दिल्ली में सोने की कीमतों में हालिया गिरावट ने खरीदारों और निवेशकों दोनों का ध्यान खींचा है। जुलाई 2026 की शुरुआत से गोल्ड रेट में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिससे बाजार में हलचल बनी हुई है और खरीदारी से पहले सही जानकारी लेना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।
दिल्ली में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। 9 जुलाई 2026 को राजधानी में 24 कैरेट सोने का भाव 1,43,270 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। इससे एक दिन पहले 8 जुलाई को यही कीमत 1,45,400 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। यानी एक दिन में 24 कैरेट सोना 2,130 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत 1,31,340 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। जुलाई के शुरुआती दिनों में सोने के दाम में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिससे बाजार में हलचल बनी हुई है।
दिल्ली में सोने की कीमत में गिरावट, 24 कैरेट गोल्ड 2,130 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता
पिछले 10 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल्ली में 24 कैरेट सोने की औसत कीमत करीब 1,43,605 रुपये प्रति 10 ग्राम रही है। जुलाई में अब तक 24 कैरेट सोने का सबसे ऊंचा भाव 5 जुलाई को 1,49,460 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि सबसे निचला स्तर 9 जुलाई को 1,43,270 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। 3 जुलाई को यह कीमत 1,43,940 रुपये थी, जिसके बाद कुछ दिनों तक तेजी आई, लेकिन फिर गिरावट देखने को मिली। इससे साफ है कि इस महीने सोने के दाम लगातार अस्थिर बने हुए हैं।
देश के बड़े शहरों की बात करें तो 9 जुलाई को चेन्नई और दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,43,270 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि कोलकाता और मुंबई में यह 1,43,120 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। राज्यों के हिसाब से देखें तो तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में 24 कैरेट सोने का भाव 1,43,270 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि गुजरात और मध्य प्रदेश में यह 1,43,120 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। बिहार में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,43,170 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई।
10 दिनों का ट्रेंड और बड़े शहरों में 24 कैरेट सोने के ताजा भाव
दिल्ली गोल्ड रेट: 9 जुलाई 2026 की बड़ी बातें
- 24 कैरेट सोना: 1,43,270 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: 1,31,340 रुपये प्रति 10 ग्राम
- एक दिन की गिरावट: 24 कैरेट में 2,130 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी
- 8 जुलाई 2026 रेट: 1,45,400 रुपये प्रति 10 ग्राम
- जुलाई का उच्चतम स्तर: 5 जुलाई को 1,49,460 रुपये प्रति 10 ग्राम
- जुलाई का निचला स्तर: 9 जुलाई को 1,43,270 रुपये प्रति 10 ग्राम
सोने की शुद्धता की बात करें तो 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, लेकिन यह काफी मुलायम होता है, इसलिए इसका इस्तेमाल आमतौर पर गहनों के बजाय सिक्कों और निवेश में ज्यादा किया जाता है। 22 कैरेट सोना भारतीय आभूषणों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है, क्योंकि इसमें अन्य धातुएं मिलाने से मजबूती बढ़ जाती है। इसके अलावा 18 कैरेट और 14 कैरेट सोना भी बाजार में उपलब्ध रहता है, जो ज्यादा मजबूत होता है लेकिन उसमें सोने की मात्रा कम होती है।
अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह समझना जरूरी है कि ऑनलाइन दिखने वाला रेट केवल बेस प्राइस होता है। ज्वेलरी खरीदते समय इसमें मेकिंग चार्ज और 3 फीसदी GST भी जुड़ता है, जिससे अंतिम कीमत बढ़ जाती है। स्टोन जड़ित गहनों में पत्थरों का वजन अलग माना जाता है, इसलिए बिल बनाते समय केवल शुद्ध सोने के वजन पर ही कीमत तय होती है। खरीदारी के समय BIS हॉलमार्क, शुद्धता का निशान और 6 अंकों वाला HUID कोड जरूर जांचना चाहिए, ताकि सोने की गुणवत्ता और असली होने की पुष्टि हो सके।
24 कैरेट और 22 कैरेट सोने का फर्क, खरीदारी में किन बातों का रखें ध्यान
जो लोग फिजिकल गोल्ड की जगह निवेश के दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं, उनके लिए डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF, गोल्ड म्यूचुअल फंड और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्प मौजूद हैं। डिजिटल गोल्ड में छोटी रकम से निवेश शुरू किया जा सकता है, जबकि ETF और म्यूचुअल फंड बाजार भाव के अनुसार ट्रेड होते हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में सोने की कीमत बढ़ने का फायदा मिलने के साथ तय ब्याज भी मिलता है। इस वजह से कई निवेशक अब गहनों के बजाय निवेश वाले गोल्ड विकल्पों की तरफ भी रुख कर रहे हैं।
सोने में निवेश के विकल्प और खरीदारी चेकलिस्ट
- फिजिकल गोल्ड: ज्वेलरी, सिक्के और बार के रूप में खरीदारी
- डिजिटल गोल्ड: छोटी रकम से निवेश की सुविधा
- गोल्ड ETF / म्यूचुअल फंड: बाजार भाव के अनुसार निवेश का विकल्प
- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड: सोने की कीमत बढ़ने के साथ तय ब्याज का लाभ
- खरीदारी से पहले जांचें: BIS हॉलमार्क, शुद्धता का निशान और 6 अंकों वाला HUID कोड
- अंतिम बिल में शामिल: बेस प्राइस के अलावा मेकिंग चार्ज और 3 फीसदी GST
सोने और चांदी की कीमतों पर वैश्विक आर्थिक हालात, डॉलर की चाल, ब्याज दरें, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की मांग का सीधा असर पड़ता है। जब दुनिया में आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, महंगाई तेज होती है या किसी तरह का वैश्विक संकट आता है, तब निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानकर इसमें पैसा लगाते हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल होने पर घरेलू बाजार में भी सोने-चांदी के दाम तेजी से बदलते हैं। फिलहाल दिल्ली में सोने की कीमत में आई गिरावट ने खरीदारों को थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव अभी भी बना हुआ है।
गोल्ड रेट पर वैश्विक हालात, डॉलर, ब्याज दर और निवेशकों की मांग का असर
Disclaimer: सोने की कीमतें बाजार और शहर के अनुसार बदल सकती हैं। खरीदारी या निवेश से पहले ताजा रेट और आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें।

