अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई, जिसका फायदा दुनिया की बड़ी तेल कंपनियों को मिला। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की आठ बड़ी सूचीबद्ध तेल कंपनियों ने केवल तीन महीनों में करीब 93 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया, यानी औसतन हर दिन 1 अरब डॉलर से ज्यादा।
तेल कंपनियों ने तीन महीनों में कमाया 93 अरब डॉलर का मुनाफा
इन कंपनियों में सऊदी अरब की Aramco, BP, Shell, Equinor, TotalEnergies, Eni, Chevron और ExxonMobil शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, इन कंपनियों ने वसंत तिमाही के दौरान हर मिनट करीब 7 लाख डॉलर से ज्यादा का मुनाफा कमाया।
तेल कंपनियों के इस रिकॉर्ड मुनाफे की वजह अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण बढ़ी चिंता रही। आशंका थी कि ईरान दुनिया के प्रमुख तेल व्यापार मार्ग Strait of Hormuz को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमत कुछ समय के लिए 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों से कंपनियों को मिला फायदा
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से कंपनियों को हर बैरल की बिक्री पर ज्यादा कमाई हुई। हालांकि बाद में सप्लाई को लेकर चिंता कम होने पर कीमतों में गिरावट आई। अप्रैल से जून 2026 के बीच Brent crude की औसत कीमत में भी कमी देखने को मिली।
इस दौरान सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Aramco ने सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया। कंपनी का तिमाही शुद्ध लाभ 34 प्रतिशत बढ़कर 33 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंच गया।
Aramco, ExxonMobil और Chevron का शानदार प्रदर्शन
ExxonMobil ने करीब 14.5 अरब डॉलर का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में दोगुना था। Chevron का लाभ 12.2 अरब डॉलर रहा, जबकि Shell ने करीब 9.84 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया।
इसके अलावा TotalEnergies ने दूसरी तिमाही में 6.03 अरब डॉलर, BP ने 5.73 अरब डॉलर, Equinor ने 3.2 अरब डॉलर और Eni ने करीब 2.16 अरब डॉलर का मुनाफा दर्ज किया।
दुनिया की बड़ी तेल कंपनियों का मुनाफा
- कुल मुनाफा: करीब 93 अरब डॉलर
- समय अवधि: केवल तीन महीने
- सबसे ज्यादा लाभ: Saudi Aramco
- मुख्य कारण: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
- प्रमुख कंपनियां: Aramco, ExxonMobil, Chevron, Shell और BP
तेल कंपनियों के मुनाफे पर उठे सवाल
तेल कंपनियों के बढ़ते मुनाफे को लेकर आलोचना भी हुई। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बड़ी तेल कंपनियों पर ज्यादा कमाई करने का आरोप लगाते हुए उनसे मुनाफाखोरी कम करने की बात कही।
वहीं तेल उद्योग ने अपने मुनाफे का बचाव किया है। American Petroleum Institute के प्रमुख माइक सोमर्स ने कहा कि तेल कंपनियां कीमतें तय नहीं करतीं बल्कि बाजार की स्थिति के अनुसार काम करती हैं। उनके अनुसार ज्यादा मुनाफा भविष्य में निवेश और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए जरूरी है।
आने वाले समय में तेल बाजार पर नजर
विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतों में अचानक बदलाव से कंपनियों को बड़ा फायदा या नुकसान हो सकता है। आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति तेल बाजार को प्रभावित करती रहेगी।
