Chinese EV Brands: चीन की कंपनियों का EV बाजार पर दबदबा

चीन की वाहन कंपनियों ने दुनिया के इलेक्ट्रिक और कम उत्सर्जन वाले वाहनों के बाजार में अपनी पकड़ काफी मजबूत कर ली है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों की बिक्री में चीन की कंपनियों ने दुनिया के शीर्ष पांच स्थानों पर कब्जा कर लिया है। इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हिस्सेदारी के मामले में भी शीर्ष छह में से पांच स्थान चीनी कंपनियों के पास हैं।

चीन की वाहन कंपनियों का बढ़ता दबदबा

चीन की कंपनियों की इस सफलता के पीछे सरकार की लंबे समय से चली आ रही नीतियों को भी अहम माना जा रहा है। 2009 से 2022 के बीच चीन सरकार ने इलेक्ट्रिक कारों, टैक्सियों और बसों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 122 अरब रिंगिट से अधिक की सब्सिडी और कर लाभ दिए। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सरकारी मदद से चीन के इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की इतनी तेज बढ़त को समझाया नहीं जा सकता।

Chinese EV Brands का वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में बढ़ता दबदबा
Chinese EV Brands ने Zero Emission Vehicles की बिक्री में वैश्विक स्तर पर मजबूत बढ़त बनाई।

 

पिछले दो दशकों में चीन ने ऐसा वाहन उत्पादन तंत्र तैयार किया है, जिसमें घरेलू कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इससे कंपनियों को तेजी से नए वाहन बनाने, उत्पादन बढ़ाने और नई तकनीक विकसित करने में मदद मिली है। इसी वजह से वहां की कंपनियां कम समय में बाजार की बदलती जरूरतों के अनुसार नए मॉडल पेश कर पा रही हैं।

Geely और दूसरी कंपनियों की बिक्री हिस्सेदारी बढ़ी

Geely, SAIC, Changan, Chery और Great Wall Motor जैसी कंपनियों ने 2023 से 2024 के बीच शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों की बिक्री हिस्सेदारी में करीब 6 से 12 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की। इसके मुकाबले कई अन्य बड़ी वाहन कंपनियों की प्रगति काफी धीमी रही या उनकी हिस्सेदारी में गिरावट आई।

Geely और SAIC ने प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों को शामिल करने से पहले ही अपनी कुल इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री में 50 प्रतिशत का स्तर हासिल कर लिया था। दोनों कंपनियां 2025 तक 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री का लक्ष्य तय कर चुकी थीं, लेकिन उन्होंने यह लक्ष्य एक साल पहले ही पूरा कर लिया। चीन की कंपनियों का शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों की अलग-अलग श्रेणियों में शीर्ष पांच में होना यह भी दिखाता है कि उनके पास ग्राहकों के लिए कई तरह के मॉडल मौजूद हैं।

🚗 चीन की EV कंपनियों की मजबूत स्थिति

  • शीर्ष स्थान: शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों की बिक्री में शीर्ष पांच स्थान चीनी कंपनियों के
  • इलेक्ट्रिक वाहन: बिक्री हिस्सेदारी के शीर्ष छह में पांच चीनी कंपनियां
  • प्रमुख कंपनियां: Geely, SAIC, Changan, Chery और Great Wall Motor
  • BYD: बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक कारों की वैश्विक बिक्री में Tesla से आगे
  • मुख्य ताकत: प्रतिस्पर्धा, उत्पादन क्षमता और तकनीकी विकास

BYD और Geely ने वैश्विक बाजार में बढ़ाई ताकत

दुनिया के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में चीन की कंपनियों की स्थिति अब और मजबूत हो गई है। BYD ने बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक कारों की वैश्विक बिक्री में Tesla को पीछे छोड़ दिया है। वहीं Geely और SAIC जैसी कंपनियां भी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ाने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

चीन के घरेलू बाजार में कीमतों को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इसके कारण वहां की वाहन कंपनियां अब दूसरे देशों में भी तेजी से अपने वाहन बेच रही हैं। यूरोप, लैटिन अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों में चीनी कंपनियों की मौजूदगी बढ़ रही है। कई कंपनियां वैश्विक स्तर पर बड़ी वाहन कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की कोशिश कर रही हैं।

बैटरी और तकनीक में भी मजबूत पकड़

चीन की कंपनियों को तकनीक और उत्पादन व्यवस्था का भी फायदा मिल रहा है। बैटरी बनाने से लेकर वाहन तैयार करने तक उत्पादन प्रक्रिया के कई अहम हिस्सों पर चीनी कंपनियों का मजबूत नियंत्रण है। CATL और BYD जैसी कंपनियां बैटरी उत्पादन में बड़ी भूमिका निभाती हैं। इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल स्क्रीन और तेज चार्जिंग जैसी तकनीकों को भी चीनी कंपनियां तेजी से अपने वाहनों में शामिल कर रही हैं।

🌍 वैश्विक विस्तार के साथ चुनौतियां

  • बड़े बाजार: यूरोप, लैटिन अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया
  • व्यापारिक बाधाएं: अमेरिका और यूरोपीय संघ में ज्यादा शुल्क और अन्य पाबंदियां
  • स्थानीय उत्पादन: दूसरे देशों में उत्पादन शुरू करने पर जोर
  • साझेदारी: स्थानीय वाहन कंपनियों के साथ सहयोग की कोशिश
  • रणनीति: घरेलू बाजार से आगे वैश्विक कारोबार बढ़ाना

व्यापारिक पाबंदियों के बीच स्थानीय उत्पादन पर जोर

हालांकि, चीन की वाहन कंपनियों के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे बाजारों में चीनी वाहनों पर ज्यादा शुल्क और अन्य व्यापारिक पाबंदियां लगाई गई हैं। इसके कारण कंपनियां दूसरे देशों में स्थानीय स्तर पर उत्पादन शुरू करने और वहां की कंपनियों के साथ साझेदारी करने पर ध्यान दे रही हैं।

Geely की स्पेन में Ford की उत्पादन क्षमता इस्तेमाल करने को लेकर बातचीत की खबरें सामने आई हैं। वहीं Chery ब्रिटेन में JLR के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाश रही है। इससे पता चलता है कि चीनी वाहन कंपनियां केवल अपने घरेलू बाजार पर निर्भर रहने के बजाय दूसरे देशों में भी अपनी उत्पादन क्षमता और कारोबार बढ़ाने की रणनीति बना रही हैं।

Disclaimer: यह जानकारी समाचार उद्देश्य के लिए है और इसमें दिए आंकड़े संबंधित रिपोर्ट पर आधारित हैं।

Gourav Kumar Singh

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