भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत मुनाफावसूली के दबाव के साथ हुई। निफ्टी 50 एक बार फिर 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बंद हुआ, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि F&O एक्सपायरी और वैश्विक संकेतों के चलते आने वाले सत्रों में बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है।
Stock Market: 24,000 के नीचे फिसला निफ्टी, जानें अब किन स्तरों पर रहेगी निवेशकों की नजर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में मुनाफावसूली का दबाव देखने को मिला।
Stock Market: 24,000 के नीचे फिसला निफ्टी, जानें किन स्तरों पर रहेगी बाजार की नजर
सोमवार को निफ्टी 50 करीब 0.46% यानी 110 अंक टूटकर 23,946 पर बंद हुआ और एक बार फिर 24,000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है और अगले कुछ सत्रों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
कारोबार की शुरुआत सामान्य रही और निफ्टी दिन के दौरान 24,120 तक पहुंचा, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली बढ़ने से बाजार ने अपनी बढ़त गंवा दी। दूसरे कारोबारी सत्र में दबाव बढ़ने के बाद निफ्टी 23,925 के इंट्राडे निचले स्तर तक फिसल गया। तकनीकी चार्ट पर यह एक कमजोर संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इंडेक्स 100-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) और गिरती हुई रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन को पार नहीं कर सका।
📈 निफ्टी के प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस
- क्लोजिंग: 23,946
- महत्वपूर्ण सपोर्ट: 23,800-23,750
- प्रमुख रेजिस्टेंस: 24,200-24,300
- अगला लक्ष्य: 24,500-24,600
- फोकस: F&O एक्सपायरी और वैश्विक संकेत
तकनीकी चार्ट क्या संकेत दे रहे हैं?
विश्लेषकों के अनुसार मासिक F&O एक्सपायरी और वैश्विक घटनाक्रम, खासकर अमेरिका-ईरान के बीच बने अस्थायी शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता भी निवेशकों को सतर्क बनाए हुए है। जब तक निफ्टी 24,200 से 24,300 के रेजिस्टेंस जोन को मजबूती से पार नहीं करता, तब तक इसमें बड़ी तेजी की संभावना कम दिखाई देती है।
तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल 23,800 से 23,750 का स्तर निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट है। यदि यह स्तर टूटता है तो बाजार में बिकवाली और तेज हो सकती है। वहीं 24,200-24,300 के ऊपर टिकाऊ बढ़त मिलने पर निफ्टी 24,500 से 24,600 के स्तर की ओर बढ़ सकता है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी की अल्पकालिक चाल फिलहाल कमजोर बनी हुई है। आने वाले एक-दो कारोबारी सत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। उनके अनुसार 23,800 पर मजबूत सपोर्ट और 24,250 के आसपास तत्काल रेजिस्टेंस मौजूद है।
🏦 बैंक निफ्टी पर रखें नजर
- क्लोजिंग: 57,727
- सपोर्ट: 57,400-57,200
- नीचे लक्ष्य: 56,600
- रेजिस्टेंस: 58,200-58,300
- रुझान: लंबी अवधि की मजबूती बरकरार
RSI, MACD और ऑप्शन डेटा का संकेत
तकनीकी संकेतकों की बात करें तो निफ्टी अभी भी अपने 20-दिवसीय और 50-दिवसीय EMA के ऊपर कारोबार कर रहा है, जिससे बाजार में लंबी अवधि की मजबूती बनी हुई है। हालांकि, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) घटकर 53.89 पर आ गया है और MACD हिस्टोग्राम भी लगातार कमजोर हो रहा है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार फिलहाल कंसोलिडेशन यानी सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है।
ऑप्शन डेटा भी यही संकेत दे रहा है कि 24,000 का स्तर बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। निकट अवधि में निफ्टी के 23,800 से 24,200 के दायरे में कारोबार करने की संभावना जताई जा रही है।
बैंक निफ्टी और निवेशकों के लिए सलाह
दूसरी ओर बैंकिंग शेयरों में भी मुनाफावसूली देखने को मिली। बैंक निफ्टी 450 अंक यानी 0.77% की गिरावट के साथ 57,727 पर बंद हुआ और 58,000 के स्तर से नीचे फिसल गया। हालांकि, इंडेक्स अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जिससे इसकी लंबी अवधि की मजबूती बरकरार मानी जा रही है।
एसबीआई सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव और तकनीकी शोध प्रमुख सुदीप शाह के अनुसार बैंक निफ्टी के लिए 57,400 से 57,200 का स्तर मजबूत सपोर्ट रहेगा। यदि इंडेक्स 57,200 से नीचे बंद होता है तो यह 56,600 तक फिसल सकता है। वहीं ऊपर की ओर 58,200 से 58,300 का दायरा फिलहाल प्रमुख रेजिस्टेंस माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू और वैश्विक संकेतों के साथ F&O एक्सपायरी के कारण अगले कुछ दिनों तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े दांव लगाने के बजाय महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले वित्तीय सलाह अवश्य लें।

