।
🏠 घरेलू यात्रा खर्च के प्रमुख आंकड़े
- स्वास्थ्य और इलाज: ₹32,167 औसत खर्च
- खरीदारी: ₹18,981 औसत खर्च
- छुट्टी और मनोरंजन: ₹11,723 औसत खर्च
- धार्मिक यात्रा: ₹7,694 औसत खर्च
- सर्वे अवधि: जुलाई 2025 से जून 2026
यात्रा के कुल खर्च में पैकेज और अलग-अलग खर्च
यात्रा के कुल खर्च को पैकेज और अलग-अलग किए गए खर्च में बांटा गया है। पैकेज खर्च में ऐसी सेवाएं आती हैं, जिन्हें एक साथ पर्यटन पैकेज के रूप में लिया जाता है। छुट्टी और मनोरंजन वाली यात्राओं में पैकेज पर औसतन ₹1,493 खर्च हुए। स्वास्थ्य और इलाज से जुड़ी यात्राओं में यह खर्च ₹1,015 रहा।
यात्रा के दौरान होने वाला ज्यादातर खर्च अलग-अलग जरूरतों पर किया गया। इसमें ठहरने की जगह, खाना-पीना, आने-जाने का खर्च, खरीदारी, मनोरंजन, धार्मिक गतिविधियां और इलाज जैसी चीजें शामिल हैं। छुट्टी और मनोरंजन वाली यात्रा में आने-जाने पर औसतन ₹3,685 खर्च हुए। खाना-पीना ₹1,875 और खरीदारी पर ₹2,259 खर्च हुए। वहीं चिकित्सा से जुड़ा खर्च केवल ₹100 रहा।
धार्मिक और स्वास्थ्य यात्राओं में खर्च
धार्मिक यात्राओं में भी आने-जाने का खर्च सबसे बड़ा हिस्सा रहा और इस पर औसतन ₹2,514 खर्च हुए। स्वास्थ्य और इलाज वाली यात्राओं में तस्वीर अलग रही। ऐसी यात्रा में चिकित्सा खर्च ही औसतन ₹23,361 रहा, जो कुल खर्च का बड़ा हिस्सा था। खरीदारी के लिए की गई यात्राओं में खरीदारी के बाद चिकित्सा खर्च दूसरा बड़ा अलग खर्च रहा, जो औसतन ₹1,418 था।
शहर और गांव के परिवारों के यात्रा खर्च में अंतर
शहर और गांव के परिवारों के यात्रा खर्च में भी अंतर देखा गया। चारों तरह की यात्राओं में शहरी परिवारों का औसत खर्च ग्रामीण परिवारों की तुलना में अधिक रहा। छुट्टी और मनोरंजन की यात्रा में शहरों के परिवारों ने औसतन ₹13,190 खर्च किए, जबकि ग्रामीण परिवारों का खर्च ₹8,890 रहा।
इलाज और स्वास्थ्य से जुड़ी यात्राओं में यह अंतर और बड़ा था। शहरी परिवारों का औसत खर्च ₹41,649 रहा, जबकि ग्रामीण परिवारों के लिए यह आंकड़ा ₹29,454 था। खरीदारी वाली यात्रा में शहरी परिवारों का औसत खर्च ₹24,170 और ग्रामीण परिवारों का ₹16,388 रहा।
📊 शहर और गांव के यात्रा खर्च
- छुट्टी और मनोरंजन: शहरी ₹13,190, ग्रामीण ₹8,890
- स्वास्थ्य और इलाज: शहरी ₹41,649, ग्रामीण ₹29,454
- खरीदारी: शहरी ₹24,170, ग्रामीण ₹16,388
- धार्मिक यात्रा: शहरी ₹9,920, ग्रामीण ₹6,269
- मुख्य अंतर: चारों तरह की यात्राओं में शहरी परिवारों का औसत खर्च अधिक रहा
धार्मिक यात्रा में शहर और गांव के खर्च का अंतर
धार्मिक यात्राओं में भी शहर और गांव के बीच अंतर दिखाई दिया। शहरी परिवारों ने ऐसी यात्रा पर औसतन ₹9,920 खर्च किए, जबकि ग्रामीण परिवारों का औसत खर्च ₹6,269 रहा। इन आंकड़ों से पता चलता है कि यात्रा का उद्देश्य और परिवार का निवास क्षेत्र, दोनों ही घरेलू यात्रा पर होने वाले कुल खर्च को प्रभावित करते हैं।
5 FAQs
1. भारत में किस तरह की घरेलू यात्रा सबसे महंगी रही?
सर्वे के अनुसार, स्वास्थ्य और इलाज से जुड़ी घरेलू यात्राओं में औसत खर्च सबसे अधिक रहा। एक ऐसी यात्रा पर औसतन ₹32,167 खर्च हुए। इसका बड़ा हिस्सा चिकित्सा जरूरतों पर खर्च हुआ, जबकि आने-जाने और अन्य खर्च भी कुल राशि में शामिल रहे।
2. घरेलू यात्रा में शहर और गांव के खर्च में कितना अंतर है?
सर्वे में चारों प्रमुख यात्रा उद्देश्यों में शहरी परिवारों का औसत खर्च ग्रामीण परिवारों से अधिक रहा। यह अंतर यात्रा के उद्देश्य के अनुसार बदलता है। स्वास्थ्य संबंधी यात्राओं में शहरी और ग्रामीण परिवारों के औसत खर्च के बीच अंतर विशेष रूप से दिखाई दिया।
3. छुट्टी और मनोरंजन की यात्रा पर कितना पैसा खर्च हुआ?
छुट्टी, मनोरंजन और घूमने से जुड़ी घरेलू यात्रा पर औसतन ₹11,723 खर्च हुए। इसमें आने-जाने, भोजन, खरीदारी और अन्य गतिविधियों का खर्च शामिल था। शहरी परिवारों का औसत खर्च ₹13,190 और ग्रामीण परिवारों का ₹8,890 रहा।
4. धार्मिक यात्रा का औसत खर्च कितना रहा?
धार्मिक यात्रा पर औसतन ₹7,694 खर्च हुए। इसमें आने-जाने का खर्च एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, जिस पर औसतन ₹2,514 खर्च किए गए। शहरी परिवारों का औसत खर्च ₹9,920 रहा, जबकि ग्रामीण परिवारों ने औसतन ₹6,269 खर्च किए।
5. स्वास्थ्य यात्रा में सबसे बड़ा खर्च किस चीज पर हुआ?
स्वास्थ्य और इलाज से जुड़ी यात्रा में चिकित्सा खर्च सबसे बड़ा अलग खर्च रहा। इस मद में औसतन ₹23,361 खर्च हुए। पूरी यात्रा का औसत खर्च ₹32,167 था, जिसमें परिवहन, भोजन, ठहरने और दूसरी जरूरतों से जुड़े खर्च भी शामिल थे।
Conclusion
MoSPI के सर्वे से पता चलता है कि घरेलू यात्रा का खर्च उद्देश्य और निवास क्षेत्र के अनुसार बदलता है। स्वास्थ्य यात्राओं में खर्च सबसे अधिक रहा, जबकि धार्मिक यात्राओं में औसत खर्च कम था। शहरी परिवारों का खर्च चारों प्रमुख यात्रा प्रकारों में ग्रामीण परिवारों से अधिक रहा।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सर्वे के उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है और आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं।