कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए एथलेटिक्स में कई यादगार पल देखने को मिले। महिला शॉट पुट में मनप्रीत कौर पदक से चूक गईं, जबकि पैरा एथलेटिक्स में दिलीप गवित ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
मनप्रीत कौर शॉट पुट में पदक से चूकीं
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय महिला शॉट पुट खिलाड़ी मनप्रीत कौर पदक जीतने से थोड़ी दूर रह गईं। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में चौथा स्थान हासिल किया। उनका सबसे अच्छा थ्रो 17.49 मीटर रहा, लेकिन वह शीर्ष तीन खिलाड़ियों में जगह बनाने में सफल नहीं हो सकीं।
महिला शॉट पुट फाइनल की मुख्य बातें
- भारतीय खिलाड़ी: मनप्रीत कौर
- स्थान: चौथा
- सर्वश्रेष्ठ थ्रो: 17.49 मीटर
- स्वर्ण पदक: सारा मिट्टन (कनाडा)
- रजत पदक: जेसिका ओजी (नाइजीरिया)
- कांस्य पदक: लॉयड्रिसिया कैमरन (जमैका)
महिला शॉट पुट मुकाबले में कनाडा की सारा मिट्टन ने 19.88 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। नाइजीरिया की जेसिका ओजी और जमैका की लॉयड्रिसिया कैमरन ने 17.87 मीटर के थ्रो के साथ क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किया। मनप्रीत का प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन अंतिम दौर में वह पदक की दौड़ में आगे नहीं बढ़ पाईं।
मुकाबले की शुरुआत में मनप्रीत लगातार पदक की स्थिति के करीब बनी हुई थीं। उन्होंने शुरुआती दौर में अच्छे प्रयास किए और शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती दी। लेकिन जैसे-जैसे प्रतियोगिता आगे बढ़ी, अन्य खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया और भारतीय खिलाड़ी को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा।
मनप्रीत का अंतरराष्ट्रीय अनुभव और प्रदर्शन
मनप्रीत कौर इससे पहले भी कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उनका अनुभव और लगातार अच्छा प्रदर्शन उन्हें देश की प्रमुख शॉट पुट खिलाड़ियों में शामिल करता है। इस प्रतियोगिता में भी उन्होंने पूरे छह राउंड तक अपनी चुनौती बनाए रखी, लेकिन आखिरी समय में वह बड़ा सुधार नहीं कर पाईं जिसकी जरूरत पदक जीतने के लिए थी।
हालांकि पदक से चूकना उनके लिए निराशाजनक जरूर होगा, लेकिन उनका प्रदर्शन उनकी लंबे समय से चली आ रही मेहनत और क्षमता को दिखाता है। लगभग एक दशक से वह भारतीय एथलेटिक्स में अपना मजबूत स्थान बनाए हुए हैं और नई खिलाड़ियों के आने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मुकाबला कर रही हैं।
दिलीप गवित की ऐतिहासिक जीत
- स्पर्धा: पुरुष T47 100 मीटर दौड़
- पदक: स्वर्ण
- समय: 10.71 सेकंड
- रिकॉर्ड: नया रिकॉर्ड बनाया
- रजत पदक: मोहम्मद बासिल
- उपलब्धि: भारत ने पहला और दूसरा स्थान हासिल किया
दिलीप गवित ने पैरा एथलेटिक्स में जीता स्वर्ण
दूसरी ओर, भारत के लिए इसी प्रतियोगिता में पैरा एथलेटिक्स में बड़ी सफलता देखने को मिली। दिलीप गवित ने पुरुषों की T47 100 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 10.71 सेकंड के रिकॉर्ड समय के साथ दौड़ पूरी की और नया रिकॉर्ड बनाया।
दिलीप गवित ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और अंतिम लाइन तक अपनी स्थिति मजबूत रखी। भारत के ही मोहम्मद बासिल ने दूसरा स्थान हासिल कर रजत पदक जीता। इस तरह दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में पहला और दूसरा स्थान हासिल कर देश के लिए यादगार उपलब्धि दर्ज की।
दिलीप गवित महाराष्ट्र से आते हैं और T47 वर्ग में हिस्सा लेते हैं। कम उम्र में अपना दायां हाथ खोने के बावजूद उन्होंने कठिन मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने इससे पहले एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था और पेरिस पैरालंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
भारत के पदक अभियान पर नजर
शुरुआत में गवित से 400 मीटर स्पर्धा में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने 100 मीटर दौड़ में अपनी तेज गति और क्षमता दिखाकर सभी को प्रभावित किया। उनका शानदार प्रदर्शन भारत के पैरा एथलेटिक्स कार्यक्रम की बढ़ती ताकत को भी दर्शाता है।
भारत के पैरा खिलाड़ियों ने पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस बार भी खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन किया है। अब सभी की नजर आने वाले मुकाबलों पर है, जहां भाला फेंक खिलाड़ी Neeraj Chopra भी मैदान में उतरेंगे।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अब तक भारत ने कुल 15 पदक जीते हैं, जिसमें तीन स्वर्ण, नौ रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। खिलाड़ियों के प्रदर्शन से देश को आगे भी बेहतर परिणामों की उम्मीद है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी खेल आयोजन से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के आधार पर दी गई है। आधिकारिक परिणामों में बदलाव संभव है।
