भारत के Deeptech स्टार्टअप्स पर बढ़ा फैमिली ऑफिस का भरोसा

भारत में Deeptech स्टार्टअप्स को अब केवल वेंचर कैपिटल फंड ही नहीं, बल्कि देश के बड़े कारोबारी परिवारों के फैमिली ऑफिस भी तेजी से निवेश दे रहे हैं। ऐसे स्टार्टअप्स को अपना उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में कई साल लग जाते हैं, इसलिए इन्हें लंबे समय तक पूंजी की जरूरत होती है। यही वजह है कि फैमिली ऑफिस इस क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रहे हैं।

Deeptech स्टार्टअप्स में फैमिली ऑफिस का बढ़ता निवेश

एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में फैमिली ऑफिस की संख्या 2018 में करीब 45 थी, जो 2024 तक बढ़कर 300 से ज्यादा हो गई। इनके पास 30 से 35 अरब डॉलर की संपत्ति का प्रबंधन है। स्टार्टअप्स में इनका निवेश भी 2020 के 654 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2025 में करीब 1.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

इन निवेशों में सबसे तेज बढ़ोतरी डीपटेक कंपनियों में देखने को मिली। 2020 में जहां इस क्षेत्र में केवल 15.3 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ था, वहीं 2025 में यह बढ़कर 467.1 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। इसी दौरान भारत के पूरे डीपटेक क्षेत्र में कुल निवेश 302 मिलियन डॉलर से बढ़कर 1.34 अरब डॉलर हो गया।

📊 Deeptech निवेश के प्रमुख आंकड़े

  • फैमिली ऑफिस (2018): 45
  • फैमिली ऑफिस (2024): 300+
  • प्रबंधित संपत्ति: 30–35 अरब डॉलर
  • Deeptech निवेश (2025): 467.1 मिलियन डॉलर
  • कुल Deeptech निवेश: 1.34 अरब डॉलर

लंबी अवधि के निवेश से मिल रहा स्टार्टअप्स को सहारा

विशेषज्ञों का कहना है कि वेंचर कैपिटल फंड आमतौर पर पांच से छह साल में निवेश पर रिटर्न चाहते हैं, जबकि डीपटेक कंपनियों को सफल होने में 15 से 20 साल भी लग सकते हैं। फैमिली ऑफिस अपनी खुद की पूंजी लगाते हैं, इसलिए उन पर तय समय में पैसा वापस करने का दबाव नहीं होता। इसी कारण वे ऐसे कारोबारों में लंबे समय तक निवेश बनाए रख सकते हैं।

निवेश की राशि भी पहले की तुलना में काफी बढ़ी है। कुछ साल पहले जहां एक निवेश कुछ करोड़ रुपये तक सीमित रहता था, वहीं अब कई फैमिली ऑफिस पहले से कई गुना बड़ी रकम लगाने को तैयार हैं। इससे नई तकनीक पर काम करने वाली कंपनियों को विस्तार करने में मदद मिल रही है।

सरकारी समर्थन से बढ़ा निवेशकों का भरोसा

सरकार की ओर से भी इस क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है। रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन फंड के जरिए कई तकनीकी परियोजनाओं को सहायता दी जा रही है। स्पेस से जुड़ी कंपनियों को पहले चरण में सबसे अधिक मंजूरी मिली है, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

निवेशकों का मानना है कि अब यह क्षेत्र केवल रिसर्च तक सीमित नहीं है। कई कंपनियां अपने उत्पाद बाजार में बेच रही हैं, कमाई कर रही हैं और तेजी से कारोबार बढ़ा रही हैं। इसी वजह से उनकी वैल्यू भी बढ़ रही है और निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।

🚀 किन क्षेत्रों में बढ़ रहा निवेश

  • मुख्य सेक्टर: Deeptech
  • अन्य क्षेत्र: स्पेस, AI, रक्षा
  • नए फंड: फैमिली ऑफिस द्वारा लॉन्च
  • निवेश का उद्देश्य: लंबी अवधि की वृद्धि
  • भविष्य: एयरोस्पेस और मेडिकल टेक पर फोकस

AI, स्पेस और रक्षा क्षेत्र में बढ़ी गतिविधियां

हाल के महीनों में कई बड़े सौदे भी हुए हैं। स्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा और नई तकनीक से जुड़ी कई भारतीय कंपनियों में बड़े कारोबारी परिवारों ने निवेश किया है। इसके अलावा कुछ फैमिली ऑफिस ने खास तौर पर ऐसी कंपनियों के लिए नए फंड भी शुरू किए हैं।

भारत के Deeptech सेक्टर का भविष्य

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले आठ से दस वर्षों में भारत के फैमिली ऑफिस डीपटेक, एयरोस्पेस, मेडिकल तकनीक और अन्य उन्नत क्षेत्रों में पहले से कहीं अधिक निवेश करेंगे। इससे देश में नई तकनीक विकसित करने वाली कंपनियों को मजबूती मिलेगी और भारत का नवाचार क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ सकेगा।

Disclaimer: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्ट और उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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