बेंगलुरु में Food Safety Department की हाल की जांच के दौरान बड़े होटल, कैंटीन और खाद्य भंडारण केंद्रों के साथ घर से चलने वाले छोटे खाद्य कारोबार भी जांच के दायरे में आए हैं।
इनमें घर पर केक बनाने वाले लोग, टिफिन सेवा, सोशल मीडिया के जरिए खाना बेचने वाले कारोबारी, क्लाउड किचन और अस्थायी खाद्य स्टॉल शामिल हैं। जांच के दौरान कुछ जगहों पर खराब या समय सीमा पार कर चुके खाद्य पदार्थ, गलत तरीके से सामान रखने और साफ-सफाई से जुड़ी कमियां मिली हैं।
घर से चल रहे खाद्य कारोबार भी जांच के दायरे में
शहर में घर से खाना बनाने और बेचने वाले कारोबार तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि इन कारोबारों के पास जरूरी पंजीकरण है या नहीं और वे खाद्य सुरक्षा के नियमों का कितना पालन कर रहे हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं Standards Authority के नियमों के अनुसार हर खाद्य कारोबार का पंजीकरण या लाइसेंस होना जरूरी है।

1 अप्रैल 2026 से सालाना 1.5 करोड़ रुपये तक कारोबार करने वाले छोटे कारोबार पंजीकरण के दायरे में आते हैं। 1.5 करोड़ से 50 करोड़ रुपये तक के कारोबार के लिए राज्य स्तर का लाइसेंस और 50 करोड़ रुपये से अधिक कारोबार के लिए केंद्रीय लाइसेंस जरूरी है।
इन नियमों में अस्थायी रूप से खाना बेचने वाले कारोबारी भी शामिल हैं। मेले, कार्यक्रम, प्रदर्शनी, संगीत कार्यक्रम और अन्य जगहों पर अस्थायी या स्थायी स्टॉल लगाने वाले लोगों को भी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के तहत पंजीकरण कराना होता है। हालांकि, कई छोटे घरों से चलने वाले कारोबार और टिफिन सेवाएं अभी भी बिना वैध पंजीकरण के चल रही हैं।
पंजीकरण को लेकर कारोबारियों में अलग-अलग स्थिति
घर से खाद्य कारोबार करने वाले कुछ लोगों का कहना है कि पंजीकरण कराना मुश्किल नहीं है। एक कारोबारी ने बताया कि उन्होंने 2020 में अपना कारोबार शुरू किया था और पंजीकरण की प्रक्रिया काफी आसान रही। इसे खुद ऑनलाइन कराया जा सकता है या किसी पेशेवर की मदद ली जा सकती है। उनका कहना है कि इसका खर्च भी ज्यादा नहीं है और पंजीकरण के बाद हर साल इसे नवीनीकृत करना पड़ता है।
वहीं, कुछ लोगों को अभी तक यह जानकारी ही नहीं है कि घर से खाना बेचने के लिए भी पंजीकरण जरूरी है। जयनगर की एक महिला, जो पिछले चार साल से घर पर बेकरी चला रही हैं, ने बताया कि उन्हें इस नियम की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि किसी सरकारी अधिकारी ने भी उनसे पंजीकरण को लेकर संपर्क नहीं किया।
🏠 घर से खाद्य कारोबार के लिए जरूरी बातें
- पंजीकरण: खाद्य कारोबार के लिए जरूरी पंजीकरण या लाइसेंस होना चाहिए
- साफ-सफाई: खाना बनाने की जगह साफ और सुरक्षित होनी चाहिए
- भंडारण: खाद्य पदार्थों को सही तरीके से रखना जरूरी है
- कच्चा और पका खाना: दोनों को अलग रखना चाहिए
- फ्रिज: तापमान सही तरीके से बनाए रखना जरूरी है
- अस्थायी स्टॉल: ऐसे कारोबार भी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में आते हैं
सिर्फ पंजीकरण नहीं, साफ-सफाई भी जरूरी
सिर्फ पंजीकरण करा लेना ही पर्याप्त नहीं है। खाद्य पदार्थ तैयार करने वाली जगह पर साफ-सफाई और सुरक्षित तरीके से खाना रखने का ध्यान रखना भी जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार छोटे कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों की सही जानकारी होना आवश्यक है। घर पर खाना बनाने वाले ऐसे व्यक्ति और केवल खाना बनाना जानने वाले नए कारोबारी के बीच नियमों की समझ में काफी अंतर हो सकता है।
खाना बनाने वाली जगह की खिड़कियों और हवा आने-जाने वाले रास्तों पर जाली लगी होनी चाहिए, ताकि कीड़े अंदर न आ सकें। कच्चे और पके हुए भोजन को अलग रखना चाहिए। फ्रिज का तापमान भी सही तरीके से देखना जरूरी है। ऐसे खाद्य पदार्थ जिन्हें जल्दी खराब होने का खतरा रहता है, उन्हें फ्रिज के उन हिस्सों में नहीं रखना चाहिए जहां तापमान बार-बार बदलता रहता है।
खाद्य सुरक्षा की जानकारी और प्रशिक्षण पर जोर
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे खाद्य कारोबारों में पंजीकरण की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है, लेकिन साफ-सफाई से जुड़े सभी नियमों की जानकारी अभी हर कारोबारी को नहीं है। इसलिए केवल पंजीकरण के बजाय कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा के बारे में सही जानकारी और प्रशिक्षण देना भी जरूरी है।
🛡️ ऑनलाइन खाद्य कारोबार पर सख्ती
- सरकार का रुख: सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों से चलने वाले खाद्य कारोबार पर नियम जरूरी
- जांच: घर से चलने वाले कारोबार भी Food Safety Department के दायरे में
- उपभोक्ता सावधानी: खाना मंगाने से पहले स्रोत की जानकारी लेना जरूरी
- शिकायत: गंदगी या असुरक्षित तरीके से खाना तैयार होने पर शिकायत करनी चाहिए
- प्रशिक्षण: छोटे कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा नियमों की जानकारी देना जरूरी
सोशल मीडिया कारोबार पर भी कड़े नियमों का समर्थन
कर्नाटक के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यूटी खादर ने भी सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों से चलने वाले घर आधारित खाद्य कारोबारों के लिए कड़े नियम बनाने का समर्थन किया है। उनका कहना है कि अगर कोई व्यक्ति इंटरनेट या सोशल मीडिया पर अपने खाद्य कारोबार का प्रचार कर रहा है, तो उसके लिए नियम होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में और सख्त नीति बनाना बेहतर होगा और वह इस पर ध्यान देंगे।
मंत्री ने लोगों से भी खाना मंगाते समय सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह देखना चाहिए कि वे खाना कहां से मंगा रहे हैं और वहां खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। अगर किसी जगह गंदगी या असुरक्षित तरीके से खाना तैयार करने जैसी बात दिखाई दे, तो इसकी तुरंत शिकायत करनी चाहिए।
Disclaimer: यह जानकारी समाचार उद्देश्य के लिए है। खाद्य कारोबार शुरू करने से पहले लागू नियमों की आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें।
