Cognizant ने भारत में शुरू किया OpenAI Codex Hackathon

Artificial Intelligence के बढ़ते उपयोग के बीच कॉग्निजेंट ने भारत में अपने कर्मचारियों को नई AI तकनीक से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। OpenAI Codex Hackathon के जरिए हजारों कर्मचारियों को आधुनिक Developer Tools के साथ काम करने और वास्तविक समस्याओं के समाधान तैयार करने का अवसर मिल रहा है।

कॉग्निजेंट ने भारत में पहली बार OpenAI Codex Hackathon की शुरुआत की है। इस पहल के जरिए कंपनी लगभग 10,000 कर्मचारियों को नई AI तकनीक सीखने और उसके आधार पर उपयोगी समाधान तैयार करने का मौका दे रही है।

यह कार्यक्रम चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे, कोयंबटूर और कोच्चि सहित छह शहरों में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक के साथ काम करने का व्यावहारिक अनुभव देना और भविष्य की जरूरतों के अनुसार उनकी क्षमता बढ़ाना है।

भारत में OpenAI Codex Hackathon की शुरुआत

इस कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने अलग-अलग टीमों में मिलकर ऐसे प्रोजेक्ट तैयार किए, जिनसे कंपनियों की वास्तविक समस्याओं का समाधान किया जा सके। उन्हें अनुभवी मेंटर्स का मार्गदर्शन भी मिला और कई तरह के सीखने वाले सत्र आयोजित किए गए। कंपनी का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां कर्मचारियों को नई तकनीक को समझने और उसे अपने रोजमर्रा के काम में इस्तेमाल करने में मदद करेंगी। Artificial Intelligence का उपयोग अब केवल प्रयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे बिजनेस में तेजी से अपनाया जा रहा है।

ओपनएआई की ग्लोबल पार्टनरशिप टीम की उपाध्यक्ष कोलीन कपासे ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को नई AI तकनीक के साथ काम करने का अवसर देना एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार यह पहल कर्मचारियों को सीखने, प्रयोग करने और भविष्य की जरूरतों के मुताबिक नए समाधान विकसित करने का मौका देती है। इससे कंपनियों के लिए उपयोगी तकनीकी समाधान तैयार करने की दिशा में भी मदद मिलेगी।

OpenAI Codex Hackathon की मुख्य बातें

  • आयोजक: कॉग्निजेंट
  • प्रतिभागी: लगभग 10,000 कर्मचारी
  • शहर: चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे, कोयंबटूर और कोच्चि
  • उद्देश्य: AI तकनीक सीखना और समाधान विकसित करना
  • फोकस: Enterprise AI और Developer Tools
  • सहयोग: मेंटर्स, मास्टरक्लास और प्रैक्टिकल सेशन

AI तकनीक और कर्मचारियों की तैयारी

कॉग्निजेंट इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश वरियर ने कहा कि किसी भी संस्था के लिए इंसानी समझ और AI की क्षमता का सही संतुलन बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि नई तकनीक तभी सफल होती है, जब लोग उसे समझकर अपने काम में सही तरीके से इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि भारत में इस तरह का वैश्विक कार्यक्रम आयोजित होना कंपनी और कर्मचारियों दोनों के लिए गर्व की बात है।

हैकाथॉन में शामिल कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग, मास्टरक्लास और प्रैक्टिकल सेशन भी उपलब्ध कराए गए। इसके बाद प्रतिभागियों ने अपने तैयार किए गए प्रोजेक्ट कंपनी के बिजनेस और टेक्नोलॉजी लीडर्स के सामने प्रस्तुत किए। कंपनी ने बताया कि आने वाले महीनों में इस पहल का विस्तार किया जाएगा और इसका लक्ष्य 50,000 से अधिक कर्मचारियों तक पहुंचना है। Enterprise AI से जुड़े कौशल विकसित करने पर कंपनी विशेष ध्यान दे रही है।

कॉग्निजेंट और OpenAI की AI रणनीति

  • अगला लक्ष्य: 50,000+ कर्मचारियों तक विस्तार
  • पिछली उपलब्धि: जनरेटिव AI हैकाथॉन का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
  • प्रोटोटाइप: 30,000 से अधिक
  • Codex Labs: कंपनियों में AI टूल्स का बेहतर उपयोग
  • साझेदार: Cognizant, Accenture, Capgemini, CGI, Infosys, PwC और TCS
  • फायदा: Software Development की गति और गुणवत्ता में सुधार

OpenAI Codex का बढ़ता उपयोग

कंपनी ने यह भी याद दिलाया कि पिछले वर्ष उसने ऑनलाइन आयोजित सबसे बड़े जनरेटिव AI हैकाथॉन का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उस दौरान AI आधारित टूल्स की मदद से 30,000 से अधिक प्रोटोटाइप तैयार किए गए थे। इस अनुभव के बाद कंपनी अब अपने कर्मचारियों को और अधिक उन्नत तकनीकों के साथ काम करने का अवसर देना चाहती है.

इसी बीच ओपनएआई ने भी बताया है कि उसका Codex प्लेटफॉर्म दुनिया भर में तेजी से अपनाया जा रहा है। कंपनी के अनुसार हर सप्ताह लाखों डेवलपर्स इसका उपयोग कर रहे हैं। इसके साथ ही ओपनएआई ने Codex Labs नाम की पहल भी शुरू की है, जिसके तहत विशेषज्ञ अलग-अलग कंपनियों के साथ मिलकर उनकी मौजूदा सॉफ्टवेयर प्रक्रिया में AI टूल्स को बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद करते हैं। Developer Tools का इस्तेमाल बढ़ने से सॉफ्टवेयर विकास की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार देखने को मिल रहा है।

ओपनएआई ने दुनिया की कई बड़ी आईटी और कंसल्टिंग कंपनियों के साथ साझेदारी भी की है, जिनमें कॉग्निजेंट, एक्सेंचर, कैपजेमिनी, सीजीआई, इंफोसिस, पीडब्ल्यूसी और टीसीएस जैसी कंपनियां शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में बड़ी कंपनियां AI आधारित समाधान विकसित करने और कर्मचारियों को नई तकनीक में प्रशिक्षित करने पर पहले से अधिक निवेश कर सकती हैं। इससे उद्योग जगत में आधुनिक तकनीक का उपयोग और भी तेज़ी से बढ़ने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और सार्वजनिक रिपोर्ट्स पर आधारित है। समय के साथ नई जानकारी सामने आ सकती है।

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Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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