झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने धनबाद दौरे के दौरान चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने ईवीएम सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
धनबाद दौरे पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, ईवीएम सुरक्षा और मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारियों का लिया जायजा
धनबाद पहुंचे मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, ईवीएम सुरक्षा और मतदाता सूची पुनरीक्षण की समीक्षा
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार सोमवार को धनबाद पहुंचे, जहां उन्होंने जिले में चुनाव संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ईवीएम और वीवीपैट वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की प्रगति पर अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न होने पाए।
दौरे की शुरुआत में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आदित्य रंजन के साथ ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था, लॉकिंग सिस्टम, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और अग्निशमन उपकरणों की स्थिति की बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वेयरहाउस की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी सुरक्षा एवं फायर फाइटिंग सिस्टम हर समय पूरी तरह सक्रिय रहें।
🗳️ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के दौरे की मुख्य बातें
- स्थान: धनबाद
- निरीक्षण: ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस
- मुख्य फोकस: सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता
- समीक्षा: विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR)
- निर्देश: पात्र मतदाता का नाम अवश्य शामिल हो
राजनीतिक दलों की मौजूदगी में हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उनके साथ ईवीएम प्रबंधन और मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया।
इसके बाद उन्होंने भूली स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय और गुरुनानक मध्य विद्यालय मतदान केंद्रों का दौरा कर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा किए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे। मतदाताओं को फॉर्म भरकर एक प्रति बीएलओ को देनी होगी, जबकि दूसरी प्रति पावती के रूप में अपने पास सुरक्षित रखनी होगी।
के. रवि कुमार ने बताया कि जिन मतदाताओं का पूर्व मतदाता सूची से सफलतापूर्वक मिलान हो जाएगा, उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं जिन मामलों में मिलान नहीं हो सकेगा, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र मतदाताओं का नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
📋 मतदाता सूची पुनरीक्षण की जरूरी जानकारी
- अभियान अवधि: 30 जून से 29 जुलाई
- कार्य: घर-घर जाकर इन्यूमरेशन फॉर्म वितरण
- दस्तावेज: जरूरत पड़ने पर ही मांगे जाएंगे
- प्रारूप सूची: 5 अगस्त को प्रकाशित होगी
- उद्देश्य: शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने नागरिकों से की अपील
उन्होंने कहा कि निर्धारित समय के भीतर इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने वाले सभी पात्र मतदाताओं के नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें और बीएलओ को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं।
मीडिया से बातचीत में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत संचालित किया जा रहा है। इसके प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाई जाए।
डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। प्रशासन की ओर से जारी नए निर्देशों के अनुसार जानकारी में बदलाव संभव है।

