सिंगापुर की निवेश कंपनी टेमासेक ने कहा है कि रुपये में कमजोरी आने के बावजूद भारत उसके लिए सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला बाजार बना हुआ है। कंपनी के भारत प्रमुख और स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स के प्रमुख रवि लांबा ने बताया कि पिछले कई वर्षों में रुपये की कीमत सिंगापुर डॉलर के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत घटी है। इसमें से लगभग एक-तिहाई गिरावट पिछले 12 महीनों में दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद भारत में किए गए निवेश से कंपनी को सबसे अच्छा रिटर्न मिला है। उनका कहना है कि टेमासेक भारत की लंबी अवधि की Growth Story पर भरोसा रखता है और भविष्य में भी यहां निवेश जारी रखेगा।
रुपये की कमजोरी के बावजूद भारत पर टेमासेक का भरोसा
रवि लांबा के अनुसार, मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियां हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ा है। उनका मानना है कि ये परिस्थितियां अस्थायी हैं और लंबे समय में भारत की आर्थिक क्षमता पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ेगा। इसी वजह से कंपनी अल्पकालिक उतार-चढ़ाव की बजाय लंबे समय की संभावनाओं को ध्यान में रखकर निवेश करती है।
टेमासेक के भारत निवेश की मुख्य बातें
- निवेश कंपनी: टेमासेक
- मुख्य बयान: भारत सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला बाजार
- रुपये में गिरावट: सिंगापुर डॉलर के मुकाबले करीब 30%
- हालिया निवेश: पिछले तीन वर्षों में करीब 9 अरब डॉलर
- रणनीति: लंबी अवधि की Growth Story पर भरोसा
उन्होंने बताया कि भारत के Public Market में अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। पहले की तुलना में भारतीय शेयर बाजार का आकार काफी बड़ा हो चुका है, जिससे बड़े निवेशकों के लिए निवेश करना और जरूरत पड़ने पर बाहर निकलना पहले से आसान हुआ है। इसी कारण टेमासेक अब सूचीबद्ध कंपनियों में भी अधिक रुचि दिखा रही है और आने वाले समय में अच्छे अवसर मिलने पर निवेश बढ़ा सकती है।
आईपीओ बाजार पर बात करते हुए लांबा ने कहा कि किसी भी कंपनी के लिए शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना केवल उसके विकास का एक चरण होता है। बाजार की मौजूदा स्थिति के कारण कुछ आईपीओ की रफ्तार धीमी दिखाई दे सकती है, लेकिन मजबूत कंपनियां लंबे समय में अपनी वास्तविक क्षमता के आधार पर अच्छा प्रदर्शन करती हैं। इसलिए टेमासेक किसी कंपनी में निवेश का फैसला केवल लिस्टिंग के आधार पर नहीं, बल्कि उसके लंबे समय के कारोबार और संभावनाओं को देखकर करती है।
Public Market और IPO पर कंपनी की रणनीति
उन्होंने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में कंपनी ने कुछ Pre-IPO निवेश भी किए हैं। उनके अनुसार, इससे किसी कंपनी में शुरुआत से अच्छी हिस्सेदारी बनाने का अवसर मिलता है और समय के साथ निवेश को बेहतर तरीके से बढ़ाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह कंपनी की रणनीति में बड़ा बदलाव नहीं है, बल्कि हर निवेश का फैसला अवसर और मूल्यांकन को देखकर किया जाता है।
आगे किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
- Artificial Intelligence: नई तकनीक और Application आधारित कारोबार
- Healthcare: बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश
- Pre-IPO: शुरुआती चरण में निवेश के अवसर
- Public Market: सूचीबद्ध कंपनियों में बढ़ती रुचि
- दीर्घकालिक लक्ष्य: भारत में निवेश का विस्तार
Artificial Intelligence को लेकर भी टेमासेक काफी आशावादी है। रवि लांबा का कहना है कि आने वाले वर्षों में एआई लगभग हर क्षेत्र का अहम हिस्सा बनने वाला है। उनका मानना है कि भारत विशेष रूप से Application स्तर पर मजबूत क्षमता रखता है, जहां नई तकनीक के जरिए कई नए कारोबार और सेवाओं का विकास होगा। कंपनी अपने मौजूदा निवेश वाले कारोबारों में भी एआई का बेहतर उपयोग बढ़ाने पर काम कर रही है, ताकि वे भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहें।
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी टेमासेक का भरोसा कायम है। लांबा ने कहा कि भारत में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है और इस क्षेत्र में लंबे समय तक विकास की अच्छी संभावना है। इसी कारण कंपनी इस सेक्टर में पहले से किए गए निवेश को आगे भी जारी रखना चाहती है। उनका मानना है कि बड़े नेटवर्क, बेहतर सेवाएं और आधुनिक तकनीक स्वास्थ्य क्षेत्र की कंपनियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
भारत में निवेश जारी रखने की तैयारी
भारत में निवेश को लेकर कंपनी का रुख सकारात्मक बना हुआ है। रवि लांबा ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में टेमासेक ने देश में करीब 9 अरब डॉलर का निवेश किया है और आगे भी अच्छे अवसर मिलने पर निवेश की गति जारी रहेगी। उनका कहना है कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था, मजबूत उपभोक्ता बाजार और लंबी अवधि की विकास क्षमता कंपनी के भरोसे को और मजबूत करती है। इसलिए वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत टेमासेक की निवेश रणनीति में सबसे महत्वपूर्ण बाजार बना रहेगा।
Disclaimer: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।
