भारत ने Commonwealth Games 2026 के लिए 125 खिलाड़ियों का दल घोषित किया है। इस बार प्रतियोगिता स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में होगी। हालांकि इस संस्करण में कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी और क्रिकेट जैसे कई ऐसे खेल शामिल नहीं हैं जिनमें भारत आमतौर पर अधिक पदक जीतता है। ऐसे में देश की उम्मीदें अब सीमित खेलों और चुनिंदा खिलाड़ियों पर टिकी हुई हैं, जो बड़े मंच पर लगातार शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं।
Commonwealth Games 2026 में भारत की सबसे बड़ी उम्मीदें एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, भारोत्तोलन और जूडो जैसे खेलों से जुड़ी हैं। आइए जानते हैं किन खिलाड़ियों पर पूरे देश की नजर रहेगी।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की पदक उम्मीदें
इस बार एथलेटिक्स, मुक्केबाजी और भारोत्तोलन से भारत को सबसे अधिक पदकों की उम्मीद है। इन खेलों में कई ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने ओलंपिक, विश्व स्तर और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन किया है। कम प्रतियोगिताओं के कारण हर पदक पहले से अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है और भारतीय खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूरी तैयारी के साथ उतरेंगे।
🏅 भारत की प्रमुख पदक उम्मीदें
- प्रतियोगिता: Commonwealth Games 2026
- स्थान: ग्लासगो, स्कॉटलैंड
- भारतीय दल: 125 खिलाड़ी
- मुख्य खेल: एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, भारोत्तोलन, जूडो
- बड़ी उम्मीद: नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू, लवलीना, निखत जरीन, तुलिका मान
- लक्ष्य: अधिक से अधिक पदक जीतकर मजबूत प्रदर्शन
नीरज चोपड़ा पर रहेंगी सबसे ज्यादा नजरें
भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा एक बार फिर भारत की सबसे बड़ी उम्मीद माने जा रहे हैं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में अपनी पहचान बनाई है। बड़े मुकाबलों में दबाव के बीच अच्छा प्रदर्शन करना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने 89.45 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ रजत पदक जीता था। अब उनका लक्ष्य इस बार स्वर्ण पदक हासिल कर भारत को बड़ी सफलता दिलाना होगा।
भारोत्तोलक मीराबाई चानू भी भारत की मजबूत दावेदारों में शामिल हैं। वह पहले भी राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं और ओलंपिक में रजत पदक अपने नाम कर चुकी हैं। चोटों का सामना करने के बावजूद उन्होंने कई बार शानदार वापसी की है। इस बार भी उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही है और उनका अनुभव भारतीय दल के लिए काफी अहम साबित हो सकता है।
⭐ भारत के स्टार खिलाड़ी
- नीरज चोपड़ा: भाला फेंक के शीर्ष दावेदार
- मीराबाई चानू: अनुभवी भारोत्तोलक और स्वर्ण की उम्मीद
- लवलीना बोरगोहेन: अनुभवी मुक्केबाज
- निखत जरीन: कई बार की विश्व चैंपियन
- तुलिका मान: जूडो में मजबूत दावेदार
- भारत का लक्ष्य: सीमित खेलों के बावजूद अधिक पदक जीतना
मुक्केबाजी और जूडो से भी पदक की उम्मीद
मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन भी भारत के लिए बड़ा नाम हैं। ओलंपिक कांस्य पदक जीत चुकी लवलीना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मजबूत खिलाड़ियों को चुनौती दे चुकी हैं। उनकी तकनीक और अनुभव उन्हें इस प्रतियोगिता में मजबूत दावेदार बनाते हैं। यदि वह अच्छा प्रदर्शन करती हैं तो भारतीय मुक्केबाजी दल का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
महिला मुक्केबाज निखत जरीन ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी शानदार उपलब्धियों से अलग पहचान बनाई है। कई बार विश्व चैंपियन रह चुकी निखत अपनी तेज रणनीति और बेहतरीन तकनीक के लिए जानी जाती हैं। उनसे उम्मीद की जा रही है कि वह अपने वर्ग में पदक जीतकर भारत की झोली में एक और बड़ी सफलता जोड़ेंगी।
जूडो खिलाड़ी तुलिका मान भी इस बार भारत की प्रमुख उम्मीदों में शामिल हैं। अपनी ताकत और आक्रामक खेल शैली के दम पर उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं। राष्ट्रमंडल स्तर पर भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है। अब वह ग्लासगो में अपने अनुभव का फायदा उठाकर बेहतर नतीजा हासिल करने और भारत के लिए पदक जीतने का लक्ष्य लेकर उतरेंगी। पूरे भारतीय दल की कोशिश रहेगी कि सीमित खेलों के बावजूद देश पदक तालिका में मजबूत स्थान हासिल करे और दुनिया के सामने अपनी खेल क्षमता का एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करे।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है। प्रतियोगिता के दौरान टीम, प्रदर्शन और परिणामों में बदलाव संभव है।
