सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को तेज बढ़त देखने को मिली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के कारण दोनों कीमती धातुओं में खरीदारी बढ़ी। घरेलू बाजार में सोना करीब 1,44,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच गया, जबकि चांदी में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई।
सोना और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी
MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना करीब 1.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,44,875 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी भी बढ़कर लगभग 2,25,334 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती दिखी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती रही।
सोना-चांदी की ताजा कीमतें
- सोना: करीब 1,44,875 रुपये प्रति 10 ग्राम
- चांदी: करीब 2,25,334 रुपये प्रति किलोग्राम
- बाजार: MCX
- मुख्य वजह: सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग
- असर: वैश्विक तनाव और रुपये की कमजोरी
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों का रुझान फिर से सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा है। इसके अलावा डॉलर में मजबूती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी कीमती धातुओं को सहारा दिया है। इसी बीच रुपये में कमजोरी आने से घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को अतिरिक्त समर्थन मिला।
बाजार जानकारों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में मुनाफावसूली के बाद अब सोने में निचले स्तर से दोबारा खरीदारी देखने को मिल रही है। निवेशक वैश्विक आर्थिक हालात और भू-राजनीतिक घटनाओं पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
बाजार की नजर फेडरल रिजर्व की बैठक पर
अब निवेशकों की नजर 29 जुलाई को होने वाली अमेरिकी Federal Reserve की बैठक पर है। माना जा रहा है कि ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेत सोने और चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अगर ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख सामने आता है तो बाजार की चाल बदल सकती है।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए
- Federal Reserve: ब्याज दरों पर फैसला
- वैश्विक तनाव: अमेरिका-ईरान घटनाक्रम
- डॉलर: अमेरिकी मुद्रा की चाल
- कच्चा तेल: अंतरराष्ट्रीय कीमतें
- मुख्य फोकस: bullion और investors की रणनीति
एक bullion रिपोर्ट के अनुसार, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,200 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बना रहता है तो इसमें नई तेजी देखने को मिल सकती है और कीमतें 4,500 डॉलर तक पहुंच सकती हैं। वहीं अगर यह 4,000 डॉलर के नीचे फिसलता है तो इसमें और गिरावट आने की संभावना रहेगी।
चांदी के बारे में भी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसकी कीमत 63 डॉलर प्रति औंस के ऊपर निकलती है तो इसमें मजबूत तेजी आ सकती है। दूसरी ओर, 55 डॉलर से नीचे जाने पर दबाव बढ़ सकता है और कीमतें और नीचे आ सकती हैं।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में investors को अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसले, वैश्विक तनाव, डॉलर की चाल और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रखनी चाहिए। यही प्रमुख कारण तय करेंगे कि सोना और चांदी की कीमतों में आगे तेजी बनी रहती है या फिर बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिलती है।
Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के लिए है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें और जोखिम समझें।
