Mutual Fund में बढ़ा नुकसान, कमजोर रहा योजनाओं का प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 में म्यूचुअल फंड योजनाओं के प्रदर्शन में पिछले साल की तुलना में काफी कमजोरी देखने को मिली। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की सालाना रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान नकारात्मक रिटर्न देने वाली योजनाओं की संख्या करीब तीन गुना बढ़ गई। वहीं, 10 प्रतिशत से अधिक रिटर्न देने वाली योजनाओं की संख्या घटकर 198 रह गई। इससे पता चलता है कि इस अवधि में बाजार की स्थिति कई फंड योजनाओं के लिए चुनौतीपूर्ण रही।

म्यूचुअल फंड योजनाओं के रिटर्न में कमजोरी

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में 243 म्यूचुअल फंड योजनाओं ने नकारात्मक रिटर्न दिया था। यह संख्या 2025-26 में बढ़कर 731 हो गई। यानी एक साल में ऐसी योजनाओं की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ। SEBI ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2025-26 के दौरान म्यूचुअल फंड योजनाओं के रिटर्न में कमजोर बाजार प्रदर्शन का असर दिखाई दिया।

10 प्रतिशत या उससे ज्यादा नुकसान वाली योजनाओं की संख्या भी बढ़ी। वित्त वर्ष 2024-25 में ऐसी 30 योजनाएं थीं, लेकिन 2025-26 में इनकी संख्या बढ़कर 93 हो गई। इसी तरह 5 से 10 प्रतिशत के बीच नकारात्मक रिटर्न देने वाली योजनाओं की संख्या 41 से बढ़कर 146 हो गई। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी उन योजनाओं में हुई जिनका रिटर्न शून्य से 5 प्रतिशत तक नकारात्मक रहा। ऐसी योजनाओं की संख्या 172 से बढ़कर 492 हो गई।

दूसरी ओर, सकारात्मक रिटर्न देने वाली योजनाओं में भी बदलाव देखने को मिला। शून्य से 5 प्रतिशत तक रिटर्न देने वाली योजनाओं की संख्या 2024-25 में 218 थी, जो 2025-26 में बढ़कर 373 हो गई। हालांकि, 5 से 10 प्रतिशत के बीच रिटर्न देने वाली योजनाओं की संख्या 852 से घटकर 539 रह गई। इससे पता चलता है कि कई योजनाएं सकारात्मक रिटर्न देने के बावजूद पहले जैसी ऊंची कमाई नहीं कर पाईं।

म्यूचुअल फंड रिटर्न में बड़ा बदलाव

  • नकारात्मक रिटर्न वाली योजनाएं: 243 से बढ़कर 731
  • 10% से ज्यादा नुकसान वाली योजनाएं: 30 से बढ़कर 93
  • 5% से 10% नुकसान वाली योजनाएं: 41 से बढ़कर 146
  • 0% से 5% नुकसान वाली योजनाएं: 172 से बढ़कर 492
  • 10% से अधिक रिटर्न वाली योजनाएं: 304 से घटकर 198

10 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न वाली योजनाएं घटीं

10 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न देने वाली योजनाओं की संख्या में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। 2024-25 में 304 योजनाओं ने 10 प्रतिशत से अधिक रिटर्न दिया था, जबकि 2025-26 में ऐसी योजनाओं की संख्या घटकर 198 रह गई। SEBI के अनुसार, बाजार में उतार-चढ़ाव और अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन के कारण ज्यादा रिटर्न देने वाली योजनाओं की संख्या कम हुई।

वित्त वर्ष 2025-26 में नई म्यूचुअल फंड योजनाओं की संख्या लगभग पिछले साल के बराबर रही। इस अवधि में कुल 246 नई योजनाएं शुरू हुईं, जबकि 2024-25 में 247 योजनाएं लॉन्च हुई थीं। इनमें 244 खुली अवधि वाली योजनाएं और दो सीमित अवधि वाली योजनाएं थीं। कर्ज आधारित योजनाओं की नई पेशकश 10 से बढ़कर 16 हो गई, जबकि शेयर आधारित योजनाओं की संख्या 70 से घटकर 63 रही।

मिश्रित योजनाओं की संख्या भी बढ़ी। वित्त वर्ष 2025-26 में ऐसी 15 योजनाएं शुरू हुईं, जबकि पिछले साल इनकी संख्या 12 थी। अन्य श्रेणी की योजनाओं की संख्या दोनों वर्षों में 150 रही। घरेलू फंड ऑफ फंड्स की नई योजनाओं में हालांकि बड़ी बढ़ोतरी हुई और इनकी संख्या 14 से बढ़कर 49 हो गई।

निवेशकों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी

म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए एक सकारात्मक बात यह रही कि निवेशकों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी हुई। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में विशिष्ट निवेशकों की संख्या 13.2 प्रतिशत बढ़कर करीब 6.1 करोड़ हो गई। पिछले वित्त वर्ष में यह संख्या लगभग 5.4 करोड़ थी। यानी बाजार में रिटर्न कमजोर रहने के बावजूद म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है।

म्यूचुअल फंड उद्योग के अहम आंकड़े

  • विशिष्ट निवेशक: करीब 6.1 करोड़
  • निवेशकों की सालाना बढ़ोतरी: 13.2 प्रतिशत
  • नई योजनाएं: 246
  • 2024-25 में नई योजनाएं: 247
  • घरेलू फंड ऑफ फंड्स: 14 से बढ़कर 49

निवेश से पहले जोखिम और उद्देश्य समझना जरूरी

Mutual Fund में निवेश से पहले केवल पिछले रिटर्न को देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। अलग-अलग योजनाओं का जोखिम, निवेश का उद्देश्य और बाजार की स्थिति अलग हो सकती है। SEBI की रिपोर्ट के आंकड़े पूरे उद्योग के प्रदर्शन को दिखाते हैं और किसी एक योजना के भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देते। निवेश से पहले योग्य सलाहकार से सलाह लेना उचित माना जाता है।

अस्वीकरण: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिम के अधीन है, इसलिए निवेश से पहले जोखिम और योजना की जानकारी जरूर जांचें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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